₹25 हजार के इनामी साइबर ठगी के आरोपी को राजस्थान से गिरफ्तार, मोबाइल व ₹1,050 नकद बरामद
सोनभद्र। थाना बीजपुर में दर्ज साइबर अपराध के मुकदमे में वांछित और ₹25 हजार के इनामी अभियुक्त को बभनी पुलिस और साइबर क्राइम पुलिस की संयुक्त टीम ने राजस्थान के अलवर क्षेत्र से गिरफ्तार किया है। पुलिस ने उसके कब्जे से साइबर अपराध में प्रयुक्त मोबाइल फोन, सिमकार्ड और ₹1,050 नकद बरामद किए हैं।
4:39 PM, Aug 22, 2026
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Edited By: Shaktipal , Reported By: Sanjay singh

सोनभद्र। थाना बीजपुर में दर्ज साइबर अपराध के मुकदमे में वांछित और ₹25 हजार के इनामी अभियुक्त को बभनी पुलिस और साइबर क्राइम पुलिस की संयुक्त टीम ने राजस्थान के अलवर क्षेत्र से गिरफ्तार किया है। पुलिस ने उसके कब्जे से साइबर अपराध में प्रयुक्त मोबाइल फोन, सिमकार्ड और ₹1,050 नकद बरामद किए हैं।पुलिस के अनुसार, पुलिस अधीक्षक सोनभद्र अभिषेक वर्मा के निर्देशन में अपराध एवं अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत यह कार्रवाई की गई। अपर पुलिस अधीक्षक ऑपरेशन ऋषभ रुणवाल और क्षेत्राधिकारी दुद्धी विनय प्रभाक साहनी के पर्यवेक्षण तथा प्रभारी निरीक्षक बभनी अरविन्द कुमार सरोज के नेतृत्व में टीम ने कार्रवाई को अंजाम दिया।मामला थाना बीजपुर में दर्ज मुकदमा अपराध संख्या 76/2026 से संबंधित है। इसमें धारा 108, 308(2) बीएनएस और 66डी आईटी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था।पुलिस के मुताबिक, 5 जून 2026 को बीजपुर थाना क्षेत्र के मेमना गांव निवासी प्रवेश कुमार ने आत्महत्या कर ली थी। जांच के दौरान परिजनों ने बताया कि घटना से पहले मृतक के मोबाइल पर अज्ञात नंबरों से लगातार कॉल आ रही थीं। साइबर सेल की जांच में सामने आया कि कॉल राजस्थान के अलवर क्षेत्र से की जा रही थीं और मृतक के बैंक खाते से धनराशि भी अलवर, राजस्थान की ओर ट्रांसफर हुई थी।साइबर सेल के मोबाइल और बैंक खातों के विश्लेषण के आधार पर पुलिस ने आरोपी की पहचान वारिस खान पुत्र खुर्शीद खान, निवासी ग्राम पड़ासला, थाना किशनगढ़बास, जिला खैरतल-तिजारा, राजस्थान के रूप में की। इसके बाद सोनभद्र पुलिस की टीम राजस्थान भेजी गई, जहां आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया।लैपटॉप बेचने के नाम पर बनाया शिकारपूछताछ में आरोपी ने पुलिस को बताया कि उसने फेसबुक पर सस्ते लैपटॉप का विज्ञापन दिया था। मृतक ने लैपटॉप खरीदने के लिए उससे संपर्क किया। आरोपी ने टैक्स और प्रोसेसिंग शुल्क के नाम पर रकम ली। इसके बाद लिंक भेजकर मोबाइल का एक्सेस हासिल कर लिया और कथित तौर पर मोबाइल से निजी सामग्री हासिल कर उसे एआई के जरिए आपत्तिजनक वीडियो बनाने तथा परिजनों, रिश्तेदारों और मित्रों को भेजने की धमकी दी।पुलिस के अनुसार, इसी साइबर ब्लैकमेलिंग से परेशान होकर प्रवेश कुमार ने आत्महत्या कर ली। आरोपी ने पूछताछ में बताया कि अगले दिन फोन नहीं उठने पर उसे किसी अप्रिय घटना का अंदेशा हुआ, जिसके बाद उसने और उसके साथियों ने मोबाइल बंद कर दिए।मोबाइल में मिला ठगी की रकम का साक्ष्यपुलिस ने आरोपी की जामातलाशी के दौरान एक मोबाइल फोन, संबंधित सिमकार्ड और ₹1,050 नकद बरामद किए। जांच में मोबाइल को मुकदमे में बेनिफिशियरी मोबाइल पाया गया। मोबाइल में मौजूद MobiKwik Wallet की जांच करने पर 5 जून 2026 को संबंधित धनराशि प्राप्त होने के साक्ष्य मिले।पुलिस के अनुसार, आरोपी ने बताया कि ठगी से प्राप्त रकम में से कुछ धनराशि उसने निकालकर खर्च कर दी थी और ₹1,050 उसके पास शेष थे।पहले भी कई राज्यों में साइबर ठगी का आरोपपुलिस ने आरोपी से पूछताछ के आधार पर उसके पूर्व के कथित साइबर अपराधों का भी विवरण जारी किया है। इनमें—हरियाणा में टेलीग्राम टास्क फ्रॉड के जरिए ₹15,740 की ठगी।गुजरात में कस्टमर केयर बनकर ₹3,860 की ठगी।राजस्थान में लैपटॉप बेचने के नाम पर ₹13,327 की ठगी।पश्चिम बंगाल में पुराने करेंसी नोट बदलकर नई करेंसी देने के नाम पर ₹50,950 की ठगी।शामिल है।गिरफ्तार आरोपी को विवेचक प्रभारी निरीक्षक अरविन्द कुमार सरोज द्वारा न्यायालय में पेश किया जा रहा है।गिरफ्तारी करने वाली टीम में प्रभारी निरीक्षक अरविन्द कुमार सरोज, उपनिरीक्षक आशीष पटेल (साइबर क्राइम पुलिस थाना सोनभद्र), हेड कांस्टेबल लाला सोनकर और हेड कांस्टेबल प्रदीप कुमार सिंह शामिल रहे।
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