निपुण भारत अनुश्रवण डैशबोर्ड की अभिनव पहल को एनआईईपीए द्वारा राष्ट्रीय स्तर पर सम्मान
सोनभद्र। शिक्षा प्रशासन को अधिक प्रभावी, पारदर्शी एवं परिणामोन्मुख बनाने की दिशा में जनपद सोनभद्र द्वारा किए जा रहे निरंतर नवाचारों को राष्ट्रीय स्तर पर महत्वपूर्ण पहचान मिली है
8:36 PM, Sep 4, 2026
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Edited By: Shaktipal , Reported By: Son prabhat live

सोनभद्र। शिक्षा प्रशासन को अधिक प्रभावी, पारदर्शी एवं परिणामोन्मुख बनाने की दिशा में जनपद सोनभद्र द्वारा किए जा रहे निरंतर नवाचारों को राष्ट्रीय स्तर पर महत्वपूर्ण पहचान मिली है। राष्ट्रीय शैक्षिक योजना एवं प्रशासन संस्थान (एनआईईपीए), नई दिल्ली द्वारा शिक्षा प्रशासन में नवाचार एवं उत्कृष्ट कार्यप्रणालियों को प्रोत्साहित करने के लिए आयोजित राष्ट्रीय पहल के अंतर्गत जनपद की निपुण भारत अनुश्रवण डैशबोर्ड आधारित अभिनव पहल को राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित किया गया है।नई दिल्ली में 02 एवं 03 सितम्बर, 2026 को आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन में देश के 22 राज्यों एवं केन्द्रशासित प्रदेशों से चयनित 84 जिला एवं विकासखण्ड स्तरीय शिक्षा अधिकारियों को उनके अभिनव कार्यों एवं उत्कृष्ट प्रशासनिक प्रयासों के लिए सम्मानित किया गया। इस राष्ट्रीय मंच पर सोनभद्र की पहल का प्रस्तुतीकरण एवं सम्मान जनपद के लिए गौरव का विषय रहा।आंकड़ा आधारित शिक्षा प्रशासन की निरंतर यात्रायह उपलब्धि किसी एक परियोजना का परिणाम नहीं, बल्कि शिक्षा प्रशासन में आंकड़ों, प्रौद्योगिकी एवं नवाचार के प्रभावी उपयोग की दिशा में वर्षों से किए जा रहे निरंतर प्रयासों की परिणति है। विस्तृत भौगोलिक क्षेत्रफल तथा दूरस्थ एवं दुर्गम क्षेत्रों में स्थित विद्यालयों के कारण विद्यालयों, विद्यार्थियों, शिक्षकों एवं शैक्षिक संसाधनों से संबंधित सूचनाओं का समयबद्ध संकलन, विश्लेषण एवं उपयोग जनपद के लिए सदैव महत्वपूर्ण प्रशासनिक आवश्यकता रहा है।इसी आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए जनपद में आंकड़ा आधारित शिक्षा प्रशासन की व्यवस्था को लगातार सुदृढ़ किया गया। इस दिशा में सोनभद्र को पूर्व में भी राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिल चुकी है। एनआईईपीए द्वारा प्रकाशित शैक्षिक प्रशासन में नवाचार एवं उत्कृष्ट कार्यप्रणालियों के संकलन 2018–19 में जनपद की “आधारभूत संरचना, नामांकन एवं शिक्षकों से संबंधित तात्कालिक आंकड़ों के प्रबंधन को सुदृढ़ करना” विषयक पहल को स्थान दिया गया था।इस पहल के माध्यम से विद्यालयों की आधारभूत संरचना, छात्र नामांकन एवं शिक्षकों से संबंधित सूचनाओं के त्वरित संकलन एवं प्रबंधन की व्यवस्था विकसित की गई। जिला एवं विकासखण्ड स्तर पर उपलब्ध आंकड़ों के आधार पर समस्याग्रस्त क्षेत्रों की पहचान कर आवश्यक कार्रवाई करने में इससे महत्वपूर्ण सहायता मिली।निपुण भारत अनुश्रवण डैशबोर्डइसी सोच को आगे बढ़ाते हुए राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अनुरूप निपुण भारत मिशन के प्रभावी क्रियान्वयन तथा विद्यार्थियों में आधारभूत साक्षरता एवं संख्यात्मक दक्षता के विकास की नियमित निगरानी के लिए जनपद में निपुण भारत अनुश्रवण डैशबोर्ड विकसित एवं संचालित किया गया।डैशबोर्ड का प्रमुख उद्देश्य विद्यार्थियों के अधिगम स्तर की नियमित निगरानी, निर्धारित लक्ष्यों के सापेक्ष प्रगति का विश्लेषण, अपेक्षित प्रगति न करने वाले विद्यार्थियों एवं विद्यालयों की पहचान तथा आवश्यकता के अनुरूप उपचारात्मक शिक्षण को प्रभावी बनाना है।इस व्यवस्था में आंकड़ों को केवल सूचना-संकलन तक सीमित न रखते हुए उन्हें निर्णय-निर्धारण एवं शैक्षिक हस्तक्षेप से जोड़ा गया। जिला एवं विकासखण्ड स्तर के अधिकारियों को विद्यालयों एवं विद्यार्थियों की शैक्षिक स्थिति का तुलनात्मक विश्लेषण करने, प्राथमिकता वाले क्षेत्रों की पहचान करने तथा आवश्यकतानुसार समयबद्ध कार्रवाई करने में इससे सहायता मिली।इस प्रकार पहल ने “आंकड़ों से विश्लेषण, विश्लेषण से हस्तक्षेप और हस्तक्षेप से सुधार” की कार्यप्रणाली को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।सामूहिक प्रयासों का परिणामइस अभिनव पहल के विकास एवं प्रभावी क्रियान्वयन में जिला प्रशासन, बेसिक शिक्षा विभाग, विकासखण्ड स्तरीय अधिकारियों, प्रधानाध्यापकों एवं शिक्षकों के साथ तकनीकी सहयोग का महत्वपूर्ण योगदान रहा। डैशबोर्ड के तकनीकी विकास एवं संचालन में राष्ट्रीय सूचना-विज्ञान केन्द्र (एनआईसी), सोनभद्र का सहयोग रहा।जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी श्री मुकुल आनन्द पाण्डेय के नेतृत्व में इस पहल को प्रभावी रूप से आगे बढ़ाया गया। इसके संचालन एवं अनुश्रवण की कार्यप्रणाली को धरातल पर लागू करने में डॉ. सूर्य प्रकाश सहित संबंधित अधिकारियों एवं कार्मिकों का भी महत्वपूर्ण योगदान रहा।जनपद की आंकड़ा आधारित शिक्षा प्रशासन व्यवस्था को आगे चलकर यूज़ डेटा प्रतियोगिता की आकांक्षी जनपदों की शिक्षा श्रेणी में राष्ट्रीय स्तर पर तृतीय स्थान प्राप्त हुआ। यह उपलब्धि इस बात का प्रमाण बनी कि जनपद में आंकड़ों एवं डिजिटल प्रौद्योगिकी का उपयोग केवल अभिलेखीय कार्यों तक सीमित नहीं है, बल्कि शिक्षा की गुणवत्ता, विद्यार्थियों की प्रगति एवं प्रशासनिक निर्णय-निर्धारण को मजबूत करने के लिए किया जा रहा है।राष्ट्रीय सम्मेलन में सोनभद्र की पहल का प्रस्तुतीकरणइसी निरंतर नवाचार, प्रभावी क्रियान्वयन एवं परिणामोन्मुख कार्यप्रणाली के फलस्वरूप सोनभद्र की निपुण भारत अनुश्रवण डैशबोर्ड आधारित पहल को एनआईईपीए की शैक्षिक प्रशासन में नवाचार एवं उत्कृष्ट कार्यप्रणालियों की राष्ट्रीय पुरस्कार पहल के लिए चयनित किया गया।वर्ष 2013–14 से संचालित इस राष्ट्रीय पहल का उद्देश्य जिला एवं विकासखण्ड स्तर पर शिक्षा प्रशासन में किए जा रहे अभिनव प्रयासों की पहचान, उनका दस्तावेजीकरण तथा उपयोगी कार्यप्रणालियों को व्यापक स्तर पर साझा करने के अवसर उपलब्ध कराना है।राष्ट्रीय सम्मेलन में विभिन्न राज्यों एवं केन्द्रशासित प्रदेशों से आए शिक्षा अधिकारियों ने अपने-अपने क्षेत्रों में किए गए नवाचारों का प्रस्तुतीकरण किया। तकनीकी सत्रों में इन नवाचारों की उपयोगिता, प्रभाव एवं अन्य क्षेत्रों में अपनाए जाने की संभावनाओं पर विशेषज्ञों एवं शिक्षा अधिकारियों के साथ विचार-विमर्श किया गया।जिलाधिकारी ने दी बधाईजिलाधिकारी श्री चर्चित गौड़ ने जनपद की इस महत्वपूर्ण उपलब्धि के लिए जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी श्री मुकुल आनन्द पाण्डेय एवं शिक्षा विभाग की पूरी टीम को बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।उन्होंने कहा कि इस प्रकार के नवाचार शिक्षा व्यवस्था को अधिक प्रभावी एवं परिणामोन्मुख बनाने में सहायक होते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों के अधिगम स्तर में निरंतर सुधार, उनकी अंतर्निहित क्षमताओं एवं दक्षताओं के विकास तथा उन्हें जिम्मेदार, सक्षम एवं श्रेष्ठ नागरिक के रूप में विकसित करने के लिए इसी प्रकार समर्पित एवं निरंतर प्रयास करते रहने की अपेक्षा व्यक्त की।यह सम्मान किसी एक अधिकारी अथवा किसी एक तकनीकी व्यवस्था का सम्मान नहीं, बल्कि सोनभद्र के शिक्षा परिवार के सामूहिक प्रयासों की राष्ट्रीय स्तर पर प्राप्त मान्यता है। शिक्षक एवं प्रधानाध्यापक, विकासखण्ड एवं जिला स्तरीय अधिकारी, तकनीकी सहयोगी तथा प्रशासनिक तंत्र इस पूरी प्रक्रिया के महत्वपूर्ण सहभागी रहे हैं।स्थानीय नवाचार से राष्ट्रीय पहचान तकसोनभद्र की यह उपलब्धि दर्शाती है कि स्थानीय परिस्थितियों से उत्पन्न चुनौतियों के समाधान के लिए यदि प्रौद्योगिकी, आंकड़े, नवाचार एवं क्षेत्रीय अनुभवों को एक साथ जोड़ा जाए, तो स्थानीय स्तर पर विकसित पहल राष्ट्रीय स्तर पर अनुकरणीय कार्यप्रणाली का रूप ले सकती है।वर्ष 2018–19 में वास्तविक समय के आंकड़ा प्रबंधन से प्रारंभ हुई यह यात्रा निपुण भारत मिशन की आंकड़ा आधारित अनुश्रवण व्यवस्था, राष्ट्रीय स्तर की उपलब्धियों और अब एनआईईपीए के राष्ट्रीय सम्मान तक पहुंची है।भविष्य में जनपद प्रशासन एवं बेसिक शिक्षा विभाग द्वारा विद्यार्थियों के अधिगम स्तर की निरंतर निगरानी, लक्षित उपचारात्मक शिक्षण, शिक्षक सहयोग, विद्यालय स्तर पर आंकड़ों के प्रभावी उपयोग तथा सफल नवाचारों को संस्थागत रूप देने पर विशेष बल दिया जाएगा। साथ ही जनपद में विकसित उपयोगी एवं प्रभावी कार्यप्रणालियों को अन्य जनपदों के साथ साझा करने के प्रयास भी किए जाएंगे।सोनभद्र की यह राष्ट्रीय उपलब्धि इस विश्वास को और मजबूत करती है कि नवाचार केवल बड़े शहरों या अत्याधुनिक संस्थानों तक सीमित नहीं है। स्थानीय समस्याओं की समझ, तकनीकी क्षमता और प्रशासनिक नेतृत्व के समन्वय से किसी भी क्षेत्र में उत्कृष्ट परिणाम प्राप्त किए जा सकते हैं।यह सम्मान शिक्षा प्रशासन में नवाचार, आंकड़ा आधारित निर्णय-निर्धारण एवं गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के प्रति सोनभद्र की प्रतिबद्धता का प्रमाण है और विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के संकल्प को और मजबूत करता है।
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