आईजीआरएस शिकायतों के निस्तारण में लापरवाही पर डीएम सख्त,जल निगम के अधिकारियों का वेतन रोकने के निर्देश
आईजीआरएस शिकायतों के निस्तारण में लापरवाही पर डीएम सख्त,जल निगम के अधिकारियों का वेतन रोकने के निर्देश
8:23 PM, Jun 8, 2026
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Edited By: Shaktipal , Reported By: Son prabhat live

असंतुष्ट फीडबैक बढ़ने पर तहसीलदार दूद्धी को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देशसोनभद्र। जन शिकायतों के गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध निस्तारण को लेकर जिलाधिकारी चर्चित गौड़ ने कड़ा रुख अपनाया है। कलेक्ट्रेट सभागार स्थित जनसुनवाई कक्ष में आईजीआरएस पोर्टल पर प्राप्त शिकायतों की समीक्षा के दौरान उन्होंने शिकायतों के निस्तारण में बरती जा रही लापरवाही पर नाराजगी जताते हुए संबंधित अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए।समीक्षा में पाया गया कि कई मामलों में शिकायतकर्ताओं की संतुष्टि सुनिश्चित किए बिना ही आख्या अपलोड कर शिकायतों का निस्तारण कर दिया गया, जिसके चलते असंतुष्ट फीडबैक की संख्या लगातार बढ़ रही है। जिलाधिकारी ने कहा कि शासन एवं मंडल स्तर से बार-बार निर्देश जारी किए जाने के बावजूद शिकायतों के निस्तारण में अपेक्षित गंभीरता नहीं दिखाई जा रही है।उन्होंने कहा कि आईजीआरएस पोर्टल पर शिकायतकर्ता से संवाद स्थापित कर उसकी संतुष्टि प्राप्त करने की व्यवस्था पहले से उपलब्ध है, लेकिन इसका समुचित अनुपालन नहीं किया जा रहा है। यह स्थिति अधिकारियों एवं कर्मचारियों की कार्यशैली पर प्रश्नचिह्न लगाती है और शासन की मंशा के विपरीत है।मामले को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी ने उत्तर प्रदेश जल निगम (ग्रामीण) सोनभद्र के अधिशासी अभियंता, सहायक अभियंता, अवर अभियंता सहित संबंधित समस्त स्टाफ के जून-2026 माह के वेतन आहरण पर अग्रिम आदेश तक रोक लगाने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि असंतुष्ट फीडबैक की संख्या में सुधार नहीं हुआ तो जिम्मेदारी तय करते हुए संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध कठोर विभागीय कार्रवाई की जाएगी तथा आवश्यकता पड़ने पर निलंबन की संस्तुति भी की जाएगी।बैठक के दौरान तहसील दूद्धी क्षेत्र में शिकायतों के निस्तारण में भी लापरवाही सामने आने पर जिलाधिकारी ने तहसीलदार दूद्धी को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जन शिकायतों के निस्तारण में किसी भी प्रकार की औपचारिकता, शिथिलता या लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।जिलाधिकारी ने सभी विभागीय अधिकारियों को निर्देशित किया कि शिकायतों का निस्तारण केवल कागजी कार्रवाई तक सीमित न रहे, बल्कि शिकायतकर्ता की वास्तविक समस्या का समाधान कर उसकी संतुष्टि सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि जन शिकायतों का प्रभावी निस्तारण ही सुशासन की पहचान है और इसमें किसी भी प्रकार की कोताही स्वीकार नहीं की जाएगी।
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