आईजीआरएस शिकायतों के निस्तारण में लापरवाही पर डीएम सख्त,रॉबर्ट्सगंज व ओबरा तहसील के लंबित राजस्व प्रकरणों का आज ही निस्तारण करने के दिए निर्देश
आईजीआरएस शिकायतों के निस्तारण में लापरवाही पर डीएम सख्त,रॉबर्ट्सगंज व ओबरा तहसील के लंबित राजस्व प्रकरणों का आज ही निस्तारण करने के दिए निर्देश
8:31 PM, Jun 11, 2026
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Edited By: Shaktipal , Reported By: Son prabhat live

सोनभद्र। जन शिकायतों के गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध निस्तारण को लेकर जिलाधिकारी चर्चित गौड़ ने अधिकारियों के प्रति कड़ा रुख अपनाते हुए जवाबदेही के साथ कार्य करने के निर्देश दिए हैं। कलेक्ट्रेट स्थित जनसुनवाई कक्ष में आयोजित समीक्षा बैठक के दौरान उन्होंने आईजीआरएस पोर्टल पर प्राप्त शिकायतों के निस्तारण की विभागवार समीक्षा कर संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने पाया कि कई विभागों द्वारा शिकायतकर्ताओं की संतुष्टि प्राप्त किए बिना ही आख्या अपलोड कर शिकायतों का निस्तारण दर्शा दिया गया है, जिसके कारण असंतुष्ट फीडबैक की संख्या लगातार बढ़ रही है। इस पर उन्होंने नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि शासन एवं मंडल स्तर से बार-बार यह निर्देश दिए गए हैं कि प्रत्येक शिकायत का निस्तारण शिकायतकर्ता से संवाद स्थापित कर गुणवत्तापूर्ण ढंग से किया जाए, लेकिन कई विभाग इन निर्देशों का पालन गंभीरता से नहीं कर रहे हैं।उन्होंने कहा कि आईजीआरएस पोर्टल पर शिकायतकर्ता से सीधे संपर्क कर उसकी संतुष्टि सुनिश्चित करने की व्यवस्था उपलब्ध है। इसके बावजूद इस सुविधा का उपयोग न किया जाना अधिकारियों और कर्मचारियों की कार्यशैली पर प्रश्नचिह्न खड़ा करता है। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि असंतुष्ट फीडबैक में वृद्धि शासन की मंशा के विपरीत है और यह संबंधित अधिकारियों की लापरवाही एवं पदीय दायित्वों के प्रति उदासीनता को दर्शाता है।समीक्षा के दौरान यह भी सामने आया कि शासन स्तर से प्राप्त राजस्व विभाग के अनेक प्रकरण रॉबर्ट्सगंज एवं ओबरा तहसील में लंबित हैं। इस पर जिलाधिकारी ने उपजिलाधिकारी रॉबर्ट्सगंज एवं उपजिलाधिकारी ओबरा को कड़ी फटकार लगाते हुए निर्देश दिया कि सभी लंबित प्रकरणों का तथ्यपरक एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण आज ही सुनिश्चित किया जाए।जिलाधिकारी ने कहा कि शिकायतों का निस्तारण केवल औपचारिकता पूरी करने तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि वास्तविक समस्या के समाधान पर आधारित होना चाहिए, ताकि शिकायतकर्ता को संतुष्टि मिल सके और असंतुष्ट फीडबैक की पुनरावृत्ति न हो।उन्होंने सभी विभागीय अधिकारियों को निर्देशित किया कि आईजीआरएस शिकायतों के निस्तारण को सर्वोच्च प्राथमिकता दें तथा प्रत्येक प्रकरण का समयबद्ध, पारदर्शी और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित करें, जिससे आमजन को त्वरित न्याय एवं राहत उपलब्ध हो सके। :::
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