अस्थायी रास्ते से नहर पार करना पड़ा भारी, महिला की डूबने से मौत
सोनभद्र। चोपन थाना क्षेत्र के पटवध गांव में सोमवार दोपहर नहर पार करते समय 45 वर्षीय महिला की नहर में गिरने से मौत हो गई। हादसा उस समय हुआ, जब महिला नहर पार करने के लिए ग्रामीणों द्वारा बनाए गए अस्थायी रास्ते से गुजर रही थी। घटना के बाद ग्रामीणों और पुलिस ने महिला को नहर से बाहर निकाला और चोपन सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
7:36 PM, Aug 24, 2026
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Edited By: Shaktipal , Reported By: Son prabhat live

सोनभद्र। चोपन थाना क्षेत्र के पटवध गांव में सोमवार दोपहर नहर पार करते समय 45 वर्षीय महिला की नहर में गिरने से मौत हो गई। हादसा उस समय हुआ, जब महिला नहर पार करने के लिए ग्रामीणों द्वारा बनाए गए अस्थायी रास्ते से गुजर रही थी। घटना के बाद ग्रामीणों और पुलिस ने महिला को नहर से बाहर निकाला और चोपन सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।मृतका की पहचान चंदा देवी पत्नी दीप नारायण, निवासी पटवध के रूप में हुई है। सूचना मिलने पर चोपन पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए मेडिकल कॉलेज अस्पताल के मोर्चरी हाउस भेज दिया।चार साल से अधूरी पड़ी है पुलियाग्राम पंचायत पटवध के अमिला मोड़ के पास नहर पार करने के लिए पुलिया का निर्माण कराया जा रहा था। ग्रामीणों का आरोप है कि करीब चार वर्ष पहले नहर विभाग की ओर से निर्माण कार्य रोक दिए जाने के बाद पुलिया अधूरी पड़ी है। आवागमन के लिए ग्रामीणों ने नहर पर बिजली का टूटा हुआ पोल रखकर अस्थायी रास्ता बना लिया था। इसी के सहारे लोग रोजाना नहर पार करते थे।पैर फिसलने से नहर में गिरी महिलासोमवार दोपहर चंदा देवी इसी अस्थायी रास्ते से नहर पार कर रही थीं। इसी दौरान उनका पैर फिसल गया और वह नहर में जा गिरीं। महिला के नहर में गिरने की सूचना मिलते ही ग्रामीण मौके पर जुट गए और बचाव का प्रयास शुरू किया। पुलिस की मदद से उन्हें बाहर निकालकर अस्पताल ले जाया गया, लेकिन चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया।ग्रामीणों ने उठाई पुलिया निर्माण पूरा कराने की मांगमहिला की मौत के बाद ग्रामीणों में नाराजगी है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि पुलिया का निर्माण समय से पूरा कर दिया गया होता तो लोगों को जान जोखिम में डालकर अस्थायी रास्ते से नहर पार नहीं करनी पड़ती। ग्रामीणों ने शासन-प्रशासन से अधूरी पुलिया का निर्माण जल्द पूरा कराने की मांग की है, ताकि भविष्य में इस तरह के हादसे की पुनरावृत्ति रोकी जा सके।
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