Court news:दलित किशोरी के अपहरण, दुष्कर्म और बिक्री के आरोप में मुख्य आरोपी संदीप जायसवाल को हाईकोर्ट से जमानत
सोनभद्र। दलित किशोरी के अपहरण, दुष्कर्म और राजस्थान में बेचने के आरोप से जुड़े मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने मुख्य आरोपी संदीप कुमार जायसवाल की दूसरी जमानत अर्जी मंजूर कर ली है। सात अक्टूबर 2026 को न्यायमूर्ति कृष्ण पहल की अदालत ने जमानत याचिका पर सुनवाई के बाद यह आदेश पारित किया। आरोपी 22 दिसंबर 2024 से जेल में निरुद्ध है। इससे पहले 26 मार्च 2026 को उसकी पहली जमानत अर्जी खारिज कर दी गई थी।
7:45 PM, Oct 15, 2026
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Edited By: Shaktipal , Reported By: Son prabhat live

पहली जमानत अर्जी खारिज होने के करीब छह माह बाद दूसरी याचिका मंजूर,
मुकदमे की धीमी सुनवाई और जेल में लंबी अवधि तक निरुद्ध रहने का दिया गया हवाला
सोनभद्र। दलित किशोरी के अपहरण, दुष्कर्म और राजस्थान में बेचने के आरोप से जुड़े मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने मुख्य आरोपी संदीप कुमार जायसवाल की दूसरी जमानत अर्जी मंजूर कर ली है। सात अक्टूबर 2026 को न्यायमूर्ति कृष्ण पहल की अदालत ने जमानत याचिका पर सुनवाई के बाद यह आदेश पारित किया। आरोपी 22 दिसंबर 2024 से जेल में निरुद्ध है। इससे पहले 26 मार्च 2026 को उसकी पहली जमानत अर्जी खारिज कर दी गई थी।
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28 नवंबर 2024 को घर से लापता हुई थी किशोरीअभियोजन पक्ष के अनुसार, पन्नूगंज थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी व्यक्ति ने 10 दिसंबर 2024 को पुलिस को तहरीर देकर बताया था कि उसकी 16 वर्षीय बेटी 28 नवंबर 2024 की रात करीब 10 बजे घर से लापता हो गई। परिजनों ने उसकी तलाश की, लेकिन उसका पता नहीं चल सका। इस संबंध में पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर विवेचना शुरू की।विवेचना के दौरान संदीप कुमार जायसवाल पुत्र महेंद्र, निवासी सिल्थम पटना, थाना रामपुर बरकोनिया, जिला सोनभद्र समेत छह लोगों के नाम सामने आए। पुलिस ने पर्याप्त साक्ष्य मिलने का दावा करते हुए सभी छह आरोपियों के खिलाफ आरोपपत्र न्यायालय में दाखिल किया।फोन कर बुलाने और राजस्थान ले जाकर बेचने का आरोपपीड़िता के कथन के मुताबिक, मुख्य आरोपी टेंट लगाने का काम करता था। इसी दौरान गांव में टेंट लगाने के समय दोनों की जान-पहचान हुई थी। आरोप है कि आरोपी ने किशोरी को अपना मोबाइल नंबर दिया था और दोनों के बीच कभी-कभी फोन पर बातचीत होती थी।अभियोजन के अनुसार, 28 नवंबर 2024 की रात आरोपी ने फोन कर किशोरी को घर से बाहर बुलाया। आरोप है कि बाहर आने पर उसे जबरन गाड़ी में बैठा लिया गया और सलखन ले जाया गया। वहां एक रात रुकने के दौरान उसके साथ दुष्कर्म किए जाने का आरोप है। इसके बाद किशोरी को एक महिला के घर ले जाने और फिर आरोपी तथा उक्त महिला द्वारा उसे वाराणसी से राजस्थान ले जाकर बेचने का आरोप लगाया गया है।धीमी सुनवाई और जेल में लंबी अवधि का दिया गया हवालादूसरी जमानत अर्जी पर सुनवाई के दौरान आरोपी के अधिवक्ता ओमप्रकाश पाल ने अदालत में दलील दी कि मुकदमे की सुनवाई धीमी गति से चल रही है और अब तक केवल चार गवाहों की गवाही दर्ज हुई है। बचाव पक्ष ने आरोपी का कोई आपराधिक इतिहास नहीं होने तथा 22 दिसंबर 2024 से जेल में निरुद्ध रहने का भी हवाला दिया।अधिवक्ता की ओर से यह आश्वासन भी दिया गया कि जमानत मिलने पर आरोपी मुकदमे की सुनवाई में सहयोग करेगा और जमानत की स्वतंत्रता का दुरुपयोग नहीं करेगा। इन दलीलों पर विचार करने के बाद हाईकोर्ट ने संदीप कुमार जायसवाल की दूसरी जमानत अर्जी मंजूर कर ली।जमानत का आदेश आरोपों से दोषमुक्ति नहीं है। मामले में आरोपी के विरुद्ध लगाए गए आरोपों का अंतिम निर्धारण विचारण के दौरान साक्ष्यों के आधार पर होगा।






