1 जुलाई से 31 अगस्त तक सोनभद्र में मत्स्य आखेट पर पूर्ण प्रतिबंध, उल्लंघन पर होगी कानूनी कार्रवाई
1 जुलाई से 31 अगस्त तक सोनभद्र में मत्स्य आखेट पर पूर्ण प्रतिबंध, उल्लंघन पर होगी कानूनी कार्रवाई
7:57 PM, Jul 4, 2026
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Edited By: Shaktipal , Reported By: Son prabhat live

सोनभद्र। जनपद में मछलियों के प्रजनन काल को सुरक्षित रखने के उद्देश्य से जिला मजिस्ट्रेट चर्चित गौड़ ने 1 जुलाई से 31 अगस्त 2026 तक सभी नदियों, तालाबों एवं जलाशयों में मत्स्य आखेट (मछली पकड़ने) पर पूर्ण प्रतिबंध लागू कर दिया है। इस संबंध में कार्यालय आदेश जारी करते हुए संबंधित विभागों, मत्स्य अधिकारियों एवं जलाशयों के ठेकेदारों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं।जारी आदेश के अनुसार प्रतिबंध अवधि के दौरान किसी भी व्यक्ति द्वारा प्रजननशील मछलियों को पकड़ना, मारना, बेचना अथवा पकड़ने का प्रयास करना पूर्णतः प्रतिबंधित रहेगा। इसके अलावा विस्फोटक पदार्थों, विषैले रसायनों अथवा अन्य अवैध तरीकों से मछली पकड़ने पर भी सख्त रोक रहेगी।जिलाधिकारी ने निर्देश दिए हैं कि रिहंद, धंधरौल, कड़ियाताल, पुरखासताल एवं जीवारताल सहित सभी संबंधित जलाशयों के ठेकेदार 30 जून की मध्यरात्रि से अपनी नाव एवं जाल जलाशयों से बाहर कराना सुनिश्चित करें। साथ ही क्षेत्रीय मत्स्य प्रभारियों को प्रतिबंध अवधि के दौरान नियमित निरीक्षण कर मत्स्य आखेट पूरी तरह बंद कराने के निर्देश दिए गए हैं।आदेश में यह भी स्पष्ट किया गया है कि जलधाराओं के प्राकृतिक प्रवाह को बाधित करने के लिए किसी भी प्रकार का अवरोध खड़ा करना, मत्स्य बीज, अंगुलिका अथवा मछलियों को पकड़ना या नष्ट करना भी प्रतिबंधित रहेगा।जिलाधिकारी ने चेतावनी दी है कि आदेश का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध उत्तर प्रदेश मत्स्य अधिनियम, 1948 के प्रावधानों के तहत सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। साथ ही अवैध रूप से प्रयुक्त जाल, नाव, अन्य सामग्री एवं पकड़ी गई मछलियों को जब्त किया जाएगा।प्रशासन ने सभी मछुआरों, जलाशय ठेकेदारों एवं आम नागरिकों से प्रतिबंध अवधि का पालन करने तथा मछली प्रजनन संरक्षण में सहयोग करने की अपील की है।
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