व्यापारी सुरक्षा प्रकोष्ठ की बैठक में टोल प्लाजा, साइबर अपराध और फाइनेंस कंपनियों की मनमानी पर उठे सवाल
व्यापारी सुरक्षा प्रकोष्ठ की बैठक में टोल प्लाजा, साइबर अपराध और फाइनेंस कंपनियों की मनमानी पर उठे सवाल
4:48 PM, May 25, 2026
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Edited By: Shaktipal , Reported By: Son prabhat live

सोनभद्र। पुलिस लाइन स्थित सभागार में सोमवार को व्यापारी सुरक्षा प्रकोष्ठ की एक आवश्यक बैठक पुलिस क्षेत्राधिकारी ट्रैफिक डॉ. चारू द्विवेदी की अध्यक्षता में आयोजित की गई। बैठक में जनपद के विभिन्न व्यापारिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया और व्यापारियों व आम नागरिकों से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों को प्रमुखता से उठाया। बैठक के दौरान टोल प्लाजा पर कथित अनियमितताओं का मुद्दा पूरी तरह छाया रहा।उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार संगठन सोनभद्र के जिला अध्यक्ष कौशल शर्मा ने कहा कि जनपद में इन दिनों प्राइवेट फाइनेंस कंपनियां रिकवरी एजेंटों के माध्यम से ग्राहकों को डरा-धमकाकर और सार्वजनिक रूप से अपमानित कर आर्थिक उत्पीड़न कर रही हैं। उन्होंने कहा कि भारतीय रिजर्व बैंक के दिशा-निर्देशों के अनुसार गैर बैंकिंग वित्तीय कंपनियों (एनबीएफसी) को ऋण वसूली के लिए निर्धारित कानूनी प्रक्रिया अपनानी होती है और बाहुबल या दबाव का प्रयोग नहीं किया जा सकता।उन्होंने बताया कि रिकवरी एजेंट सुबह 9 बजे से शाम 6 बजे के बीच ही संपर्क कर सकते हैं। यदि कोई एजेंट परिवार को डराने, धमकाने या अनावश्यक रूप से परेशान करने का प्रयास करता है तो इसकी शिकायत पुलिस में दर्ज कराई जा सकती है। यदि कोई व्यक्ति ईएमआई जमा करने में असमर्थ है तो संबंधित कंपनी औपचारिक नोटिस जारी कर सकती है, लेकिन नियमों का पालन नहीं किया जा रहा है।कौशल शर्मा ने सड़क दुर्घटनाओं में लगातार हो रही मौतों पर चिंता जताते हुए ‘राहबीर योजना’ का व्यापक प्रचार-प्रसार कराने की मांग की। उन्होंने कहा कि इस योजना के तहत सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्ति को गोल्डन ऑवर के भीतर अस्पताल पहुंचाने वाले व्यक्ति को सरकार की ओर से 25 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि देने का प्रावधान है। उन्होंने प्रशासन से आम जनता को बैठकों और अन्य माध्यमों से योजना की जानकारी देने की मांग की।उन्होंने सड़क दुर्घटना पीड़ितों के लिए शुरू की गई कैशलेस उपचार योजना का भी उल्लेख किया। कहा कि इस योजना के तहत दुर्घटना पीड़ितों के इलाज के लिए अधिकतम डेढ़ लाख रुपये तक का खर्च सरकार वहन करती है। सरकारी और निजी दोनों अस्पतालों में यह सुविधा उपलब्ध है, लेकिन जागरूकता के अभाव में लोग इसका लाभ नहीं उठा पा रहे हैं।बैठक में बढ़ते साइबर अपराधों पर भी चिंता व्यक्त की गई। कौशल शर्मा ने कहा कि कई बैंक खातों में साइबर फ्रॉड की रकम अवैध रूप से पहुंचने से व्यापारियों को बैंकिंग संचालन में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। इस संबंध में संबंधित विभागों से स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी करने की मांग की गई।इसके अलावा जैत और परासी क्षेत्र में नशेड़ियों द्वारा वाहनों को रोककर मारपीट और छिनैती की घटनाओं का मुद्दा भी उठाया गया। वहीं मुख्यालय के ब्रह्मनगर, अंबेडकर नगर, न्यू कॉलोनी और प्रभापुरम कॉलोनी सहित कई क्षेत्रों में शाम ढलते ही नशेड़ियों के जमावड़े से महिलाओं और आम नागरिकों में असुरक्षा की भावना बढ़ने की बात कही गई।बैठक में नगर अध्यक्ष प्रशांत जैन, जिला उपाध्यक्ष यशपाल सिंह, नागेंद्र मोदनवाल, दिनेश सिंह, नगर मंत्री अभिषेक, नगर संयोजक अमित अग्रवाल सहित अन्य व्यापारी प्रतिनिधि मौजूद रहे।
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