सोनभद्र में 'नीति तारा' पर जिला एवं विकासखंड स्तरीय अधिकारियों का क्षमता निर्माण प्रशिक्षण आयोजित
सोनभद्र में 'नीति तारा' पर जिला एवं विकासखंड स्तरीय अधिकारियों का क्षमता निर्माण प्रशिक्षण आयोजित
9:21 PM, Jul 24, 2026
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Edited By: Shaktipal , Reported By: Son prabhat live

आकांक्षी जनपद एवं आकांक्षी विकासखंड कार्यक्रम के अंतर्गत नीति आयोग द्वारा विकसित 'नीति तारा' (विश्लेषण, समीक्षा एवं कार्यवाही टूलकिट) के प्रभावी क्रियान्वयन के उद्देश्य से विकास भवन, सोनभद्र में जिला एवं विकासखंड स्तरीय अधिकारियों का क्षमता निर्माण एवं उन्मुखीकरण प्रशिक्षण आयोजित किया गया।प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य अधिकारियों को आंकड़ा-आधारित निर्णय प्रणाली, विभिन्न शासकीय पोर्टलों के समेकित उपयोग तथा कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) आधारित विश्लेषणात्मक उपकरणों से परिचित कराना था। नीति आयोग की ओर से एडसिल इंडिया लिमिटेड के प्रतिनिधि अभिषेक सिंह ने प्रशिक्षण प्रदान करते हुए 'नीति तारा' की कार्यप्रणाली, रियल-टाइम डैशबोर्ड, भू-स्थानिक (Geospatial) मानचित्रण, विभागीय पोर्टलों के एकीकृत उपयोग तथा AI आधारित डेटा विश्लेषण की विस्तृत जानकारी दी।उन्होंने बताया कि विभिन्न विभागों से प्राप्त आंकड़ों का समेकित विश्लेषण कर योजनाओं की प्रगति की प्रभावी समीक्षा, कमियों की पहचान तथा साक्ष्य-आधारित निर्णय लिए जा सकते हैं, जिससे विकास कार्यों को अधिक परिणामोन्मुख बनाया जा सकेगा।प्रशिक्षण में मुख्य विकास अधिकारी जागृति अवस्थी, जिला विकास अधिकारी हेमन्त कुमार सिंह, जिला कार्यक्रम अधिकारी विनीत सिंह, उप कृषि निदेशक राजकुमार, जिला कृषि अधिकारी वीरेन्द्र कुमार, उपायुक्त मनरेगा रविंद्र वीर, जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी सन्तपाल वर्मा, राजेश कुमार, राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान के प्रधानाचार्य रवींद्र पटेल, अपर सांख्यिकीय अधिकारी डॉ. के.एन. उपाध्याय, डॉ. जय सिंह, मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. ए.के. मिश्रा, खंड विकास अधिकारी चतरा सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं शिक्षा विभाग से डॉ. सूर्य प्रकाश उपस्थित रहे।प्रशिक्षण के दौरान बताया गया कि 'नीति तारा' एक समेकित डिजिटल प्रणाली है, जो आंकड़ों, विश्लेषण एवं दृश्य प्रस्तुतीकरण को एक मंच पर उपलब्ध कराकर जिला एवं विकासखंड स्तर पर योजनाओं की निगरानी, समीक्षा तथा साक्ष्य-आधारित निर्णय प्रक्रिया को अधिक प्रभावी बनाती है। अधिकारियों ने इसे आकांक्षी जिलों एवं विकासखंडों में सुशासन को सुदृढ़ करने तथा 'विकसित भारत' के लक्ष्य की प्राप्ति की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल बताया।
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