सड़क सुरक्षा अभियान में 56 वाहनों के चालान, 14 वाहन बंद
सड़क सुरक्षा अभियान में 56 वाहनों के चालान, 14 वाहन बंद
4:06 PM, Aug 8, 2026
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Edited By: Shaktipal , Reported By: Son prabhat live

निर्धारित क्षमता से अधिक बच्चों को बैठाने वाले स्कूली वाहनों पर होगी सख्त कार्रवाई
सोनभद्र। शासन के निर्देश एवं जिलाधिकारी श्री चर्चित गौड़ के निर्देशन में जनपद में सड़क सुरक्षा और यातायात नियमों के प्रभावी अनुपालन के साथ स्कूली बच्चों की सुरक्षित यात्रा सुनिश्चित करने के लिए परिवहन विभाग द्वारा सघन प्रवर्तन अभियान चलाया जा रहा है। अभियान के तहत स्कूली वाहनों के साथ यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले अन्य वाहनों के विरुद्ध भी नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है।प्रवर्तन अभियान के दौरान यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले 56 वाहनों के चालान किए गए, जबकि 14 वाहनों को बंद करने की कार्रवाई की गई।कार्रवाई के दौरान 5 ओवरलोड वाहनों के चालान तथा 3 ओवरलोड वाहनों को बंद किया गया।
इसके अलावा बिना फिटनेस संचालित 9 वाहनों के चालान, परमिट की शर्तों के उल्लंघन पर 10 वाहनों के चालान, बिना हेलमेट वाहन चलाने पर 16 चालान तथा वाहन चलाते समय मोबाइल फोन का प्रयोग करने पर 6 चालान किए गए।स्कूली वाहनों की सघन जांचस्कूली बच्चों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए ऑटो, टोटो और ई-रिक्शा सहित बच्चों के आवागमन में प्रयुक्त वाहनों की भी सघन जांच की जा रही है।
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जांच के दौरान निर्धारित क्षमता से अधिक बच्चों को बैठाकर ले जाने, आवश्यक दस्तावेज अथवा फिटनेस के अभाव तथा निर्धारित सुरक्षा मानकों की अनदेखी करने वाले वाहन संचालकों के विरुद्ध कार्रवाई की जा रही है।संचालकों और चालकों को स्पष्ट निर्देशएआरटीओ प्रवर्तन ने स्कूली वाहनों के संचालकों, ड्राइवरों एवं ई-रिक्शा चालकों को निर्देशित किया है कि वाहनों की निर्धारित क्षमता और शासन द्वारा निर्धारित सुरक्षा मानकों के अनुसार ही बच्चों का परिवहन किया जाए। किसी भी स्थिति में क्षमता से अधिक बच्चों को वाहन में न बैठाया जाए। वाहनों के आवश्यक दस्तावेज, फिटनेस तथा अन्य निर्धारित सुरक्षा मानकों को पूर्ण रखना अनिवार्य है।अधिकारियों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित चालक एवं वाहन संचालक के विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी। स्कूली बच्चों की सुरक्षा के मामले में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।बच्चों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता : जिलाधिकारीजिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि स्कूली वाहनों की जांच का अभियान निरंतर जारी रखा जाए और बच्चों की सुरक्षा से जुड़े सभी निर्धारित मानकों का शत-प्रतिशत अनुपालन सुनिश्चित कराया जाए।
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उन्होंने कहा कि बच्चों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसमें किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा।जिलाधिकारी ने वाहन चालकों से सड़क सुरक्षा और यातायात नियमों का अनिवार्य रूप से पालन करने की अपील की। उन्होंने ओवरलोडिंग से बचने, वाहनों को वैध फिटनेस के साथ संचालित करने, परमिट की शर्तों का पालन करने, दोपहिया वाहन चलाते समय हेलमेट पहनने तथा वाहन चलाते समय मोबाइल फोन का प्रयोग न करने की अपील की।उन्होंने स्कूली वाहनों के संचालकों एवं चालकों से विशेष रूप से कहा कि बच्चों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए निर्धारित क्षमता के अनुसार ही उनका परिवहन करें तथा वाहनों में आवश्यक दस्तावेज, फिटनेस और सभी निर्धारित सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित करें।
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जिलाधिकारी ने अभिभावकों से भी अपील की कि वे बच्चों को स्कूल भेजने के लिए केवल अधिकृत, फिट एवं सुरक्षा मानकों का पालन करने वाले वाहनों का ही प्रयोग करें। क्षमता से अधिक बच्चों को बैठाने अथवा सुरक्षा मानकों की अनदेखी करने वाले वाहनों से बच्चों को स्कूल भेजने से बचें।उन्होंने स्पष्ट किया कि सड़क सुरक्षा एवं यातायात नियमों के उल्लंघन के विरुद्ध प्रवर्तन अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा और नियमों की अनदेखी करने वाले वाहन चालकों एवं संचालकों के विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।






