जनसुनवाई में लापरवाही पर डीएम सख्त, 11 अधिकारियों का वेतन रोका; दो दिन में मांगा स्पष्टीकरण
जनसुनवाई में लापरवाही पर डीएम सख्त, 11 अधिकारियों का वेतन रोका; दो दिन में मांगा स्पष्टीकरण
5:22 PM, Jul 22, 2026
Share:
Edited By: Shaktipal , Reported By: Son prabhat live

सुबह 10 से 12 बजे तक जनसुनवाई में अनिवार्य उपस्थिति के निर्देश, जवाबदेही तय करने पर जोर
सोनभद्र:जनसामान्य की समस्याओं के समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण को लेकर जिलाधिकारी चर्चित गौड़ ने बुधवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जिला, तहसील एवं ब्लॉक स्तरीय अधिकारियों की जनसुनवाई में उपस्थिति की समीक्षा की। समीक्षा के दौरान 11 जिला स्तरीय अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से अनुपस्थित पाए गए, जिस पर जिलाधिकारी ने कड़ा रुख अपनाते हुए उनका वेतन तत्काल प्रभाव से अवरुद्ध करने और दो दिन के भीतर स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।अनुपस्थित अधिकारियों में मुख्य चिकित्साधिकारी, ज्येष्ठ खान अधिकारी, सहायक निदेशक मत्स्य, सहायक महानिरीक्षक निबंधन, सहायक निदेशक रेशम, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी, भूमि संरक्षण अधिकारी, जिला खाद्य एवं विपणन अधिकारी, अपर मुख्य अधिकारी जिला पंचायत, क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण अधिकारी तथा अधिशासी अभियंता ग्रामीण अभियंत्रण सेवा विभाग शामिल हैं।
जिलाधिकारी ने कहा कि जनसुनवाई शासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। इसमें किसी भी प्रकार की शिथिलता, उदासीनता या अनुशासनहीनता स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने सभी जिला स्तरीय अधिकारियों को प्रतिदिन सुबह 10 बजे से 12 बजे तक अपने कार्यालय में बैठकर आमजन की शिकायतों की सुनवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
विज्ञापन
यह भी पढ़ें
साथ ही, तहसील एवं ब्लॉक स्तरीय अधिकारियों को अपने अधीनस्थ कर्मचारियों की जनसुनवाई और वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में अनिवार्य उपस्थिति सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए गए। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि जनसुनवाई में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के विरुद्ध भविष्य में भी कड़ी प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी।






