एक प्रेम कहानी, अटूट प्यार प्रेम,जिस चिता पर पत्नी को दी विदाई, वहीं पति भी पंचतत्व में विलीन
घोरावल। घोरावल तहसील क्षेत्र के अहरौरा ग्राम पंचायत के राजिन गांव में 90 वर्षों तक साथ निभाने वाले वृद्ध दंपत्ति की जीवन यात्रा का अंत भी एक-दूसरे से ज्यादा समय तक जुदा नहीं हुआ।
8:27 AM, Sep 10, 2026
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Edited By: Shaktipal , Reported By: Son prabhat live

घोरावल। घोरावल तहसील क्षेत्र के अहरौरा ग्राम पंचायत के राजिन गांव में 90 वर्षों तक साथ निभाने वाले वृद्ध दंपत्ति की जीवन यात्रा का अंत भी एक-दूसरे से ज्यादा समय तक जुदा नहीं हुआ। 102 वर्षीय वीराजी देवी ने सोमवार की दोपहर मे अंतिम सांस ली। परिजनों ने पास के दीवा गांव में, बेलन नदी के किनारे तट पर उनका अंतिम संस्कार किया। पत्नी की चिता ठंडी भी नहीं हुई थी कि मंगलवार की सुबह करीब सात बजे उनके 105 वर्षीय पति बालम कोल की भी सांस थम गई। बालम कोल की मौत की खबर मिलते ही गांव में शोक की लहर दौड़ गई।
परिजनों और ग्रामीणों ने वीराजी देवी की चिता स्थल पर ही बालम कोल का अंतिम संस्कार करने का निर्णय लिया। जिस स्थान पर कुछ घंटे पहले वीराजी देवी को अंतिम विदाई दी गई थी, वहीं मंगलवार को उनके पति को भी पंचतत्व में विलीन कर दिया गया। गांव में चर्चा रही कि मृत दंपत्ति ने करीब नौ दशक तक एक-दूसरे का सुख-दुख में साथ निभाया। जीवन के अंतिम पड़ाव में भी दोनों का साथ संयोग से इस तरह जुड़ा कि पत्नी की मौत के कुछ ही घंटे बाद पति ने भी दुनिया छोड़ दी। ग्रामीण इस संयोग को उनके अटूट दांपत्य प्रेम और जीवनभर के साथ की मिसाल बता रहे हैं।
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