UP Panchayat elections: यूपी पंचायत चुनाव समय पर होंगे, भ्रम की कोई स्थिति नहीं — पंचायती राज मंत्री ओमप्रकाश राजभर
स्रोत : @oprajbhar | सोन प्रभात न्यूज/ यूपी पंचायत चुनाव
4:50 PM, Feb 16, 2026
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Edited by: Son Prabhat

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उत्तर प्रदेश में प्रस्तावित त्रिस्तरीय यूपी पंचायत चुनाव को लेकर सियासी हलचल और प्रशासनिक तैयारियां तेज हो गई हैं। इसी बीच प्रदेश के पंचायती राज मंत्री Om Prakash Rajbhar ने एक अहम बयान देते हुए स्पष्ट किया है कि राज्य में पंचायत चुनाव अपने निर्धारित समय पर ही संपन्न कराए जाएंगे और इसे लेकर किसी भी प्रकार के संशय या भ्रम की स्थिति उत्पन्न करने की आवश्यकता नहीं है।
जौनपुर दौरे पर मीडिया से बातचीत करते हुए मंत्री राजभर ने कहा कि बीते कुछ दिनों से सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स एवं राजनीतिक मंचों पर पंचायत चुनाव की तिथि को लेकर भ्रामक जानकारियां प्रसारित की जा रही हैं, जिससे आम जनता और जनप्रतिनिधियों के बीच अनिश्चितता का माहौल बन रहा है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि—
“एसआईआर (Special Intensive Revision), बोर्ड परीक्षाएं एवं संभावित जनगणना कार्यक्रम जैसी प्रशासनिक प्रक्रियाएं जरूर चल रही हैं, लेकिन इनका पंचायत चुनाव की समयसीमा पर कोई प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ेगा।”
उन्होंने भरोसा दिलाया कि राज्य सरकार एवं प्रशासनिक मशीनरी पूरी तरह से चुनाव आयोग के साथ समन्वय स्थापित कर कार्य कर रही है और चुनाव प्रक्रिया को समयबद्ध तरीके से पूर्ण कराने हेतु सभी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।
आयोग ने जारी किए दिशा-निर्देश
उधर, Uttar Pradesh State Election Commission ने भी पंचायत चुनाव की तैयारियों को लेकर प्रदेश के सभी जिला निर्वाचन अधिकारियों (DEOs) को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए हैं। आयोग द्वारा—
- मतदाता सूची के अद्यतन (Updation)
- मृत एवं स्थानांतरित मतदाताओं के नाम विलोपन
- नए पात्र मतदाताओं के नाम समावेशन
- बूथ स्तरीय अभिलेखों की शुद्धता
सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि चुनाव प्रक्रिया पारदर्शी एवं निष्पक्ष ढंग से संपन्न कराई जा सके।

UP Panchayat elections
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सूत्रों के अनुसार, राज्य स्तर पर वार्ड परिसीमन, आरक्षण रोस्टर एवं ग्राम पंचायतों के पुनर्गठन से संबंधित फाइलों पर भी तेजी से कार्य किया जा रहा है, जो पंचायत चुनाव की समय-सारणी तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
सियासी बयानबाज़ी भी तेज
मंत्री राजभर ने इस दौरान Akhilesh Yadav पर निशाना साधते हुए कहा कि पीडीए (पिछड़ा, दलित एवं अल्पसंख्यक) के नाम पर वोट बैंक की राजनीति की जा रही है। उन्होंने दावा किया कि—
“वास्तविक सामाजिक न्याय और पीडीए की अवधारणा को जमीनी स्तर पर लागू करने की क्षमता उनके नेतृत्व में ही संभव है।”
साथ ही उन्होंने समाजवादी पार्टी के संगठनात्मक ढांचे में नेतृत्व के पुनर्मूल्यांकन की आवश्यकता पर भी जोर दिया।
अप्रैल–मई में संभावित चुनाव
राजनीतिक गलियारों में अप्रैल–मई 2026 के बीच पंचायत चुनाव कराए जाने की संभावनाओं को लेकर चर्चाएं तेज हैं। आयोग के ताजा निर्देशों के बाद—
- विभिन्न राजनीतिक दलों ने अपनी चुनावी रणनीति बनानी शुरू कर दी है
- संभावित प्रत्याशियों द्वारा क्षेत्रीय स्तर पर जनसंपर्क अभियान तेज किए जा रहे हैं
- प्रशासनिक स्तर पर मतदान केंद्रों की सूची एवं सुरक्षा प्रबंधन की समीक्षा की जा रही है.
बताया जा रहा है कि आगामी कुछ सप्ताहों में निर्वाचन आयोग द्वारा चुनाव कार्यक्रम की औपचारिक घोषणा भी की जा सकती है.






