सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में घुसकर अधीक्षक से मारपीट, रिकॉर्ड रजिस्टर फाड़ा; छह घायल
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में घुसकर अधीक्षक से मारपीट, रिकॉर्ड रजिस्टर फाड़ा; छह घायल
4:11 PM, Jul 17, 2026
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Edited By: Shaktipal , Reported By: Son prabhat live

सोनभद्र। रॉबर्ट्सगंज कोतवाली क्षेत्र के भटौलिया गांव में खेत की मेड़ बांधने के लिए मिट्टी उठाने को लेकर दो पक्षों में विवाद हो गया। देखते ही देखते विवाद लाठी-डंडों की मारपीट में बदल गया, जिसमें दोनों पक्षों के कुल छह लोग घायल हो गए। सभी घायलों को उपचार के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) मधुपुर में भर्ती कराया गया।सूचना मिलने पर पीआरबी पुलिस अस्पताल पहुंची और दोनों पक्षों को समझाकर तीन घायलों को बेहतर इलाज के लिए जिला अस्पताल भेज दिया। आरोप है कि कुछ देर बाद एक पक्ष के कई लोग अस्पताल पहुंच गए और उपचाराधीन दूसरे पक्ष के घायल पर हमला कर दिया।घटना के दौरान प्रभारी चिकित्साधिकारी एवं अधीक्षक डॉ. अखिलेश अपने चिकित्सा कर्मियों के साथ बीच-बचाव करने पहुंचे, लेकिन हमलावरों ने उनके साथ भी मारपीट कर दी। इस दौरान अस्पताल का रिकॉर्ड रजिस्टर भी फाड़ दिया गया। मारपीट में अधीक्षक डॉ. अखिलेश को गंभीर चोटें आईं।स्थिति बिगड़ती देख अस्पताल के एक कर्मचारी ने मुख्य गेट बंद कर पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने कुछ लोगों को हिरासत में लिया तथा अन्य घायलों को जिला अस्पताल भेजा। हंगामे के चलते ओपीडी सेवाएं काफी देर तक बाधित रहीं। बाद में दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के आश्वासन के बाद अस्पताल में उपचार कार्य दोबारा शुरू कराया गया।थानाध्यक्ष रामस्वरूप वर्मा ने मौके पर पहुंचकर घटना की जानकारी ली। पुलिस ने फाड़े गए रजिस्टर का निरीक्षण किया तथा चिकित्साधिकारी का बयान और सीसीटीवी फुटेज भी अपने कब्जे में लिया। उन्होंने दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई का भरोसा दिया।मारपीट में प्रथम पक्ष के राजेश (34) पुत्र कन्हैया तथा कन्हैया (65) पुत्र स्वर्गीय बचाऊ घायल हुए। वहीं दूसरे पक्ष के कृष्णवती पत्नी उमा, विकास (26) पुत्र बृजमोहन, सुनीता देवी (45) पत्नी बृजमोहन तथा आकाश (17) पुत्र बृजमोहन घायल हुए। आरोप है कि अस्पताल में भर्ती राजेश पर बृजमोहन पक्ष के लोगों ने हमला किया।स्थानीय लोगों ने इस पूरे घटनाक्रम के लिए पीआरबी की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि गंभीर मारपीट में कई लोगों के घायल होने के बावजूद पीआरबी ने न तो अपने वरिष्ठ अधिकारियों को समय पर सूचना दी और न ही स्थानीय थाने को अवगत कराया। आरोप यह भी है कि पुलिस घायलों को अस्पताल में छोड़कर वापस लौट गई, जिसके बाद अस्पताल के भीतर हमला हुआ।लोगों ने उच्च अधिकारियों से पूरे मामले की निष्पक्ष एवं गंभीर जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
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