“पहले पुनर्वास, फिर हटाओ” : गरीब दुकानदारों के समर्थन में उतरा व्यापार संगठन, प्रशासन को सौंपा ज्ञापन
“पहले पुनर्वास, फिर हटाओ” : गरीब दुकानदारों के समर्थन में उतरा व्यापार संगठन, प्रशासन को सौंपा ज्ञापन
2:29 PM, May 27, 2026
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Edited By: Shaktipal , Reported By: Son prabhat live

सोनभद्र, 27 मई। नगर क्षेत्र में फ्लाईओवर के नीचे वर्षों से अपनी जीविका चला रहे गरीब रेहड़ी-पटरी एवं छोटे दुकानदारों को हटाने की कार्रवाई को लेकर उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार संगठन ने गहरी चिंता व्यक्त की है। संगठन ने प्रशासन से मांग की है कि बिना वैकल्पिक व्यवस्था किए गरीब दुकानदारों को हटाना न्यायोचित नहीं होगा।संगठन के जिला अध्यक्ष कौशल शर्मा ने अपर जिला अधिकारी (न्यायिक) रमेश सिंह को ज्ञापन सौंपते हुए कहा कि फ्लाईओवर के नीचे दुकान लगाने वाले अधिकांश लोग आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग से आते हैं और उनका व्यवसाय ही आजीविका का एकमात्र साधन है। ऐसे में अचानक अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई से सैकड़ों परिवारों के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो सकता है।उन्होंने बताया कि कई छोटे दुकानदार बैंक से ऋण लेकर अपना रोजगार चला रहे हैं। यदि उनका व्यवसाय अचानक बंद होता है तो आर्थिक संकट के साथ-साथ ऋण अदायगी में भी परेशानी आएगी और उनका वित्तीय रिकॉर्ड भी प्रभावित हो सकता है।कौशल शर्मा ने जिला प्रशासन का ध्यान आकर्षित करते हुए कहा कि केंद्र और राज्य सरकार की स्ट्रीट वेंडर नीति के तहत पहले नगर क्षेत्र में व्यवस्थित वेंडिंग जोन स्थापित किया जाए, दुकानदारों का सर्वे कराया जाए तथा उन्हें वैध स्थान आवंटित किया जाए। इसके बाद ही किसी प्रकार की हटाने की कार्रवाई होनी चाहिए।उन्होंने कहा कि गरीबों को उजाड़ना किसी समस्या का समाधान नहीं है। प्रशासन को मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए पुनर्वास की व्यवस्था सुनिश्चित करनी चाहिए। उन्होंने जिलाधिकारी से “पहले पुनर्वास, फिर हटाओ” की नीति लागू करने की मांग करते हुए कहा कि विकास कार्यों के साथ-साथ गरीब परिवारों की आजीविका भी सुरक्षित रहनी चाहिए।संगठन ने यह भी मांग उठाई कि अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई में किसी भी प्रकार का भेदभाव न किया जाए और प्रभावशाली लोगों पर भी समान रूप से कार्रवाई हो।व्यापार संगठन ने चेतावनी दी कि यदि बिना वैकल्पिक व्यवस्था के दुकानों को हटाया गया तो संगठन लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन करने को बाध्य होगा।इस दौरान ज्ञापन सौंपने वालों में प्रमुख रूप से चंदन चौरसिया, राकेश प्रसाद, दिलीप कुमार, अजय कुमार, दयाराम सोनकर, राजा सोनकर, अनिल सोनकर, सुरेश, राजेश कुमार, विजेंद्र, तेजू, अजय कुमार शर्मा, रामजी केसरी, काशी प्रसाद, आफताब आलम सहित अन्य लोग मौजूद रहे।
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