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प्रशिक्षकों के दो दिवसीय प्रशिक्षण शिविर का शुभारंभ,स्वावलंबन और आदिम संस्कृति संरक्षण पर जोर

प्रशिक्षकों के दो दिवसीय प्रशिक्षण शिविर का शुभारंभ,स्वावलंबन और आदिम संस्कृति संरक्षण पर जोर

8:35 PM, Jun 9, 2026

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Edited By: Shaktipal , Reported By: Babu lal sharma

प्रशिक्षकों के दो दिवसीय प्रशिक्षण शिविर का शुभारंभ,स्वावलंबन और आदिम संस्कृति संरक्षण पर जोर
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सोन प्रभात लाइव न्यूज़ डेस्क


सोनभद्र:म्योरपुर ब्लॉक के गोविंदपुर स्थित सामाजिक संस्था बनवासी सेवा आश्रम के विचित्रा महाकक्ष में मंगलवार को प्रशिक्षकों के दो दिवसीय प्रशिक्षण शिविर का उद्घाटन साहित्यकार एवं आश्रम अध्यक्ष अजय शेखर, असम से आए प्रशिक्षक प्रदीप और मोनदीप ने गमले में पानी देकर किया।उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए अजय शेखर ने कहा कि दक्षिणांचल की वन संपदा पर पूंजीवादी आक्रमण के कारण जंगल आधारित स्वरोजगार, जड़ी-बूटियां, मोटे अनाज और पारंपरिक आजीविकाएं लगातार समाप्त होती गई हैं। उन्होंने कहा कि आदिम संस्कृति भारतीय सभ्यता की पहचान है, जिसे खत्म करने के प्रयास जारी हैं। लोगों ने मोटे अनाज का सेवन भी छोड़ दिया है, जिससे पारंपरिक जीवनशैली प्रभावित हुई है।उन्होंने लोगों से भारतीय संस्कृति और परंपराओं को अपनाने का आह्वान करते हुए कहा कि बदलाव दूसरों पर थोपने से नहीं, बल्कि स्वयं उसके अनुपालन से संभव है।आश्रम की मंत्री शुभा प्रेम ने सिंगरौली क्षेत्र की संस्कृति और सभ्यता पर प्रकाश डालते हुए बताया कि पहले यहां के लोग पूरी तरह स्वावलंबी थे और स्थानीय संसाधनों के आधार पर अपना जीवनयापन करते थे।असम से आए स्वरोजगार विशेषज्ञ प्रद्युत कुमार और मोनदीप ने ग्रामीण क्षेत्रों में बकरी पालन, गौपालन, खेती और पशुपालन के माध्यम से रोजगार के अवसरों पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि खेती और पशुपालन गरिमापूर्ण रोजगार के सशक्त माध्यम हैं तथा इस क्षेत्र में इसकी अपार संभावनाएं मौजूद हैं। आवश्यकता केवल उचित देखभाल और प्रशिक्षण की है।कार्यक्रम में मिशन समृद्धि के पंकज तिवारी, देव नाथ, केवला, सुरेश, रमेश, संगीता, नीता, मनीष विश्वकर्मा सहित बड़ी संख्या में प्रतिभागी उपस्थित रहे। प्रशिक्षण शिविर में स्वरोजगार, ग्रामीण आजीविका और सांस्कृतिक संरक्षण से जुड़े विभिन्न विषयों पर चर्चा की जाएगी।

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