Court news:नाबालिग से दुष्कर्म के दोषी छोटेलाल को 20 साल की कैद, 40 हजार रुपये जुर्माना
सोनभद्र। विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो एक्ट) ओमकार शुक्ला की अदालत ने नाबालिग किशोरी को बहला-फुसलाकर भगाने और उसके साथ दुष्कर्म करने के सात साल पुराने मामले में दोषी छोटेलाल को 20 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है।
7:32 PM, Oct 15, 2026
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Edited By: Shaktipal , Reported By: Son prabhat live

सात साल पुराने मामले में पॉक्सो कोर्ट का फैसला, अर्थदंड की पूरी राशि पीड़िता को मिलेगी
सोनभद्र। विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो एक्ट) ओमकार शुक्ला की अदालत ने नाबालिग किशोरी को बहला-फुसलाकर भगाने और उसके साथ दुष्कर्म करने के सात साल पुराने मामले में दोषी छोटेलाल को 20 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने दोषी पर कुल 40 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। अर्थदंड अदा नहीं करने पर उसे छह माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। न्यायालय ने सभी सजाएं साथ-साथ चलाने का आदेश दिया है। साथ ही अर्थदंड की पूरी राशि पीड़िता को देने का निर्देश दिया है।अभियुक्त छोटेलाल पुत्र प्रह्लाद, निवासी हथवानी साउडीह, थाना हाथीनाला, जनपद सोनभद्र के खिलाफ थाना दुद्धी से संबंधित वर्ष 2019 में मुकदमा दर्ज किया गया था। अभियोजन पक्ष के अनुसार, 22 जून 2019 को अभियुक्त नाबालिग किशोरी को बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गया था और उसके साथ दुष्कर्म किया था। घटना के समय पीड़िता की उम्र लगभग 13 वर्ष दो माह थी, जबकि अभियुक्त की उम्र करीब 35 वर्ष बताई गई है।नौ गवाहों के बयान और साक्ष्यों के आधार पर दोषसिद्धिमामले की विवेचना के दौरान पुलिस ने पीड़िता के बयान, चिकित्सकीय परीक्षण, जन्मतिथि प्रमाण-पत्र सहित अन्य महत्वपूर्ण साक्ष्य जुटाए। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से वादी और पीड़िता समेत कुल नौ गवाहों के बयान दर्ज कराए गए। इसके अलावा संबंधित दस्तावेजी साक्ष्य भी न्यायालय में प्रस्तुत किए गए। उपलब्ध साक्ष्यों और गवाहों के बयानों के आधार पर अदालत ने अभियुक्त को दोषी करार देते हुए सजा सुनाई।विभिन्न धाराओं में सुनाई गई सजान्यायालय ने भारतीय दंड संहिता की धारा 363 के तहत पांच वर्ष के कारावास और पांच हजार रुपये अर्थदंड तथा धारा 366 के तहत सात वर्ष के कारावास और 10 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। वहीं, धारा 376(3) भादंसं और पॉक्सो एक्ट की धारा 4 के तहत 20 वर्ष के कारावास एवं 25 हजार रुपये अर्थदंड से दंडित किया। न्यायालय ने सभी सजाएं साथ-साथ चलाने का आदेश दिया है। इस प्रकार दोषी को कुल 20 वर्ष की कैद और 40 हजार रुपये अर्थदंड भुगतना होगा।जेल में बिताई अवधि का मिलेगा समायोजनअदालत ने आदेश दिया कि अभियुक्त द्वारा पहले से जेल में बिताई गई अवधि का नियमानुसार सजा में समायोजन किया जाएगा। अर्थदंड की पूरी 40 हजार रुपये की राशि नियमानुसार पीड़िता को चिकित्सा, मानसिक आघात की भरपाई और पुनर्वास के लिए प्रदान की जाएगी।अभियोजन पक्ष की ओर से सरकारी अधिवक्ता दिनेश प्रसाद अग्रहरि और नीरज कुमार सिंह ने पैरवी की।
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