गुजरात से युवक का शव घर पहुंचते ही मचा कोहराम, परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़।
सोनभद्र। चोपन थाना क्षेत्र के कोटा ग्राम पंचायत के दक्षिणी बसुधा टोला में शनिवार की सुबह उस समय मातम छा गया, जब गुजरात कमाने गए 21 वर्षीय युवक कमलेश गोंड़ का शव निजी एंबुलेंस से अचानक उसके घर पहुंचा। जवान बेटे का शव देखते ही परिजनों में कोहराम मच गया। परिवार के सदस्यों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। घटना से पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई।
2:54 PM, Oct 3, 2026
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Edited By: Shaktipal , Reported By: Anil Kumar agrahari

दो महीने पहले निजी कंपनी में काम करने गया था 21 वर्षीय कमलेश गोंड़, अचानक घर पहुंचा शव तो बिलख उठे परिजन।
डाला सोनभद्र। चोपन थाना क्षेत्र के कोटा ग्राम पंचायत के दक्षिणी बसुधा टोला में शनिवार की सुबह उस समय मातम छा गया, जब गुजरात कमाने गए 21 वर्षीय युवक कमलेश गोंड़ का शव निजी एंबुलेंस से अचानक उसके घर पहुंचा। जवान बेटे का शव देखते ही परिजनों में कोहराम मच गया। परिवार के सदस्यों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। घटना से पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई।
मिली जानकारी के अनुसार, दक्षिणी बसुधा टोला निवासी कमलेश गोंड़ पुत्र परमेश्वर गोंड़ बीते जुलाई महीने में अपने साथी अंगद के साथ गुजरात के अहमदाबाद स्थित एक निजी कंपनी में काम करने गया था। बताया जा रहा है कि वह अल्ट्राटेक से संबंधित कंपनी में कार्यरत था। शनिवार की सुबह करीब आठ बजे उसका शव एंबुलेंस से घर पहुंचा। अचानक शव घर आने से परिवार के लोग स्तब्ध रह गए। किसी को समझ में नहीं आ रहा था कि आखिर उनके घर का जवान बेटा इस दुनिया से कैसे चला गया।
शव घर पहुंचने के बाद मृतक के पिता परमेश्वर गोंड़ ने चोपन थाने की पुलिस और डायल 112 पर सूचना दी। सूचना मिलने पर चोपन थाना पुलिस और डायल 112 की टीम मौके पर पहुंची और मामले की जानकारी लेते हुए जांच शुरू कर दी।
वहीं, गुजरात में कमलेश के साथ गए साथियों के अनुसार, उसकी तबीयत अचानक बिगड़ गई थी। इसके बाद उसे नजदीकी सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया। साथियों का कहना है कि वहां प्राथमिक उपचार के बाद चिकित्सकों ने उसे जिला अस्पताल रेफर कर दिया था, लेकिन अस्पताल ले जाते समय रास्ते में ही उसकी मौत हो गई। साथियों के मुताबिक, इसके बाद गुजरात में ही शव का पोस्टमार्टम कराया गया और निजी एंबुलेंस से उसके पैतृक गांव दक्षिणी बसुधा, कोटा भेज दिया गया।
पिता बोले—बेटे की तबीयत बिगड़ने की जानकारी तक नहीं मिली
मृतक के पिता परमेश्वर गोंड़ ने बताया कि उन्हें बेटे की तबीयत खराब होने की कोई जानकारी नहीं दी गई थी। अचानक बेटे का शव घर पहुंचने से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। उन्होंने बताया कि एंबुलेंस चालक शव घर लाने का किराया भी मांग रहा है। गरीब परिवार होने के कारण उन्होंने आर्थिक परेशानी जताते हुए कहा कि बेटे को खोने के बाद अब एंबुलेंस का पैसा जुटाना भी उनके लिए मुश्किल हो रहा है।
परमेश्वर गोंड़ ने कहा कि उन्हें अभी तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि उनके बेटे के साथ आखिर क्या हुआ और किन परिस्थितियों में उसकी मौत हुई। परिवार के अनुसार, कमलेश घर का सबसे बड़ा बेटा था। उससे परिवार को काफी उम्मीदें थीं, लेकिन उसकी असमय मौत ने पूरे परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है।
फिलहाल घटना को लेकर पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। युवक की मौत किन परिस्थितियों में हुई, इसकी पूरी जानकारी जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
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