फर्जी खनिज परिवहन परमिट गिरोह का पर्दाफाश, लैपटॉप-प्रिंटर समेत चार गिरफ्तार
फर्जी खनिज परिवहन परमिट गिरोह का पर्दाफाश, लैपटॉप-प्रिंटर समेत चार गिरफ्तार
8:17 PM, Aug 11, 2026
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Edited By: Shaktipal , Reported By: Sanjay singh

फर्जी सिक्योरिटी पेपर तैयार कर गिट्टी-बालू के अवैध परिवहन का आरोप, पुलिस ने डिजिटल उपकरण व नकदी की बरामद
सोनभद्र। अवैध खनन, खनिजों के अवैध परिवहन और फर्जी दस्तावेज तैयार कर राजस्व एवं शासकीय व्यवस्था को क्षति पहुंचाने वालों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान में सोनभद्र पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। थाना रॉबर्ट्सगंज पुलिस ने फर्जी सिक्योरिटी पेपर तैयार कर गिट्टी-बालू के परिवहन में इस्तेमाल किए जाने वाले कथित नेटवर्क का पर्दाफाश करते हुए चार अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है।पुलिस के अनुसार गिरफ्तार अभियुक्तों की पहचान अश्विनी पटेल, उमेश यादव, हिमांशु पाण्डेय और शक्तिमान कुमार के रूप में हुई है। इनके कब्जे से HP कंपनी का लैपटॉप, Canon कंपनी का प्रिंटर, चार्जर, चार एंड्रॉयड मोबाइल फोन, 5,900 रुपये नकद समेत फर्जी सिक्योरिटी पेपर तैयार करने में प्रयुक्त डिजिटल सामग्री बरामद की गई है।पुलिस अधीक्षक सोनभद्र अभिषेक वर्मा के निर्देशन में चलाए जा रहे अभियान के तहत अपर पुलिस अधीक्षक नगर अनिल कुमार, क्षेत्राधिकारी पिपरी हर्ष पाण्डेय और क्षेत्राधिकारी नगर रणधीर मिश्रा के पर्यवेक्षण में यह कार्रवाई की गई। प्रभारी निरीक्षक रॉबर्ट्सगंज रामस्वरूप वर्मा के नेतृत्व में पुलिस टीम व एसओजी टीम वांछित अभियुक्तों की तलाश में जुटी थी।पुलिस के मुताबिक मुखबिर से सूचना मिली कि मुकदमे से संबंधित अभियुक्त तेन्दु (मगुरही) स्थित हनुमान मंदिर परिसर में एकत्र होकर फर्जी दस्तावेज तैयार करने की तैयारी में हैं। सूचना पर पुलिस टीम ने घेराबंदी कर चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।लैपटॉप-प्रिंटर से तैयार किए जाते थे फर्जी परमिटपूछताछ में पुलिस के अनुसार सामने आया कि ब्लैंक सिक्योरिटी पेपर/फार्म-11 को डिजिटल माध्यम से एडिट कर उसमें वाहन संख्या, चालक का विवरण, गिट्टी-बालू की मात्रा सहित अन्य जानकारी दर्ज कर कथित तौर पर फर्जी परमिट तैयार किए जाते थे।पुलिस के अनुसार हिमांशु पाण्डेय ब्लैंक सिक्योरिटी पेपर उपलब्ध कराता था, जबकि अश्विनी पटेल और उमेश यादव इन पेपरों को शक्तिमान कुमार के सहज जनसेवा केंद्र पर ले जाकर अपनी आवश्यकता के अनुसार एडिट कराते थे। तैयार दस्तावेजों का इस्तेमाल गिट्टी-बालू लदे वाहनों के परिवहन में किए जाने की बात पूछताछ में सामने आई है।पुलिस के मुताबिक गिरोह में अलग-अलग लोगों की भूमिका निर्धारित थी। इसमें ब्लैंक सिक्योरिटी पेपर उपलब्ध कराना, डिजिटल माध्यम से परमिट तैयार करना, वाहन एवं खनिज संबंधी विवरण दर्ज करना तथा फर्जी दस्तावेज के आधार पर खनिज परिवहन कराकर आर्थिक लाभ अर्जित करना शामिल था।16 और 22 जून को भी फर्जी दस्तावेज तैयार करने की बातपुलिस के अनुसार पूछताछ में 16 जून 2026 और 22 जून 2026 को भी फर्जी सिक्योरिटी पेपर तैयार किए जाने की जानकारी सामने आई है। इन दस्तावेजों और इनके माध्यम से कराए गए खनिज परिवहन को लेकर पुलिस द्वारा विस्तृत विवेचनात्मक एवं तकनीकी जांच की जा रही है।चारों अभियुक्तों के विरुद्ध थाना रॉबर्ट्सगंज में मु0अ0सं0 555/2026 के तहत बीएनएस की विभिन्न धाराओं के साथ खान एवं खनिज (विकास का विनियमन) अधिनियम तथा सार्वजनिक सम्पत्ति क्षति निवारण अधिनियम के तहत कार्रवाई की गई है। पुलिस ने बताया कि सभी अभियुक्तों को आवश्यक विधिक कार्रवाई के बाद न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत/चालान किया गया है।गिरफ्तार अभियुक्तअश्विनी पटेल, निवासी कूराकला, थाना पन्नूगंज, सोनभद्र।उमेश यादव, निवासी अतरवा शमशेर, थाना नौगढ़, चंदौली।हिमांशु पाण्डेय, निवासी प्रीतनगर, थाना चोपन, सोनभद्र।शक्तिमान कुमार, निवासी हलिया बांध, थाना चकरघट्टा, चंदौली।बरामदगीHP लैपटॉप, Canon प्रिंटर, चार्जर, चार एंड्रॉयड मोबाइल फोन, 5,900 रुपये नकद तथा फर्जी सिक्योरिटी पेपर तैयार करने में प्रयुक्त डिजिटल सामग्री/उपकरण।कार्रवाई में प्रभारी निरीक्षक रामस्वरूप वर्मा, निरीक्षक नागेश सिंह (एसओजी प्रभारी) सहित थाना रॉबर्ट्सगंज और एसओजी की पुलिस टीम शामिल रही।
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