भारी बारिश के बाद राहत और बचाव कार्य तेज, जलनिकासी व मार्गों की बहाली युद्धस्तर पर
जिले में लगातार हो रही भारी बारिश के कारण कई क्षेत्रों में जलभराव तथा सड़कों और संपर्क मार्गों पर आवागमन प्रभावित होने की स्थिति को देखते हुए जिलाधिकारी श्री चर्चित गौड़ के निर्देशन में जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण एवं जिला प्रशासन ने राहत एवं बचाव कार्य तेज कर दिए हैं
9:20 PM, Aug 19, 2026
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Edited By: Shaktipal , Reported By: Son prabhat live

लाउडस्पीकर से संवेदनशील क्षेत्रों में जागरूकता, चेतावनी बोर्ड लगाकर लोगों को किया जा रहा सतर्कजनपद में लगातार हो रही भारी बारिश के कारण कई क्षेत्रों में जलभराव तथा सड़कों और संपर्क मार्गों पर आवागमन प्रभावित होने की स्थिति को देखते हुए जिलाधिकारी श्री चर्चित गौड़ के निर्देशन में जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण एवं जिला प्रशासन ने राहत एवं बचाव कार्य तेज कर दिए हैं। प्रशासन की टीमें प्रभावित क्षेत्रों में लगातार निगरानी कर रही हैं और लोगों को तत्काल राहत उपलब्ध कराने के साथ जलनिकासी, सफाई तथा क्षतिग्रस्त मार्गों को बहाल कराने का कार्य प्राथमिकता के आधार पर किया जा रहा है।जलभराव से प्रभावित क्षेत्रों में प्रशासन की ओर से जरूरतमंद परिवारों को लंच पैकेट, नाश्ता, फ्रूट पैकेट सहित अन्य आवश्यक राहत सामग्री उपलब्ध कराई जा रही है। संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारी मौके पर पहुंचकर प्रभावित लोगों की जरूरतों का आकलन कर आवश्यक सहायता उपलब्ध करा रहे हैं। जिलाधिकारी के निर्देश पर पर्याप्त संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित की जा रही है, ताकि बारिश और जलभराव के कारण आमजन को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।डोडहर के मोखना में पुलिया बहने से प्रभावित हुआ आवागमनभारी बारिश के कारण ग्राम पंचायत डोडहर के मोखना में पुलिया क्षतिग्रस्त होकर बह गई, जिससे क्षेत्र में आवागमन प्रभावित हो गया। जिला प्रशासन ने मामले का तत्काल संज्ञान लेते हुए पुलिया की मरम्मत का कार्य शुरू करा दिया है। प्रशासन के अनुसार मरम्मत कार्य पूरा होने के बाद जल्द ही आवागमन सुचारु कराया जाएगा।जेसीबी से हटाया जा रहा मलबा, नालियों की सफाई तेजबारिश के कारण जिन सड़कों और संपर्क मार्गों पर मिट्टी, मलबा अथवा अन्य अवरोध जमा हो गए हैं, वहां जेसीबी मशीनों की मदद से सफाई कराई जा रही है। जलभराव से प्रभावित मार्गों पर आवश्यक कार्रवाई करते हुए आवागमन बहाल करने के प्रयास जारी हैं।इसके साथ ही जिन नालियों में कचरा और मलबा जमा होने से जलनिकासी प्रभावित हुई है, वहां सफाई कर्मचारियों एवं संबंधित विभागों की टीमों द्वारा नालियों की सफाई युद्धस्तर पर कराई जा रही है। प्रशासन का उद्देश्य जलनिकासी व्यवस्था को सुचारु कर जलभराव की स्थिति को जल्द नियंत्रित करना है।बारिश से जिन स्थानों पर सड़क, संपर्क मार्ग, पुल-पुलिया अथवा सार्वजनिक आवागमन से जुड़ी अन्य संरचनाओं को नुकसान पहुंचा है, उन्हें चिन्हित कर संबंधित विभागों द्वारा मरम्मत कार्य कराया जा रहा है। प्रशासन ने ऐसे स्थानों पर प्राथमिकता के आधार पर कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।लाउडस्पीकर से लोगों को किया जा रहा जागरूकजलभराव और तेज बारिश को देखते हुए जिला प्रशासन द्वारा विभिन्न संवेदनशील क्षेत्रों में लाउडस्पीकर के माध्यम से जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। लोगों से अपील की जा रही है कि वे अत्यधिक जलभराव वाले क्षेत्रों, तेज बहाव वाले पानी, नालों, नदी-नालों तथा पुल-पुलियों के आसपास न जाएं।प्रशासन ने लोगों से बारिश के दौरान अनावश्यक रूप से घर से बाहर न निकलने और सुरक्षा संबंधी निर्देशों का पालन करने की अपील की है। विशेष रूप से बच्चों को जलभराव और तेज बहाव वाले स्थानों से दूर रखने के लिए अभिभावकों को जागरूक किया जा रहा है।संवेदनशील स्थानों पर लगाए जा रहे चेतावनी बोर्डजहां अत्यधिक जलभराव या तेज पानी के बहाव के कारण दुर्घटना की आशंका है, वहां प्रशासन द्वारा चेतावनी एवं खतरे के निशान वाले बोर्ड लगाए जा रहे हैं। ऐसे स्थानों पर लोगों की आवाजाही रोकने और उन्हें सुरक्षित रखने के लिए आवश्यक सुरक्षा उपाय किए जा रहे हैं।जिला प्रशासन ने आमजन से अपील की है कि चेतावनी वाले स्थानों पर जाने से बचें और जलभराव वाले मार्गों को पार करने में जोखिम न उठाएं। किसी भी आपात स्थिति की सूचना तत्काल संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों को दें।जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण एवं जिला प्रशासन द्वारा जनपद में वर्षा और जलभराव की स्थिति की लगातार निगरानी की जा रही है। राहत, बचाव, सफाई, जलनिकासी, मार्गों की बहाली और जन-जागरूकता से जुड़े कार्यों में संबंधित विभागों की टीमें सक्रिय हैं।जिलाधिकारी श्री चर्चित गौड़ ने अधिकारियों को निर्देशित किया है कि भारी बारिश एवं जलभराव से प्रभावित क्षेत्रों में राहत और बचाव कार्यों में किसी भी प्रकार की शिथिलता न बरती जाए। आवश्यकता के अनुसार तत्काल संसाधन उपलब्ध कराते हुए प्रभावित लोगों को हरसंभव सहायता दी जाए तथा आमजन की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाएं।
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