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सोनभद्र में 'कन्या सुमंगला योजना' से 26 हजार से अधिक बेटियों का संवरा भविष्य, जन्म से स्नातक तक मिल रही ₹25 हजार की सहायता

सोनभद्र में 'कन्या सुमंगला योजना' से 26 हजार से अधिक बेटियों का संवरा भविष्य, जन्म से स्नातक तक मिल रही ₹25 हजार की सहायता

7:23 PM, Jul 1, 2026

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Edited By: Shaktipal , Reported By: Son prabhat live

सोनभद्र में 'कन्या सुमंगला योजना' से 26 हजार से अधिक बेटियों का संवरा भविष्य, जन्म से स्नातक तक मिल रही ₹25 हजार की सहायता
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सोन प्रभात लाइव न्यूज़ डेस्क


सोनभद्र। उत्तर प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना जनपद सोनभद्र में बेटियों के सशक्तिकरण की मजबूत आधारशिला बन रही है। योजना के तहत अब तक 26,341 बालिकाओं को लाभ मिल चुका है। जन्म से लेकर स्नातक अथवा डिप्लोमा तक शिक्षा के विभिन्न चरणों में कुल 25 हजार रुपये की आर्थिक सहायता सीधे डीबीटी (डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर) के माध्यम से लाभार्थियों के बैंक खातों में भेजी जा रही है। योजना से बालिकाओं की शिक्षा को बढ़ावा मिलने के साथ-साथ बाल विवाह पर रोक और लिंगानुपात में सुधार जैसे सकारात्मक परिणाम भी सामने आए हैं।

जिलाधिकारी चर्चित गौड़ ने बताया कि चालू वित्तीय वर्ष में भी योजना के प्रति लोगों का उत्साह बना हुआ है। अब तक 1,117 नए आवेदनों को स्वीकृति प्रदान की जा चुकी है। उन्होंने कहा कि सरकार की यह योजना कन्या भ्रूण हत्या जैसी सामाजिक कुरीतियों पर अंकुश लगाने, बेटियों के जन्म को प्रोत्साहित करने, उनकी शिक्षा सुनिश्चित करने तथा आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को सहयोग देने की दिशा में प्रभावी भूमिका निभा रही है।

छह चरणों में मिलती है आर्थिक सहायता मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना के अंतर्गत बालिका को जन्म से लेकर उच्च शिक्षा तक छह चरणों में कुल 25,000 रुपये की सहायता दी जाती है।जन्म के एक वर्ष के भीतर – ₹5,000पूर्ण टीकाकरण के बाद – ₹2,000कक्षा 1 में प्रवेश पर – ₹3,000कक्षा 6 में प्रवेश पर – ₹3,000कक्षा 9 में प्रवेश पर – ₹5,00010वीं/12वीं के बाद स्नातक या दो वर्षीय अथवा अधिक अवधि के डिप्लोमा में प्रवेश पर – ₹7,000विभागीय आंकड़ों के अनुसार योजना का सर्वाधिक लाभ जन्म एवं टीकाकरण के चरण में प्राप्त हुआ है

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योजना का लाभ लेने के लिए पात्रतायोजना का लाभ उन्हीं परिवारों को मिलता है जिनकी वार्षिक आय तीन लाख रुपये से अधिक नहीं है। परिवार में अधिकतम दो बच्चों का प्रावधान है तथा सामान्य स्थिति में अधिकतम दो बेटियों को योजना का लाभ दिया जाता है। हालांकि, यदि पहले प्रसव में एक बेटी और दूसरे प्रसव में जुड़वां बेटियां जन्म लेती हैं, तो ऐसी विशेष परिस्थिति में तीनों बालिकाओं को योजना का लाभ प्रदान किया जाता है।जिला प्रशासन ने पात्र परिवारों से अपील की है कि वे समय पर आवेदन कर योजना का लाभ उठाएं, ताकि बेटियों की शिक्षा और उज्ज्वल भविष्य को आर्थिक मजबूती मिल सके।

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