सावन के अंतिम सोमवार को शिवालयों में उमड़ा आस्था का सैलाब, हर-हर महादेव के जयकारों से गूंजा दुद्धी
दुद्धी (सोनभद्र)। सावन के पवित्र महीने के अंतिम सोमवार को दुद्धी नगर पूरी तरह शिवभक्ति में डूबा नजर आया। भोर होते ही नगर के प्रमुख शिवालयों में श्रद्धालुओं की भीड़ जुटनी शुरू हो गई, जो देर शाम तक बनी रही। मंदिर परिसर हर-हर महादेव, जय भोलेनाथ और ऊं नमः शिवाय के जयकारों से गुंजायमान रहे
7:10 AM, Aug 25, 2026
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Edited By: Shaktipal , Reported By: Jitendra Kumar chandrwanshi

दुद्धी (सोनभद्र)। सावन के पवित्र महीने के अंतिम सोमवार को दुद्धी नगर पूरी तरह शिवभक्ति में डूबा नजर आया। भोर होते ही नगर के प्रमुख शिवालयों में श्रद्धालुओं की भीड़ जुटनी शुरू हो गई, जो देर शाम तक बनी रही। मंदिर परिसर हर-हर महादेव, जय भोलेनाथ और ऊं नमः शिवाय के जयकारों से गुंजायमान रहे।नगर के प्राचीन शिवालय मंदिर, श्री कन्हरेश्वर महादेव मंदिर, श्री हीरेश्वर नाथ शिव मंदिर लौवा नदी, कैलाश कुंज मल्देवा तथा प्राचीन शिवाजी तालाब स्थित शिवालय समेत विभिन्न मंदिरों में बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन-पूजन के लिए पहुंचे।
भक्तों ने कतारबद्ध होकर भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक और दुग्धाभिषेक किया।सावन के अंतिम सोमवार को लेकर श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह देखने को मिला। भक्तों ने भगवान शिव को बेलपत्र, धतूरा, भांग, पुष्प और फल अर्पित कर परिवार की सुख-समृद्धि, शांति और आरोग्य की कामना की। सुबह से ही मंदिरों में पूजा-अर्चना का सिलसिला शुरू हो गया और पूरे दिन श्रद्धालुओं की आवाजाही बनी रही।विशेष रूप से प्राचीन शिवालय, श्री कन्हरेश्वर महादेव मंदिर, लौवा नदी स्थित श्री हीरेश्वर नाथ मंदिर और कैलाश कुंज मल्देवा में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखने को मिली। भक्तों ने श्रद्धा और आस्था के साथ भगवान शिव का पूजन कर सावन के अंतिम सोमवार का व्रत एवं अनुष्ठान पूरा किया।धार्मिक मान्यताओं के अनुसार सावन के सोमवार को भगवान शिव का जलाभिषेक और बेलपत्र अर्पित करना विशेष फलदायी माना जाता है।
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इसी आस्था के साथ श्रद्धालुओं ने अंतिम सोमवार को भी भगवान भोलेनाथ की आराधना की।सावन के समापन के साथ दिनभर चले जलाभिषेक, पूजन और भक्ति कार्यक्रमों से पूरा दुद्धी नगर शिवमय नजर आया। मंदिरों में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़ और गूंजते जयकारों ने पूरे नगर में भक्तिमय वातावरण बना दिया।






