दुद्धी कचहरी के विभिन्न मांगो को लेकर जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा, सुरक्षा-इंफ्रा व न्यायिक प्रक्रिया में पारदर्शिता की मांग
दुद्धी(सोनभद्र)।दुद्धी कचहरी परिसर से जुड़े विभिन्न मांगो को लेकर आज बुधवार को दुद्धी बार एसोसिएशन अध्यक्ष कुलभूषण पांडे के नेतृत्व में अधिवक्ताओं ने जिलाधिकारी को दो अलग अलग ज्ञापन सौंपकर कचहरी की बुनियादी समस्याओं और न्यायिक कार्यवाही में अनियमितताओं के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
8:15 AM, Sep 10, 2026
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Edited By: Shaktipal , Reported By: Jitendra Kumar chandrwanshi

दुद्धी(सोनभद्र)।दुद्धी कचहरी परिसर से जुड़े विभिन्न मांगो को लेकर आज बुधवार को दुद्धी बार एसोसिएशन अध्यक्ष कुलभूषण पांडे के नेतृत्व में अधिवक्ताओं ने जिलाधिकारी को दो अलग अलग ज्ञापन सौंपकर कचहरी की बुनियादी समस्याओं और न्यायिक कार्यवाही में अनियमितताओं के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। पहला ज्ञापन दुद्धी के कचहरी परिसर में अधिवक्ताओं व वादकारियों के बैठने व सुरक्षा की बदहाल स्थिति तथा सुविधाओं की अनुपस्थिति पर आधारित था। ज्ञापन में सरकार से निम्नलिखित मांगें रखी गईं,जिनमें कचहरी परिसर में पक्के लिन्टर्ड वादकारी कक्ष निर्माण, परिसर की चहारदीवारी व गेट तथा समुचित प्रकाश व सीसीटीवी व्यवस्था, बार एसोसिएशन के सभागार की मरम्मत व वातानुकूलन, निर्धारित मोटर साइकिल व कार पार्किंग स्टैण्ड का निर्माण, प्राचीन कुएँ की सफाई व चबूतरा निर्माण तथा विद्युत आपूर्ति के लिए सौर ऊर्जा प्रणाली की स्थापना शामिल है। साथ ही वार्षिक कैम्प कोर्ट से संबंधित मामलों में तहसील क्षेत्र के लम्बित मुद्दों की सुनवाई कराने का अनुरोध भी किया गया। ज्ञापन देने के दौरान कुलभूषण पांडे जितेंद्र श्रीवास्तव प्रेमचंद यादव मौजूद रहे।वहीं दूसरा ज्ञापन उपजिलाधिकारी (न्यायिक) दुद्धी पोजीशन पर तैनात पी. ओ. मो. जफर के विरुद्ध पारित आदेशों में कथित अनियमितताओं और प्रक्रिया के दुरुपयोग से संबंधित था। अधिवक्ताओं ने आरोप लगाया कि बिना समुचित पुकार व सुनवाई कराए आदेश पारित किए जा रहे हैं, पक्षकारों के अधिकारों का हनन हो रहा है और कई मामलों में पक्षकारों को न्याय से वंचित किया गया है। उन्होंने उच्चस्तरीय जांच कराकर दोषपूर्ण आदेशों को निरस्त करने और प्रभावित पक्षकारों को न्याय दिलाने की मांग की।ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपे जाने के उपरांत उपस्थित अधिवक्ताओं ने कहा कि यदि शीघ्र सुधारात्मक कदम नहीं उठाए गए तो वे आगे के संवैधानिक और विधिक विकल्प अपनाएंगे। इस अवसर पर दिनेश अग्रहरि भी मौजूद रहे।
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