जनगणना में आदिवासी धर्म कोड शामिल करने सहित 8 सूत्रीय मांगों पर चलेगा अभियान
जनगणना में आदिवासी धर्म कोड शामिल करने सहित 8 सूत्रीय मांगों पर चलेगा अभियान
8:38 PM, Jun 9, 2026
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Edited By: Shaktipal , Reported By: Babu lal sharma

सोनभद्र में संपर्क-संवाद यात्रा निकालने का निर्णय, दो दिवसीय बैठक संपन्न
सोनभद्र:
रासपहरी स्थित कार्यालय पर आल इंडिया पीपुल्स फ्रंट और रोजगार सामाजिक अधिकार अभियान की दो दिवसीय बैठक संपन्न हुई। बैठक में म्योरपुर से शुरू कर पूरे जनपद में संपर्क-संवाद यात्रा चलाने का निर्णय लिया गया। यात्रा के माध्यम से जनगणना में आदिवासी धर्म कोड और पिछड़ा वर्ग की जाति का कॉलम जोड़ने सहित विभिन्न जनसरोकारों के मुद्दों को घर-घर तक पहुंचाया जाएगा।बैठक में जनगणना में आदिवासी धर्म कोड शामिल करने, सोनभद्र से पूंजी पलायन पर रोक लगाने, माइक्रोफाइनेंस कंपनियों की कथित लूट पर अंकुश लगाने तथा महिला स्वयं सहायता समूहों और युवाओं को उद्यम स्थापित करने के लिए 4 प्रतिशत ब्याज दर पर ऋण उपलब्ध कराने की मांग उठाई गई। इसके अलावा रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य एवं पेंशन की गारंटी, भूमिहीनों को आवासीय जमीन का अधिकार, कोल एवं धांगर समुदाय को आदिवासी का दर्जा, अतिपिछड़ों के लिए अलग आरक्षण कोटा, वनाधिकार कानून का पालन, प्राकृतिक संसाधनों की लूट और निजीकरण पर रोक, पर्यावरण संरक्षण तथा दलित-आदिवासी विकास के बजट में वृद्धि के लिए अभियान चलाने का निर्णय लिया गया।बैठक की अध्यक्षता वयोवृद्ध आदिवासी रन शाह गोंड एवं बिरझन गोंड ने की, जबकि संचालन कृपाशंकर पनिका और रामकृष्ण बैगा ने किया। इस दौरान संगठन की सोशल मीडिया टीम का भी गठन किया गया।बैठक को संबोधित करते हुए आल इंडिया पीपुल्स फ्रंट के संस्थापक सदस्य अखिलेन्द्र प्रताप सिंह ने कहा कि राष्ट्रीय स्तर पर रोजगार, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे मुद्दों पर युवाओं में व्यापक आक्रोश दिखाई दे रहा है। वहीं आदिवासी समाज अपनी पहचान के लिए जनगणना में आदिवासी धर्म कोड को शामिल करने की मांग को प्रमुखता से उठा रहा है। उन्होंने कहा कि इन मुद्दों पर व्यापक जनजागरण और जमीनी स्तर पर गोलबंदी की आवश्यकता है।उन्होंने कहा कि बड़े कॉर्पोरेट घरानों और अरबपतियों की संपत्ति पर कर लगाकर इतनी पूंजी जुटाई जा सकती है, जिससे प्रत्येक नागरिक को रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य, पेंशन तथा भूमिहीनों को आवास उपलब्ध कराने जैसे सवालों का समाधान किया जा सके। साथ ही दलितों, आदिवासियों और अतिपिछड़े वर्गों के विकास के लिए बजटीय प्रावधानों में वृद्धि की जा सकती है।बैठक में दिनकर कपूर, राजेश सचान, सविता गोंड, राजेंद्र प्रसाद गोंड, इंद्रदेव खरवार, रूबी सिंह गोंड, रामकिशुन गोंड, दयाशंकर गोंड, बलबीर सिंह गोंड, मंगरू प्रसाद श्याम, देवकुमार खरवार, मनोहर गोंड, बेचन गोंड, महावीर गोंड, राम विचार गोंड, गम्भीरा गोंड, गुंजा गोंड तथा सुगवंती गोंड समेत अन्य लोगों ने अपने विचार रखे।
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