*जान दे देंगे, जमीन नहीं देंगे” — विंध्य एक्सप्रेस-वे के विरोध में किसानों का उग्र प्रदर्शन*
जान दे देंगे, जमीन नहीं देंगे” — विंध्य एक्सप्रेस-वे के विरोध में किसानों का उग्र प्रदर्शन
3:43 PM, Aug 7, 2026
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Edited By: Shaktipal , Reported By: Sanjay singh

बनौरा गांव में सैकड़ों किसानों ने किया प्रदर्शन, सरकार पर शोषण का आरोप; संदीप मिश्रा बोले—पुश्तैनी जमीन बचाने तक जारी रहेगा संघर्ष
सोनभद्र। घोरावल विधानसभा क्षेत्र के बनौरा गांव में प्रस्तावित विंध्य एक्सप्रेस-वे के विरोध में शुक्रवार को किसानों का आक्रोश खुलकर सामने आया। सैकड़ों किसानों ने जोरदार प्रदर्शन करते हुए सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और अपनी पुश्तैनी जमीन बचाने का संकल्प दोहराया।
प्रदर्शन का नेतृत्व किसान नौजवान संघर्ष मोर्चा के संयोजक संदीप मिश्रा ने किया। उन्होंने सरकार पर किसानों के शोषण का आरोप लगाते हुए कहा कि विकास के नाम पर किसानों की उपजाऊ जमीन छीनी जा रही है। उन्होंने कहा कि सरकार का दायित्व किसानों का संरक्षण करना है, लेकिन इसके बजाय किसानों के हितों की अनदेखी की जा रही है। किसान अपनी पुश्तैनी जमीन किसी भी कीमत पर नहीं छोड़ेंगे।
किसानों का कहना है कि यदि विंध्य एक्सप्रेस-वे का निर्माण वर्तमान प्रस्ताव के अनुसार किया गया तो बड़ी संख्या में किसानों की उपजाऊ कृषि भूमि प्रभावित होगी। इससे हजारों परिवारों की आजीविका पर संकट खड़ा हो सकता है।
किसान बबलू कुमार ने कहा, “जान भले चली जाए, लेकिन अपनी पुश्तैनी जमीन नहीं देंगे। एक्सप्रेस-वे बनने से किसानों को भारी नुकसान होगा और हम अंतिम दम तक इसका विरोध करेंगे।”
वहीं किसान रुपेश दूबे ने आरोप लगाया कि सरकार किसानों के अधिकार छीनने का प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि पुश्तैनी जमीन किसानों की सबसे बड़ी पूंजी है और इसे बचाने के लिए आंदोलन लगातार जारी रहेगा।
किसान रामसिंह पटेल तथा पूर्व प्रधान शकील अहमद ने भी नाराजगी जताते हुए कहा कि यदि किसानों की मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा। उनका कहना था कि विकास के नाम पर किसानों की जमीन लेना न्यायसंगत नहीं है और सरकार को किसानों के हितों की रक्षा करनी चाहिए।
सभा को संबोधित करते हुए संदीप मिश्रा ने कहा कि जब तक किसानों की जमीन और अधिकार सुरक्षित नहीं होंगे, तब तक संघर्ष जारी रहेगा। उन्होंने सरकार से किसानों की आवाज सुनने और उनकी समस्याओं का समाधान करने की मांग की।
प्रदर्शन के अंत में किसानों ने एक स्वर में कहा कि यदि उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो विंध्य एक्सप्रेस-वे के विरोध में आंदोलन को और व्यापक बनाया जाएगा। प्रदर्शन में बबलू प्रधान, रामसिंह पटेल, शकील अहमद, सुरेश मौर्य, दिनेश चेरो, आकाश चौहान, विजय चौहान सहित सैकड़ों किसान मौजूद रहे।
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