संपादकीय : आगरा में EJN की तीन दिवसीय कार्यशाला शुरू, नवीकरणीय ऊर्जा और समाधानपरक पत्रकारिता पर हुई चर्चा.
तीन दिवसीय कार्यशाला में पहले दिन सुल्तानपुर जिले के जिलाधिकारी इन्द्रजीत सिंह ने पहले सेशन की शुरुआत की।
agra
11:43 PM, Sep 24, 2026
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Edited By: Ashish Gupta , Reported By: News Desk

Photo : Sonprabhat News
आगरा। नवीकरणीय ऊर्जा, जलवायु परिवर्तन, जैव विविधता संरक्षण और पर्यावरणीय मुद्दों पर पत्रकारिता को बढ़ावा देने वाली संस्था अर्थ जर्नलिज्म नेटवर्क (EJN) द्वारा आगरा के होटल पुष्प विला में कंटेंट क्रिएटर्स और कम्युनिकेटर्स के लिए तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया जा रहा है। कार्यशाला की शुरुआत 24 सितंबर से हुई।

कार्यशाला में देश के हिंदी पट्टी के विभिन्न राज्यों से आए पत्रकारों, कंटेंट क्रिएटर्स और कम्युनिकेटर्स ने हिस्सा लिया। सोनप्रभात लाइव न्यूज के संपादक आशीष कुमार गुप्ता भी इस कार्यशाला में प्रतिभागी के रूप में शामिल हैं।
कार्यक्रम की शुरुआत प्रतिभागियों के परिचय के साथ हुई। कार्यशाला को फैसिलिटेट कर रहे सुधीर मिश्रा ने प्रतिभागियों का स्वागत करते हुए प्रशिक्षण कार्यक्रम के उद्देश्य और इसकी रूपरेखा से अवगत कराया।
नवीकरणीय ऊर्जा की वर्तमान स्थिति पर चर्चा
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पहले सत्र में EJN की ओर से जयदीप गुप्ता ने उत्तर प्रदेश के जिलाधिकारी एवं पूर्व UPNEDA निदेशक इंद्रजीत सिंह को ऑनलाइन सत्र के लिए आमंत्रित किया। उन्होंने प्रस्तुति के माध्यम से उत्तर प्रदेश में नवीकरणीय ऊर्जा की वर्तमान स्थिति, संभावनाओं और चुनौतियों पर जानकारी साझा की।

सत्र में एग्रीवोल्टिक्स, पीएम कुसुम योजना, ग्रीन हाइड्रोजन, CBG और पीएम सूर्य घर योजना सहित नवीकरणीय ऊर्जा से जुड़े विभिन्न विषयों पर चर्चा हुई। प्रतिभागियों ने भी सवाल पूछकर ऊर्जा क्षेत्र से जुड़े विभिन्न पहलुओं को समझा।
समाधानपरक पत्रकारिता पर जोर
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दूसरे सत्र में EJN की यात्रा और पर्यावरणीय पत्रकारिता के क्षेत्र में किए जा रहे कार्यों पर चर्चा की गई। इसके बाद सोल्यूशन जर्नलिज्म की प्रतिनिधि सहाना घोष ने समाधानपरक पत्रकारिता के कॉन्सेप्ट, उसके मूल्यों और नवीकरणीय ऊर्जा से जुड़ी स्टोरी तैयार करने के तकनीकी पहलुओं पर जानकारी दी।
प्रतिभागियों के लिए प्रैक्टिस सेशन भी आयोजित किया गया, जिसमें पर्यावरण और ऊर्जा से जुड़े मुद्दों को समाधानपरक दृष्टिकोण से स्टोरी में बदलने का अभ्यास कराया गया।
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मोबाइल पत्रकारिता की बारीकियां समझीं
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तीसरे सत्र में मोबाइल वीडियो जर्नलिज्म विशेषज्ञ सुचिता झा और रोहित उपाध्याय ने मोबाइल फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी की बारीकियों पर जानकारी दी। इस दौरान मोबाइल कैमरे के फीचर्स, शॉट फ्रेमिंग, एंगल और फील्ड शूटिंग के दौरान बरती जाने वाली सावधानियों को उदाहरणों के माध्यम से समझाया गया।
दयालबाग में समझा एग्रीवोल्टिक्स मॉडल
कार्यशाला के पहले दिन का महत्वपूर्ण हिस्सा फील्ड विजिट रहा। दोपहर के बाद प्रतिभागियों ने दयालबाग एजुकेशनल इंस्टीट्यूट का दौरा किया और एक ही जमीन पर खेती तथा सौर ऊर्जा उत्पादन के मॉडल को करीब से समझा।
इस दौरान प्रतिभागियों को एग्रीवोल्टिक्स (Agri-PV) तकनीक के बारे में जानकारी मिली। इस मॉडल में कृषि भूमि पर सोलर पैनल लगाए जाते हैं और उनके नीचे या आसपास खेती जारी रहती है।
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विशेषज्ञों और प्रतिभागियों ने इस मॉडल के माध्यम से खेती, सौर ऊर्जा, पानी की उपलब्धता, किसान की आय और जलवायु परिवर्तन जैसे मुद्दों के आपसी संबंध को समझा। एग्रीवोल्टिक्स को एक ऐसे मॉडल के रूप में देखा जा रहा है, जिसमें एक ही भूमि का उपयोग कृषि उत्पादन और ऊर्जा उत्पादन दोनों के लिए किया जा सकता है।

सोनभद्र से सम्मिलित सोन प्रभात संपादक आशीष गुप्ता
कार्यशाला का पहला दिन प्रशिक्षण, संवाद और फील्ड अनुभव के साथ संपन्न हुआ। आगामी सत्रों में नवीकरणीय ऊर्जा और पर्यावरण से जुड़े विषयों पर कंटेंट निर्माण, स्टोरीटेलिंग और प्रभावी संचार के विभिन्न पहलुओं पर प्रशिक्षण जारी रहेगा।






