स्थानीय युवाओं को उद्योगों में मिले प्राथमिकता, एमएसएमई योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे: कौशल शर्मा
स्थानीय युवाओं को उद्योगों में मिले प्राथमिकता, एमएसएमई योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे: कौशल शर्मा
2:42 PM, Jun 9, 2026
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Edited By: Shaktipal , Reported By: Son prabhat live

सोनभद्र, 9 जून। जिला उद्योग प्रोत्साहन एवं उद्यमिता विकास केंद्र द्वारा सोमवार को स्थानीय कार्यालय परिसर में उद्यमियों और व्यवसायियों के साथ संवाद कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता उपायुक्त उद्योग विनोद चौधरी ने की। बैठक में उद्योग एवं व्यापार जगत से जुड़े प्रतिनिधियों ने भाग लेकर अपनी समस्याएं, सुझाव और अपेक्षाएं विभागीय अधिकारियों के समक्ष रखीं।संवाद कार्यक्रम में केंद्र एवं राज्य सरकार द्वारा उद्योग, व्यापार, निवेश, रोजगार तथा एमएसएमई क्षेत्र के लिए संचालित विभिन्न योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी गई। अधिकारियों ने बताया कि पिछले वर्षों में उद्योग स्थापना की प्रक्रियाओं को सरल बनाया गया है, जिससे निवेश को बढ़ावा मिलने के साथ रोजगार के नए अवसर भी सृजित हुए हैं।बैठक में उद्यमियों एवं व्यापारियों ने वित्तीय सहायता, बैंक ऋण स्वीकृति, सिंगल विंडो सिस्टम की प्रभावशीलता, स्थानीय युवाओं को रोजगार, औद्योगिक आधारभूत सुविधाओं के विकास तथा विपणन सहायता जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों को प्रमुखता से उठाया। अधिकारियों ने समस्याओं के त्वरित निस्तारण का आश्वासन देते हुए कहा कि उद्योग एवं व्यापार के लिए अनुकूल वातावरण तैयार करना सरकार की प्राथमिकता है।उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार संगठन के जिला अध्यक्ष कौशल शर्मा ने कहा कि स्थानीय उत्पादों के विपणन और ब्रांडिंग के लिए तैयार की गई कार्ययोजना की जानकारी व्यापारियों तक पहुंचाने हेतु विशेष कार्यशालाएं आयोजित की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि सोनभद्र जैसे औद्योगिक जनपद में स्थानीय युवाओं को उद्योगों में प्राथमिकता के आधार पर रोजगार उपलब्ध कराया जाए तथा स्थानीय उद्यमियों को बड़े उद्योगों की आपूर्ति श्रृंखला से जोड़ने के लिए उद्योग विभाग और रोजगार कार्यालय संयुक्त रूप से ठोस कार्ययोजना तैयार करें।श्री शर्मा ने कहा कि निवेशकों और स्थानीय व्यापारियों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित किया जाए तथा जिले में बंद या बीमार उद्योगों के पुनर्जीवन के लिए प्रभावी कदम उठाए जाएं, जिससे रोजगार के नए अवसर सृजित हो सकें। उन्होंने उद्यमियों की शिकायतों के निस्तारण के लिए प्रभावी तंत्र सक्रिय करने तथा औद्योगिक क्षेत्रों में बिजली, सड़क और पानी जैसी मूलभूत सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने की भी मांग की।उन्होंने कहा कि एमएसएमई इकाइयों के लिए संचालित सरकारी योजनाओं का लाभ अधिक से अधिक स्थानीय लोगों तक पहुंचाया जाए तथा नए उद्यमियों को प्रशिक्षण और तकनीकी सहायता उपलब्ध कराई जाए।बैठक में अधिशासी अभियंता विद्युत वितरण खंड, लीड बैंक अधिकारी सहित उद्योग एवं व्यापार जगत के कई प्रतिनिधि उपस्थित रहे। इनमें विमल अग्रवाल, मनोज जालान, राजेश गुप्ता, आनंद जायसवाल, शरद जायसवाल, नागेंद्र मोदनवाल, विनय जायसवाल, दिनेश सिंह समेत बड़ी संख्या में व्यापारी और उद्यमी शामिल रहे।
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