विंध्य एक्सप्रेसवे के लिए भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया तेज, डीएम ने दिए सख्त निर्देश
विंध्य एक्सप्रेसवे के लिए भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया तेज, डीएम ने दिए सख्त निर्देश
8:35 PM, Jul 18, 2026
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Edited By: Shaktipal , Reported By: Son prabhat live

54 गांवों के राजस्व अभिलेखों की होगी गहन जांच, लापरवाही पर होगी कड़ी कार्रवाईउत्तर प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी विंध्य एक्सप्रेसवे परियोजना को समयबद्ध और पारदर्शी ढंग से पूरा कराने के उद्देश्य से जिलाधिकारी चर्चित गौड़ ने शनिवार को कलेक्ट्रेट सभागार में राजस्व विभाग के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। बैठक में उप जिलाधिकारी, तहसीलदार, नायब तहसीलदार, विशेष भूमि अध्याप्ति अधिकारी (एसएलएओ), राजस्व निरीक्षक एवं क्षेत्रीय लेखपाल उपस्थित रहे।जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि यूपीडा (UPEDA) के माध्यम से प्राप्त भूमि क्रय एवं अधिग्रहण प्रस्तावों की प्रारंभिक जांच पूरी गंभीरता, पारदर्शिता और शुद्धता के साथ की जाए। उन्होंने कहा कि परियोजना से प्रभावित प्रत्येक गांव के राजस्व अभिलेखों का विस्तृत सत्यापन कर किसानवार विवरण निर्धारित प्रारूप में तैयार किया जाए। इसमें ग्राम का नाम, खाता संख्या, कृषक का नाम, भूमि में हिस्सेदारी, सहखातेदारों का विवरण, भूमि सीलिंग की स्थिति तथा अन्य आवश्यक जानकारियां अनिवार्य रूप से दर्ज की जाएं।डीएम ने निर्देशित किया कि परियोजना क्षेत्र में आने वाली ग्राम सभा, गवर्नमेंट ग्रांट एक्ट, निष्क्रांत एवं शत्रु संपत्ति से संबंधित भूमि का अलग एवं प्रमाणिक विवरण तैयार किया जाए। साथ ही प्रत्येक गांव और प्रत्येक कृषक का विस्तृत रिकॉर्ड अलग रजिस्टर में संधारित किया जाए, ताकि भविष्य में किसी प्रकार का विवाद उत्पन्न न हो।उन्होंने बड़े गांवों में कार्य की गुणवत्ता और गति बनाए रखने के लिए दो राजस्व निरीक्षकों, संबंधित क्षेत्रीय लेखपाल तथा दो सहयोगी लेखपालों की टीम गठित करने के निर्देश दिए। सभी तहसीलों को समयबद्ध कार्ययोजना बनाकर त्रुटिरहित सूचनाएं उपलब्ध कराने को कहा गया।जिलाधिकारी ने विशेष रूप से रॉबर्ट्सगंज तहसील के 54 गांवों में प्रस्तावित गाटा संख्याओं, खातेदारों के नाम एवं उनके पिता के नाम का राजस्व अभिलेखों से मिलान कराने के निर्देश दिए। साथ ही ग्राम सीमाओं का भौतिक एवं अभिलेखीय सत्यापन सुनिश्चित करने को कहा, ताकि सीमांकन संबंधी किसी भी प्रकार की विसंगति न रहे। यदि किसी भूमि अथवा परिसंपत्ति का विवरण प्रस्ताव में छूट गया हो तो उसका संशोधित प्रस्ताव तत्काल प्रस्तुत किया जाए।उन्होंने अधिकारियों को यह भी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए कि प्रस्तावित भूमि वास्तव में संबंधित किसान के नाम दर्ज है या वह ग्राम सभा, शासकीय अथवा अन्य श्रेणी की भूमि है। किसी भी स्तर पर अनियमितता, तथ्य छिपाने या जानबूझकर त्रुटि करने की शिकायत मिलने पर संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारी के विरुद्ध कठोर विभागीय कार्रवाई की जाएगी।बैठक के अंत में जिलाधिकारी चर्चित गौड़ ने कहा कि विंध्य एक्सप्रेसवे सोनभद्र सहित पूरे विंध्य क्षेत्र के विकास की आधारशिला साबित होगा। इसलिए भूमि अधिग्रहण की प्रत्येक प्रक्रिया पूरी पारदर्शिता, सटीकता और समयबद्धता के साथ पूरी की जाए, ताकि परियोजना का कार्य निर्धारित समय पर बिना किसी बाधा के शुरू कराया जा सके।
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