भयावह पर्यावरण प्रदूषण के खिलाफ आदिवासी आर-पार की लड़ाई को तैयार.
दुद्धी विधानसभा क्षेत्र में नए क्रशर प्लांट लगाए जाने के विरोध में विशाल जुलूस
duddhi
1:23 PM, Jan 6, 2026
Share:
Edited by: Ashish Gupta

दुद्धी विधानसभा क्षेत्र में नए क्रशर प्लांट लगाए जाने के विरोध में विशाल जुलूस
पर्यावरण प्रदूषण के बढ़ते खतरे और आदिवासी अधिकारों पर पड़ने वाले दुष्प्रभावों के मद्देनजर दुद्धी विधानसभा क्षेत्र में नए क्रशर प्लांट लगाए जाने के विरोध में आदिवासी समाज आर-पार की लड़ाई को तैयार हो गया है। इसी क्रम में सोमवार को सोनभद्र जनपद के कलेक्ट्रेट कार्यालय पर गोंडवाना गणतंत्र पार्टी, जीएसयू एवं विभिन्न सामाजिक संगठनों के संयुक्त तत्वावधान में एक विशाल जुलूस निकाला गया।

विज्ञापन
इस जुलूस में हजारों की संख्या में आदिवासी समाज सहित अन्य वर्गों के लोग शामिल हुए। जुलूस शांतिपूर्ण तरीके से कलेक्ट्रेट परिसर पहुँचा, जहाँ जिलाधिकारी बद्रीनाथ प्रसाद को एक महत्वपूर्ण ज्ञापन सौंपा गया।
ज्ञापन के माध्यम से प्रमुख मांग रखी गई कि दुद्धी विधानसभा क्षेत्र सहित पूरे सोनभद्र जिले में किसी भी प्रकार का क्रशर प्लांट न लगाया जाए , क्योंकि इससे पर्यावरण प्रदूषण में भारी वृद्धि होगी और इसका सीधा असर स्थानीय आदिवासी आबादी के स्वास्थ्य, जीवन और आजीविका पर पड़ेगा। इसके साथ ही यह भी स्पष्ट किया गया कि ग्राम समाज एवं ग्राम सभा की पूर्व सहमति के बिना कोई भी उद्योग या परियोजना स्थापित न की जाए , ताकि आदिवासी समाज के संवैधानिक अधिकारों की रक्षा सुनिश्चित हो सके।

विज्ञापन
यह भी पढ़ें
इसके अतिरिक्त, ज्ञापन में अनुसूचित जनजाति के आरक्षण में की जा रही कटौती पर भी गहरा विरोध दर्ज कराया गया। वक्ताओं ने इसे आदिवासी समाज के साथ अन्याय बताते हुए सरकार को चेताया कि इस नीति के खिलाफ आंदोलन और तेज किया जाएगा। इसी क्रम में एक दिवसीय धरना प्रदर्शन कर विरोध दर्ज कराया गया।
सभा को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि स्वतंत्रता संग्राम सेनानी भगवान बिरसा मुंडा के वंशज आदिवासी समाज ने हमेशा जल, जंगल और जमीन की रक्षा के लिए संघर्ष किया है और आगे भी लोकतांत्रिक एवं संवैधानिक तरीके से अपने अधिकारों की लड़ाई जारी रखेगा।
विज्ञापन
कार्यक्रम पूरी तरह शांतिपूर्ण रहा, लेकिन इसमें आदिवासी समाज की एकता, जागरूकता और संघर्षशील चेतना स्पष्ट रूप से देखने को मिली।
इस अवसर पर प्रमुख रूप से आदिवासी नेता जय मंगल उरेती, संजय कुमार गोंड धुर्वे, बबई मरकाम, रमाशंकर गौड़ सहित हजारों की संख्या में आदिवासी नेता, कार्यकर्ता एवं ग्रामीण मौजूद रहे।






