आखिर कब सुधरेंगी ये निजी शिक्षण संस्थाएं...??
सोनप्रभात विशेष:- सम्पादकीय
11:17 AM, Apr 11, 2020
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Edited by: Ashish Gupta

सोनप्रभात विशेष:- सम्पादकीय
सुरेश गुप्त "ग्वालियरी"
सम्पादक मण्डल सदस्य- सोनप्रभात
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- ~शिक्षा विभाग व प्रशासन शैक्षिणिक माफियागिरी को रोके।

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इस आपदा काल में जहाँ मध्यम वर्गीय परिवार आर्थिक संकट झेलने को मजबूर है , आर्थिक दुश्वारियां बढ़ती जा रही है,अनेक स्वयं सेवी संस्थाएं , स्वाथ्य कर्मी , चिकित्सक,सुरक्षा कर्मी तथा समाज सेवी जन इस संक्रमण काल में अपना यथा योग्य सहयोग उपलब्ध करा रहे है , वहीं ये निजी शिक्षण संस्थाएँ अपनी झोली भरने में लिप्त हैं । प्रत्येक बर्ष फीस बृद्धि ,पाठ्य पुस्तकों मे बदलाव ,किताबों पर ओवर रेटिंग, निर्धारित पुस्तक विक्रेताओं के एकाधिकार से आम अभिवावक में रोष व्याप्त है,इस शैक्षिणिक माफियागिरी से मध्यम वर्ग का शोषण हो रहा है।
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शिक्षा विभाग व प्रशासन से अभिवावकों का नम्र निवेदन है, कि इस गम्भीर समस्या पर अविलम्ब कार्यवाही कर संबंधितो पर कारवाही करें। तथा ''सब पढ़े और सब बढ़े'' के स्वप्न को साकार करने मे सहयोग प्रदान करें। विदित हो पाठ्य पुस्तकों मे हर बर्ष बदलाव से पुरानी पुस्तकें अनुपयोगी होकर अभिवावकों का आर्थिक बोझ बढ़ाती है।






