नाबालिग को बहला-फुसलाकर ले जाने और दुष्कर्म के मामले में अभियुक्त को 20 साल की सजा
सोनभद्र। विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो एक्ट) सोनभद्र ओमकार शुक्ला की अदालत ने थाना दुद्धी से संबंधित वर्ष 2019 के मामले में अभियुक्त छोटेलाल पुत्र प्रह्लाद, निवासी हथवानी साउडीह, थाना हाथीनाला, सोनभद्र को नाबालिग पीड़िता को बहला-फुसलाकर ले जाने और दुष्कर्म के अपराध में दोषी करार देते हुए 20 वर्ष के कारावास की सजा सुनाई है
8:16 PM, Sep 30, 2026
Share:
Edited By: Shaktipal , Reported By: Son prabhat live

सोनभद्र। विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो एक्ट) सोनभद्र ओमकार शुक्ला की अदालत ने थाना दुद्धी से संबंधित वर्ष 2019 के मामले में अभियुक्त छोटेलाल पुत्र प्रह्लाद, निवासी हथवानी साउडीह, थाना हाथीनाला, सोनभद्र को नाबालिग पीड़िता को बहला-फुसलाकर ले जाने और दुष्कर्म के अपराध में दोषी करार देते हुए 20 वर्ष के कारावास की सजा सुनाई है। न्यायालय ने अभियुक्त पर कुल 40 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है।अर्थदंड अदा न करने पर अभियुक्त को छह माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। न्यायालय ने स्पष्ट किया कि अभियुक्त द्वारा जेल में बिताई गई पूर्व अवधि का नियमानुसार सजा में समायोजन किया जाएगा। सभी सजाएं साथ-साथ चलेंगी।13 वर्ष दो माह थी पीड़िता की उम्रअभियोजन के अनुसार घटना 22 जून 2019 की है। उस समय पीड़िता की उम्र करीब 13 वर्ष दो माह थी, जबकि अभियुक्त की उम्र लगभग 35 वर्ष थी। आरोप था कि अभियुक्त पीड़िता को बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गया और उसके साथ दुष्कर्म किया।मामले की विवेचना के दौरान पीड़िता के बयान, चिकित्सकीय परीक्षण, जन्मतिथि प्रमाण-पत्र समेत अन्य महत्वपूर्ण साक्ष्य जुटाए गए। अभियोजन पक्ष की ओर से वादी और पीड़िता समेत कुल नौ गवाहों के बयान न्यायालय में दर्ज कराए गए तथा दस्तावेजी साक्ष्य भी प्रस्तुत किए गए।इन धाराओं में हुई सजान्यायालय ने अभियुक्त को धारा 363 भादंसं के तहत पांच वर्ष का कारावास और पांच हजार रुपये अर्थदंड, जबकि धारा 366 भादंसं के तहत सात वर्ष का कारावास और 10 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई।इसके अलावा धारा 376(3) भादंसं एवं पॉक्सो एक्ट की धारा 4 के तहत अभियुक्त को 20 वर्ष के कारावास और 25 हजार रुपये अर्थदंड से दंडित किया गया। अर्थदंड न देने पर छह माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। न्यायालय के आदेश के अनुसार सभी सजाएं साथ-साथ चलेंगी।पीड़िता को मिलेगी अर्थदंड की राशिन्यायालय ने निर्देश दिया कि अर्थदंड की पूरी 40 हजार रुपये की राशि पीड़िता को चिकित्सा, मानसिक आघात की पूर्ति और पुनर्वास के लिए सहायता के रूप में नियमानुसार प्रदान की जाए।अभियोजन पक्ष की ओर से सरकारी अधिवक्ता दिनेश प्रसाद अग्रहरी और नीरज कुमार सिंह ने पैरवी की।
यह भी पढ़ें






