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व्यापारी संवाद कार्यक्रम में उठीं व्यापारियों की समस्याएं,कर प्रणाली को सरल और व्यापार अनुकूल बनाने पर हुआ मंथन

व्यापारी संवाद कार्यक्रम में उठीं व्यापारियों की समस्याएं,कर प्रणाली को सरल और व्यापार अनुकूल बनाने पर हुआ मंथन

4:09 PM, Jun 8, 2026

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Edited By: Shaktipal , Reported By: Son prabhat live

व्यापारी संवाद कार्यक्रम में उठीं व्यापारियों की समस्याएं,कर प्रणाली को सरल और व्यापार अनुकूल बनाने पर हुआ मंथन
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सोन प्रभात लाइव न्यूज़ डेस्क


सोनभद्र, 8 जून। राज्य कर विभाग द्वारा व्यापारियों की समस्याओं के समाधान, कर संबंधी जागरूकता बढ़ाने तथा विभाग और व्यापारियों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने के उद्देश्य से उरमौरा स्थित होटल वैभव में व्यापारी संवाद कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ मिर्जापुर मंडल से आए ज्वॉइंट कमिश्नर डी.के. दुबे ने किया।कार्यक्रम में विभागीय अधिकारियों ने व्यापारियों को जीएसटी के विभिन्न प्रावधानों, ऑनलाइन रिटर्न दाखिल करने की प्रक्रिया, ई-वे बिल, कर अनुपालन तथा शासन द्वारा संचालित विभिन्न सुविधाओं की विस्तृत जानकारी प्रदान की। साथ ही व्यापारियों की जिज्ञासाओं का समाधान करते हुए उन्हें कर नियमों के प्रति जागरूक किया गया।इस अवसर पर व्यापारियों ने अपनी समस्याएं, सुझाव एवं व्यापार संचालन में आने वाली व्यवहारिक कठिनाइयों को अधिकारियों के समक्ष रखा। अधिकारियों ने आश्वस्त किया कि व्यापारियों की समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर समाधान किया जाएगा तथा व्यापारिक गतिविधियों को अधिक सुगम और पारदर्शी बनाने के लिए विभाग निरंतर प्रयासरत है।उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार संगठन के जिला अध्यक्ष कौशल शर्मा ने राज्य कर विभाग के कार्यालय में व्यापारियों के बैठने एवं पेयजल की समुचित व्यवस्था न होने का मुद्दा उठाते हुए इसकी तत्काल व्यवस्था कराने की मांग की। उन्होंने हाईकोर्ट की गाइडलाइन का उल्लेख करते हुए कहा कि यदि किसी व्यापारी का माल एक प्रदेश से दूसरे प्रदेश जा रहा है तो बीच के प्रदेश में सचल दल द्वारा अनावश्यक रूप से वाहन न रोका जाए और न ही माल सीज किया जाए।उन्होंने कहा कि परिवहन वाहनों को रोककर चालक से मोबाइल फोन और वाहन की चाबी लेना न केवल असंवैधानिक है बल्कि अव्यावहारिक भी है। इस प्रकार की कार्रवाई पर तत्काल रोक लगाई जानी चाहिए। श्री शर्मा ने कहा कि कोरोना काल के बाद व्यापारी वर्ग आर्थिक रूप से कमजोर हुआ है, वहीं ऑनलाइन व्यापार के बढ़ते प्रभाव से छोटे व्यापारी गंभीर संकट का सामना कर रहे हैं। जटिल कानूनी प्रक्रियाओं की जानकारी के अभाव में भी छोटे व्यापारियों को नुकसान उठाना पड़ रहा है।कार्यक्रम में उपस्थित व्यापारियों ने विभाग द्वारा आयोजित संवाद कार्यक्रम की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे आयोजनों से विभाग और व्यापारियों के बीच विश्वास बढ़ता है तथा समस्याओं के त्वरित समाधान का मार्ग प्रशस्त होता है। व्यापार प्रतिनिधियों ने कर प्रणाली को और अधिक सरल एवं व्यापार-अनुकूल बनाने के लिए अपने सुझाव भी प्रस्तुत किए।कार्यक्रम में डिप्टी कमिश्नर रितेश मिश्रा, डिप्टी कमिश्नर बी.के. बंसल, असिस्टेंट कमिश्नर सुधीर गौतम, असिस्टेंट कमिश्नर अजय यादव, राज्य कर अधिकारी उपेंद्र कुमार, राज्य कर अधिकारी मनीष कुमार, लेखाकार जुनैद, वरिष्ठ अधिवक्ता अशोक श्रीवास्तव, एस.पी. सिंह, ध्रुव प्रताप सिंह, सियाराम सिंह, पवन शर्मा, धर्मेंद्र ओझा, भगत सिंह, उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार मंडल के जिला अध्यक्ष राजेश गुप्ता सहित विभिन्न व्यापारिक संगठनों के पदाधिकारी एवं व्यापारी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।

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