Court news: मारपीट के मामले में दो दोषियों को पांच-पांच साल की कठोर कैद
सोनभद्र। पुरानी रंजिश को लेकर लाठी-डंडे, हॉकी और बैट से हमला कर गंभीर चोट पहुंचाने के करीब 12 वर्ष पुराने मामले में सत्र न्यायालय ने दो दोषियों को पांच-पांच वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है
7:33 PM, Oct 13, 2026
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Edited By: Shaktipal , Reported By: Son prabhat live

ढाई-ढाई हजार रुपये का अर्थदंड, जुर्माना न देने पर तीन-तीन माह की अतिरिक्त कैद
करीब 12 वर्ष पुराने मामले में सत्र न्यायालय का फैसला, जेल में बिताई गई अवधि सजा में होगी समायोजित
सोनभद्र। पुरानी रंजिश को लेकर लाठी-डंडे, हॉकी और बैट से हमला कर गंभीर चोट पहुंचाने के करीब 12 वर्ष पुराने मामले में सत्र न्यायालय ने दो दोषियों को पांच-पांच वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। मंगलवार को सत्र न्यायाधीश राम सुलीन सिंह की अदालत ने दोषसिद्ध पाए जाने पर सुल्तान उर्फ छोटू और रोशन पनिका को सजा सुनाई। अदालत ने दोनों पर ढाई-ढाई हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। अर्थदंड जमा नहीं करने पर उन्हें तीन-तीन माह की अतिरिक्त कैद भुगतनी होगी। वहीं, जेल में बिताई गई अवधि को सजा में समायोजित किया जाएगा।
पुरानी रंजिश में किया था हमला
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अभियोजन पक्ष के अनुसार, विनोद कुमार सिंह पुत्र स्वर्गीय द्वारिका सिंह निवासी बेलवादह, थाना पिपरी, सोनभद्र ने अनपरा थाने में तहरीर देकर बताया था कि 24 अगस्त 2014 को अनपरा थाना क्षेत्र के डिबुलगंज निवासी सुल्तान उर्फ छोटू पुत्र आजाबू खान और रोशन पनिका समेत चार लोग उनके यहां रखा पुराना लोहा उठाते हुए पकड़े गए थे। बाद में माफी मांगने पर उन्हें छोड़ दिया गया था।आरोप है कि इसी बात की रंजिश को लेकर 31 अगस्त 2014 की शाम आरोपियों ने उनके भाई बृजेश कुमार सिंह उर्फ बबलू को डिबुलगंज स्थित दुर्गा मंदिर के पास बुलाया और लाठी-डंडे व हॉकी से बेरहमी से मारपीट कर बेहोशी की हालत में छोड़ दिया।
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घटना की जानकारी मिलने पर परिजन बबलू को विंध्यनगर अस्पताल ले गए। वहां चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार के बाद हालत गंभीर देखते हुए उन्हें वाराणसी रेफर कर दिया था।चार आरोपियों के खिलाफ दर्ज हुई थी प्राथमिकीइस मामले में तहरीर के आधार पर पुलिस ने चार आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर विवेचना शुरू की थी। विवेचना के दौरान पर्याप्त साक्ष्य मिलने पर आरोपपत्र न्यायालय में दाखिल किया गया। मुकदमे की सुनवाई के दौरान दो अन्य आरोपियों की मृत्यु हो गई।
अभियोजन ने की कठोर सजा की मांग
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सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष के अधिवक्ताओं ने आरोपियों का पहला अपराध बताते हुए कम से कम सजा देने की अपील की। वहीं, जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी ज्ञानेंद्र शरण रॉय ने मामले को गंभीर बताते हुए दोषियों को अधिकतम दंड देने की मांग की।
दोनों पक्षों की दलीलें सुनने, गवाहों के बयान और पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्यों का अवलोकन करने के बाद अदालत ने सुल्तान उर्फ छोटू और रोशन पनिका को दोषसिद्ध करार देते हुए पांच-पांच वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई। साथ ही दोनों पर ढाई-ढाई हजार रुपये का अर्थदंड लगाया। अर्थदंड अदा नहीं करने पर तीन-तीन माह की अतिरिक्त कैद भुगतनी होगी। जेल में बिताई गई अवधि सजा में समायोजित की जाएगी।






