हिंदी पत्रकारिता दिवस पर दुद्धी में पत्रकारों का भव्य समागम, "उदंत मार्तंड" के संस्थापक जुगल किशोर शुक्ल को किया गया नमन
पत्रकार लोकतंत्र का सच्चा प्रहरी : हरिराम चेरो
duddhi
7:43 PM, May 30, 2026
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Edited By: Ashish Gupta , Reported By: Jitendra Chandravanshi

Photo : Sonprabhat News
दुद्धी (सोनभद्र)। हिंदी पत्रकारिता दिवस के 200वें वर्ष के अवसर पर शनिवार को दुद्धी स्थित होटल अथर्व में जनपद सोनभद्र के पत्रकारों का भव्य समागम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में हिंदी पत्रकारिता की गौरवशाली परंपरा, पत्रकारों की सामाजिक जिम्मेदारियों तथा वर्तमान चुनौतियों पर विस्तार से चर्चा की गई। कार्यक्रम की अध्यक्षता नगर पंचायत चेयरमैन कमलेश मोहन ने की।

मुख्य अतिथि हरिराम चेरो, पूर्व लोकप्रिय विधायक एवं राष्ट्रीय अध्यक्ष, चेरो जनजाति महासंघ ने अपने उद्बोधन में कहा कि पत्रकारिता का इतिहास देश की आजादी से लेकर वर्तमान लोकतांत्रिक व्यवस्था तक अत्यंत गौरवशाली रहा है। उन्होंने कहा कि पत्रकार लोकतंत्र का सच्चा प्रहरी है, जो व्यवस्थापिका, कार्यपालिका और न्यायपालिका की नीतियों एवं कार्यों पर अपनी लेखनी के माध्यम से हस्तक्षेप कर समाज को आईना दिखाने का कार्य करता है। उन्होंने कहा कि पत्रकारिता में इतनी शक्ति है कि वह किसी सरकार को बुलंदियों तक पहुंचा सकती है और उसे सत्ता से बाहर का रास्ता भी दिखा सकती है। उन्होंने पत्रकारों से निष्पक्ष एवं जनहितकारी लेखन को प्राथमिकता देने का आह्वान किया।

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विशिष्ट अतिथि डॉ. रामजीत यादव ने हिंदी पत्रकारिता के इतिहास पर प्रकाश डालते हुए बताया कि 30 मई 1826 को कोलकाता से जुगल किशोर शुक्ल द्वारा प्रकाशित "उदंत मार्तंड" भारत का पहला हिंदी समाचार पत्र था। उन्होंने बताया कि लगभग 500 प्रतियों के साथ शुरू हुआ यह साप्ताहिक समाचार पत्र लंबे समय तक नहीं चल सका, किंतु उसकी प्रज्ज्वलित की गई ज्योति आज भी देश के विभिन्न समाचार पत्रों और मीडिया संस्थानों के माध्यम से प्रकाशमान है। उन्होंने 19वीं शताब्दी में सामाजिक और साहित्यिक नवजागरण में पत्रकारिता की भूमिका का उल्लेख करते हुए भारतेंदु हरिश्चंद्र, पंडित प्रताप नारायण मिश्र, राजा राममोहन राय सहित अनेक महान विभूतियों के योगदान को याद किया। उन्होंने कहा कि पत्रकारिता ने जाति प्रथा, बाल विवाह, बाल शोषण और सती प्रथा जैसी सामाजिक कुरीतियों के विरुद्ध जनजागरण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
बनवासी सेवा आश्रम की मंत्री सुभा प्रेम ने अंधाधुंध औद्योगिकीकरण और पर्यावरणीय क्षरण पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि विकास और प्रकृति के बीच संतुलन बनाए रखना समय की आवश्यकता है। उन्होंने सोनभद्र के पत्रकारों से पर्यावरण संरक्षण के मुद्दों को प्रमुखता से उठाने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि पर्यावरणीय दृष्टि से सोनभद्र की स्थिति गंभीर चिंता का विषय है और इस दिशा में व्यापक जनजागरूकता की आवश्यकता है।
साहित्यकार एवं सामाजिक चिंतक डॉ. लवकुश प्रजापति ने कहा कि पत्रकारिता कोई सामान्य कार्य नहीं है। उन्होंने कहा कि पत्रकारिता के लिए भीतर एक सामाजिक आंदोलन और परिवर्तन की चेतना होना आवश्यक है। यदि मन में जनसरोकारों के प्रति संवेदना नहीं है तो पत्रकारिता अपने वास्तविक अर्थ खो देती है। उन्होंने निष्पक्ष पत्रकारिता को कठिन किंतु अत्यंत आवश्यक बताया।

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वरिष्ठ पत्रकार ख्वाजा खान ने पत्रकारिता को जटिल एवं चुनौतीपूर्ण कार्य बताते हुए कहा कि पत्रकारों को आपसी मतभेदों से ऊपर उठकर समाज और जनहित के लिए कार्य करना चाहिए।
पूर्व नगर अध्यक्ष राजकुमार ने कहा कि पत्रकारों की निष्पक्ष लेखनी शासन-प्रशासन को जवाबदेह और पारदर्शी बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। उन्होंने जनहित से जुड़े मुद्दों को मजबूती से उठाने वाले पत्रकारों की सराहना की।
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सिविल बार एसोसिएशन के अध्यक्ष रामलोचन तिवारी एवं रामेश्वर प्रसाद राय ने दुद्धी स्टेट के इतिहास, रानी विक्टोरिया, गन्डेविया एक्ट तथा क्षेत्रीय इतिहास से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर प्रकाश डाला। साथ ही उन्होंने स्वर्गीय प्रेम भाई द्वारा किए गए सामाजिक कार्यों को स्मरण करते हुए उनकी प्रशंसा की।
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राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के जिला संघ चालक रविंद्र जायसवाल ने कहा कि दुद्धी देहातों का शहर है। उन्होंने बाहरी प्रभाव, माफियावाद, गुटबाजी और आपसी उपेक्षा जैसी समस्याओं का उल्लेख करते हुए पत्रकारों से भ्रष्टाचार और सिंडिकेट व्यवस्था के विरुद्ध प्रभावी लेखन करने का आह्वान किया।
अधिवक्ता रामपाल जौहरी ने हिंदी पत्रकारिता के इतिहास पर प्रकाश डालते हुए कहा कि प्रारंभिक हिंदी पत्रकारिता में हिंदी एवं ब्रजभाषा दोनों का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। उन्होंने पत्रकारिता को अत्यंत सराहनीय कार्य बताते हुए लेखन में मर्यादा और जिम्मेदारी बनाए रखने की आवश्यकता पर बल दिया।
सुरेंद्र अग्रहरि ने समाचार संकलन में तथ्यात्मक शुद्धता और भाषा की शुद्धता पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता बताई, ताकि आने वाली पीढ़ियों को सही और प्रमाणिक जानकारी प्राप्त हो सके।
कार्यक्रम के दौरान वरिष्ठ पत्रकार प्रमोद कुमार के लंबे पत्रकारिता जीवन और उनके योगदान की अनेक वक्ताओं ने मुक्त कंठ से सराहना की। वहीं तहसीलदार अंजनि गुप्ता ने हिंदी पत्रकारिता दिवस की शुभकामनाएं देते हुए पत्रकारों की भूमिका को लोकतंत्र के लिए महत्वपूर्ण बताया।
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कार्यक्रम का संचालन वरिष्ठ पत्रकार जगत नारायण विश्वकर्मा ने किया।
इस अवसर पर अजीत पांडे, चंद्रशेखर पांडे, अरुण पांडे, प्रमोद कुमार, देवेश मोहन, जितेन्द्र कुमार चन्द्रवंशी, प्रभात कुमार, मदन तिवारी, भीम जायसवाल, अशोक दुबे, राफे खां, सेराज खां, राजीव मिश्रा, नीतीश कुमार, समर जायसवाल, विनोद कुमार, विवेक कुमार सहित जनपद के सैकड़ों पत्रकार उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के अंत में आयोजक मंडल द्वारा मुख्य अतिथि, विशिष्ट अतिथियों एवं उपस्थित पत्रकारों को सम्मानित किया गया।






