रॉबर्ट्सगंज में भूमि विवादों का बढ़ता संकट, व्यापार संगठन ने प्रभारी मंत्री से की हस्तक्षेप की मांग
रॉबर्ट्सगंज में भूमि विवादों का बढ़ता संकट, व्यापार संगठन ने प्रभारी मंत्री से की हस्तक्षेप की मांग
2:48 PM, Jun 14, 2026
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Edited By: Shaktipal , Reported By: Son prabhat live

सोनभद्र, 14 जून। उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार संगठन के प्रतिनिधिमंडल ने सर्किट हाउस में प्रदेश के प्रभारी मंत्री हंसराज विश्वकर्मा से मुलाकात कर राबर्ट्सगंज नगर की भूमि संबंधी गंभीर समस्याओं को उठाते हुए शीघ्र समाधान की मांग की। संगठन ने नगर पालिका से वर्ष 2018 में गायब हुए खसरा-खतौनी रजिस्टर की उच्चस्तरीय जांच कराने तथा दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की।जिलाध्यक्ष कौशल शर्मा ने कहा कि राबर्ट्सगंज नगर पालिका क्षेत्र के हजारों नागरिक आज भी भूमि के मालिकाना हक से वंचित हैं। कई बार प्रशासन और जनप्रतिनिधियों को इस समस्या से अवगत कराने के बावजूद अब तक कोई ठोस समाधान नहीं निकल पाया है। उन्होंने कहा कि पूर्व में "टाड़ का डौर" के नाम से प्रसिद्ध इस नगर की भूमि संबंधी समस्याएं लगातार जटिल होती जा रही हैं।उन्होंने बताया कि 22 फरवरी 2018 को नगर पालिका कार्यालय से खसरा-खतौनी रजिस्टर संदिग्ध परिस्थितियों में गायब हो गया था। इस मामले में 4 मार्च 2018 को एफआईआर दर्ज कराई गई, लेकिन आज तक न तो अभिलेख बरामद हो सके और न ही किसी जिम्मेदार व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई हुई। इसके चलते भूमि स्वामित्व, नामांतरण और अन्य राजस्व संबंधी कार्य प्रभावित हो रहे हैं तथा आम नागरिकों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।व्यापार संगठन ने मांग की कि खसरा-खतौनी रजिस्टर गायब होने की घटना की उच्चस्तरीय जांच कराई जाए, एफआईआर और विवेचना की वर्तमान स्थिति सार्वजनिक की जाए तथा सर्वे कार्य की रिपोर्ट और अभिलेखों को शीघ्र जारी किया जाए। साथ ही नगर क्षेत्र के भूमि अभिलेखों का डिजिटलीकरण कर आम जनता के लिए उपलब्ध कराया जाए और भविष्य में अभिलेखों की सुरक्षा के लिए प्रभावी व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।कौशल शर्मा ने चेतावनी देते हुए कहा कि भूमि विवादों को समय रहते नहीं सुलझाया गया तो स्थिति गंभीर हो सकती है। उन्होंने घोरावल के चर्चित उम्भा कांड का उल्लेख करते हुए कहा कि जमीन विवाद के कारण वहां कई लोगों की जान चली गई थी। यदि मुख्यालय क्षेत्र में बढ़ते भूमि विवादों के समाधान की दिशा में प्रशासन ने जल्द कदम नहीं उठाए तो भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति से इनकार नहीं किया जा सकता।इस अवसर पर प्रित पाल सिंह, राजेश जायसवाल, जसकीरत सिंह, नागेंद्र मोदनवाल, विनय जायसवाल सहित व्यापार संगठन के कई पदाधिकारी एवं व्यापारी उपस्थित रहे।
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