मंत्री के दुद्धी आगमन पर बार एसोसिएशनों ने सौंपा ज्ञापन, घूसखोर लेखपालों पर कार्रवाई से लेकर न्यायालय परिसर में सुविधाओं की मांग
मंत्री के दुद्धी आगमन पर बार एसोसिएशनों ने सौंपा ज्ञापन, घूसखोर लेखपालों पर कार्रवाई से लेकर न्यायालय परिसर में सुविधाओं की मांग
8:21 PM, Jul 22, 2026
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Edited By: Shaktipal , Reported By: Jitendra Kumar chandrwanshi

दुद्धी सोनभद्र।आज बुधवार को दुद्धी पहुंचे उत्तर प्रदेश सरकार के सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम विभाग के राज्यमंत्री हंसराज विश्वकर्मा को दुद्धी बार एसोसिएशन एवं सिविल बार एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने क्षेत्र की आठ प्रमुख समस्याओं को लेकर विस्तृत ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन दुद्धी स्थित पीडब्ल्यूडी गेस्ट हाउस पर दिया गया, जिसमें राजस्व, न्यायिक, स्वास्थ्य, विद्युत, संचार और वित्तीय सुविधाओं से जुड़ी मांगें प्रमुख रहीं। ज्ञापन में सबसे गंभीर आरोप तहसील दुद्धी के कई लेखपालों पर लगाया गया है, जिन पर भूमि क्रय-विक्रय में दलाली, रिश्वतखोरी और पेशेवर बिचौलियों को संरक्षण देने के आरोप लगाए गए हैं। बार पदाधिकारियों ने सुद्दन पासवान, विशाल वर्मा, विकास यादव, विनय गुप्ता, मनोज कन्नौजिया, राकेश वैसवार, मंजेश यादव और वेद प्रकाश नागर आदि लेखपालों के नाम गिनाते हुए इन्हें आय से अधिक बेनामी संपत्तियां अर्जित करने और धारा 80 की फाइलों को अवैध तरीके से पास कराने का आरोप लगाते हुए अन्य तहसीलों या अन्य जनपदों में स्थानांतरण एवं उच्चस्तरीय जांच की मांग की है।इसके अलावा दुद्धी स्थित वाह्य दीवानी एवं फौजदारी न्यायालय परिसर में अधिवक्ताओं व वादकारियों के लिए बुनियादी सुविधाओं के अभाव का मुद्दा भी प्रमुख रूप से उठाया गया। ज्ञापन में कहा गया कि कचहरी परिसर के गेट के दोनों ओर अधिवक्ता और वादकारी भीषण गर्मी, बरसात और सर्दी में टिनशेड के नीचे खुले में बैठने को मजबूर हैं, जिससे बीमारियां और चोरी की घटनाएं बढ़ रही हैं ।इसलिए पक्का, संसाधन युक्त वादकारी कक्ष बनवाने, चहारदीवारी, गेट, प्रकाश व्यवस्था, सीसीटीवी, पार्किंग स्टैंड, कुएं की मरम्मत और पर्याप्त सोलर पैनल के माध्यम से निर्बाध बिजली की व्यवस्था की मांग की गई है। दुद्धी बार ने यह मुद्दा भी उठाया कि थाना दुद्धी के नजदीकी आठ गांव गडदरवा, चक गडदरवा, डाला पीपर, खोखा, पगडेवा, हथवानी, बहेराडोल और साउडीह को थाना हाथीनाला से संबद्ध किए जाने के बाद इनके आपराधिक मामलों की विवेचना रिपोर्ट और चार्जशीट अब रॉबर्ट्सगंज स्थित जिला न्यायालय भेजी जा रही है। अधिवक्ताओं ने कहा कि पहले इन गांवों के मामलों की रिपोर्ट दुद्धी स्थित वाह्य न्यायालय में प्रस्तुत होती थी और आज भी इनके राजस्व व दीवानी मामले दुद्धी में ही चलते हैं, ऐसे में पुलिस अधीक्षक सोनभद्र को आदेश देकर इन गांवों के आपराधिक मामलों की चार्जशीट दुद्धी न्यायालय में ही भेजने की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए ताकि ग्रामीण न्याय से वंचित न हों।ज्ञापन में एक अन्य प्रमुख बिंदु में तहसील मुख्यालय दुद्धी स्थित उपकोषागार को हटाने का विरोध किया गया। बार एसोसिएशन का कहना है कि दुद्धी उपनिबंधक कार्यालय में वर्ष 2018–19 के दौरान लगभग 15.62 करोड़ रुपये के स्टाम्प से रजिस्ट्री हुई, जबकि करीब 11 करोड़ से अधिक के स्टाम्प जिला कोषागार रॉबर्ट्सगंज से उठाने पड़े, क्योंकि दुद्धी उपकोषागार को पर्याप्त स्टाम्प नहीं दिए गए। अधिवक्ताओं ने आरोप लगाया कि गलत आंकड़े दिखाकर और कमीशनखोरी में लिप्त अधिकारियों की साजिश के तहत उपकोषागार हटाया गया, जबकि दुद्धी आजादी के समय से उपकोषागार युक्त पुराना तहसील मुख्यालय है और औद्योगिक, व्यावसायिक व न्यायिक दृष्टि से महत्वपूर्ण क्षेत्र है, इसलिए उपकोषागार को पुनः दुद्धी में स्थापित करने की मांग की गई। दिए ज्ञापन में थाना हाथीनाला परिक्षेत्र के जंगलों में रहने वाले आदिवासी लोगों और राहगीरों के लिए मोबाइल कनेक्टिविटी की कमी को भी गंभीर समस्या के रूप में सामने रखा गया है। ज्ञापन में कहा गया कि मोबाइल नेटवर्क न होने के कारण सड़क दुर्घटना, अपराध या अन्य आपात स्थितियों में 112 नंबर की पुलिस या एम्बुलेंस जैसी सेवाएं समय से नहीं पहुंच पातीं, जिससे कई बार जानमाल का नुकसान होता है, इसलिए आवश्यकतानुसार जगह-जगह मोबाइल टावर लगाए जाने की मांग की गई।मांग पत्र में विद्युत समस्या पर बार एसोसिएशन ने कहा कि दुद्धी नगर को 33 केवीए लाइन के माध्यम से पिपरी रिहंद पावर हाउस से जंगल और पहाड़ी रास्ते होकर बिजली आपूर्ति होती है, जो बरसात के मौसम में मामूली आकाशीय बिजली या खराब मौसम में बार-बार ठप हो जाती है। इससे व्यापारिक गतिविधियां बाधित होती हैं और आम जनता को बिजली व पानी के अभाव में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है,ऐसे में दुद्धी से 10 किलोमीटर के दायरे में 132 केवीए का ट्रांसमिशन स्थापित करने की मांग की गई।दिए ज्ञापन में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र दुद्धी की बदहाल व्यवस्था भी ज्ञापन का हिस्सा रही। बार पदाधिकारियों ने कहा कि विधानसभा क्षेत्र होने, तहसील मुख्यालय और ब्लॉक कार्यालय होने के बावजूद सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र दुद्धी में अब तक न तो अस्थि रोग विशेषज्ञ नियुक्त है और न ही अल्ट्रासाउंड/सोनोग्राफी मशीन उपलब्ध है। इसका सीधा असर गरीब और दूरदराज के मरीजों पर पड़ रहा है, जिन्हें इलाज के लिए जिले या दूसरे शहरों का रुख करना पड़ता है, इसलिए तत्काल अस्थि रोग विशेषज्ञ की तैनाती और सोनोग्राफी मशीन की व्यवस्था की मांग की गई। ज्ञापन पर दुद्धी बार एसोसिएशन दुद्धी के अध्यक्ष कुलभूषण पांडेय एडवोकेट और सिविल बार एसोसिएशन दुद्धी के अध्यक्ष रामलोचन तिवारी एडवोकेट दोनों बार संघों ने मंत्री के जनपद भ्रमण को क्षेत्रीय समस्याओं के समाधान की दृष्टि से महत्वपूर्ण बताते हुए उम्मीद जताई कि दुद्धी तहसील, न्यायालय, स्वास्थ्य केंद्र, उपकोषागार, विद्युत और संचार से जुड़ी समस्याओं पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय लिया जाएगा।
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