वर्ष 2026 तक सोनभद्र को बाल श्रम मुक्त बनाने के प्रयास होंगे तेज
वर्ष 2026 तक सोनभद्र को बाल श्रम मुक्त बनाने के प्रयास होंगे तेज
8:05 PM, Aug 11, 2026
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Edited By: Shaktipal , Reported By: Son prabhat live

जिला टास्क फोर्स की बैठक में सभी विभागों को सक्रिय भूमिका निभाने के निर्देशसोनभद्र। अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार, सोनभद्र में जिला टास्क फोर्स की बैठक आयोजित की गई। बैठक में जनपद को बाल श्रम मुक्त बनाने, बाल एवं किशोर श्रमिकों के प्रभावी चिन्हांकन, रेस्क्यू, पुनर्वासन तथा बाल श्रम उन्मूलन अभियान में विभिन्न विभागों की सहभागिता को लेकर विस्तृत चर्चा की गई।बैठक में बताया गया कि श्रम विभाग, उत्तर प्रदेश शासन एवं मा. मुख्यमंत्री जी की प्राथमिकता के अंतर्गत प्रदेश के सभी जनपदों को वर्ष 2027 तक तथा आकांक्षी जनपदों सहित 16 जनपदों को वर्ष 2026 तक बाल श्रम मुक्त घोषित किया जाना है। इसी क्रम में सोनभद्र में श्रम विभाग, एएचटी एवं Association for Voluntary Action के समन्वय से जागरूकता एवं रेस्क्यू अभियान संचालित किए जा रहे हैं।अभियान के तहत जून एवं जुलाई माह में 33 बाल एवं किशोर श्रमिकों का चिन्हांकन किया गया, जबकि 27 संस्थानों के विरुद्ध आवश्यक कार्रवाई की गई। बैठक में चिन्हांकित बच्चों के शैक्षणिक एवं आर्थिक पुनर्वासन के साथ-साथ उन्हें आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने के संबंध में भी चर्चा की गई।जनपद के 10 विकास खंडों की 621 ग्राम पंचायतों, 6 नगर पंचायतों एवं 1 नगर पालिका को दिसंबर 2026 तक बाल श्रम मुक्त घोषित करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसके लिए ग्रामीण क्षेत्रों में ग्राम पंचायत एवं ब्लॉक स्तर की बाल कल्याण एवं संरक्षण समितियों तथा शहरी क्षेत्रों में वार्ड स्तर की समितियों के माध्यम से बाल श्रम मुक्त प्रस्ताव पारित कराने की प्रक्रिया अपनाई जाएगी। इसके बाद जिला स्तरीय समिति द्वारा प्रस्तावों का अनुमोदन किया जाएगा।बैठक में बाल एवं किशोर श्रमिकों के साथ-साथ बंधुआ श्रमिकों के चिन्हांकन, सड़कों पर रहने वाले एवं बेघर बच्चों के बचाव तथा पुनर्वासन के लिए गठित टीमों और नामित नोडल अधिकारियों की भूमिका की भी जानकारी दी गई। सभी संबंधित विभागों को रेस्क्यू एवं पुनर्वासन अभियान में सक्रिय सहयोग करने तथा अपने-अपने स्तर पर प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।श्रम विभाग द्वारा विकास खंड अधिकारियों, ग्राम विकास अधिकारियों/पंचायत सचिवों तथा अधिशासी अधिकारियों के साथ समन्वय स्थापित कर बाल श्रम मुक्त प्रस्ताव पारित कराने के लिए आवश्यक बैठकों के आयोजन पर भी जोर दिया गया।बैठक में ये अधिकारी/प्रतिनिधि रहे उपस्थितबैठक में जिला विद्यालय निरीक्षक, क्षेत्राधिकारी (सीओ), डिप्टी सीएमओ, डीएलएसए प्रतिनिधि, जिला बाल संरक्षण इकाई एवं बाल कल्याण समिति के प्रतिनिधि, पुलिस विभाग, चाइल्ड हेल्पलाइन कोऑर्डिनेटर, जिला कौशल प्रबंधन, विकास खंड अधिकारी, जिला पूर्ति अधिकारी के प्रतिनिधि, एएचटी, बीडीओ प्रतिनिधि, श्रम विभाग के अधिकारी तथा एनजीओ प्रतिनिधि सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
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