नवरात्र का तीसरा दिन- घंटे की ध्वनि के साथ करें माँ चंद्रघंटा की आरती, दूध और उससे बनी चीजों का लगाएं भोग
नवरात्र का तीसरा दिन आज, माँ चंद्रघंटा की आराधना से मिलती है शांति और साहस की प्रेरणा.
sonebhadra
6:36 PM, Oct 12, 2026
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Edited By: U. Gupta

नवरात्र का तीसरा दिन आज, माँ चंद्रघंटा की आराधना से मिलती है शांति और साहस की प्रेरणा
शारदीय नवरात्रि के तीसरे दिन माँ दुर्गा के तीसरे स्वरूप माँ चंद्रघंटा की पूजा-अर्चना की जाती है। तेजस्वी और दिव्य स्वरूप वाली माँ चंद्रघंटा को साहस, शक्ति और शांति का प्रतीक माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, माँ की आराधना से भक्तों को भय से मुक्ति, आत्मबल और सकारात्मक ऊर्जा की प्रेरणा मिलती है।
माँ चंद्रघंटा का स्वरूप अत्यंत तेजस्वी है। उनका वर्ण स्वर्ण के समान चमकीला है और मस्तक पर घंटे के आकार का अर्धचंद्र सुशोभित है, जिसके कारण उन्हें चंद्रघंटा कहा जाता है। माँ की दस भुजाएं हैं, जिनमें कमल, कमंडल, त्रिशूल, गदा, तलवार, धनुष और बाण सहित विभिन्न अस्त्र-शस्त्र सुशोभित हैं। उनके हाथों में आशीर्वाद और अभय मुद्रा भी भक्तों को निर्भयता का संदेश देती है। माँ का वाहन बाघ है, जो शक्ति और पराक्रम का प्रतीक माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, माँ चंद्रघंटा का संबंध मणिपुर चक्र से माना जाता है। साधक ध्यान और साधना के माध्यम से माँ का स्मरण करते हैं। मान्यता है कि माँ की कृपा से साधक के जीवन में साहस, आत्मविश्वास और आध्यात्मिक चेतना का विकास होता है। माँ का प्रचंड स्वरूप दुष्ट शक्तियों का नाश करने वाला तथा धर्म और न्याय की रक्षा करने वाला माना जाता है।
नवरात्र के तीसरे दिन माँ चंद्रघंटा की पूजा में दूध या दूध से बनी वस्तुओं का भोग लगाने की परंपरा है। माँ को सफेद और लाल फूल अर्पित किए जाते हैं। धार्मिक मान्यता के अनुसार, विधि-विधान से पूजा करने और श्रद्धापूर्वक आरती करने से घर-परिवार में सुख, शांति और समृद्धि की कामना की जाती है। माँ की आरती के दौरान घंटा बजाने का विशेष महत्व बताया गया है। श्रद्धालु कन्याओं को रोली, आईना और खिलौने आदि भेंट कर उनका आशीर्वाद भी लेते हैं।
माँ चंद्रघंटा का पूजा मंत्र--
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या देवी सर्वभूतेषु
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माँ चंद्रघंटा रूपेण संस्थिता।
नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै
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नमो नमः॥
नवरात्र के तीसरे दिन माँ चंद्रघंटा की आराधना श्रद्धालुओं को शक्ति, संयम और निर्भयता का संदेश देती है। भक्त माँ से परिवार की सुख-समृद्धि, शांति और मंगलमय जीवन की कामना करते हैं।






