वंदन योजना के तहत धार्मिक एवं पौराणिक स्थलों का होगा कायाकल्प, डीएम ने तीन दिन में मांगे संशोधित प्रस्ताव
वंदन योजना के तहत धार्मिक एवं पौराणिक स्थलों का होगा कायाकल्प, डीएम ने तीन दिन में मांगे संशोधित प्रस्ताव
8:13 PM, Jun 8, 2026
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Edited By: Shaktipal , Reported By: Son prabhat live

सोनभद्र, 08 जून। जिले के धार्मिक, ऐतिहासिक एवं पौराणिक स्थलों के विकास को नई दिशा देने के उद्देश्य से जिलाधिकारी चर्चित गौड़ की अध्यक्षता में वंदन योजना के अंतर्गत प्राप्त प्रस्तावों की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में विभिन्न नगरीय निकायों द्वारा प्रस्तुत विकास योजनाओं पर विस्तार से चर्चा की गई और अधिकारियों को प्रस्तावों को और अधिक प्रभावी एवं आकर्षक बनाने के निर्देश दिए गए।बैठक में नगर पंचायत घोरावल, दुद्धी, पिपरी, रेनुकूट एवं चुर्क-घुर्मा द्वारा धार्मिक एवं सांस्कृतिक महत्व के स्थलों के विकास से संबंधित प्रस्ताव प्रस्तुत किए गए। प्रस्तावों में श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए यात्री शेड, सामुदायिक हाल, संपर्क मार्ग, प्रकाश व्यवस्था तथा अन्य आधारभूत सुविधाओं के निर्माण का प्रावधान किया गया है।जिलाधिकारी ने कहा कि धार्मिक और पौराणिक स्थलों का विकास केवल आधारभूत सुविधाओं तक सीमित न रहे, बल्कि शासन की मंशा के अनुरूप इन स्थलों का सौंदर्यीकरण भी किया जाए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि वास्तुविदों की सहायता से तीन दिनों के भीतर संशोधित एवं बेहतर प्रस्ताव तैयार कर प्रस्तुत किए जाएं, ताकि योजनाओं को शीघ्र अमलीजामा पहनाया जा सके।उन्होंने यह भी कहा कि आवश्यकता पड़ने पर कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (सीएसआर), विधायक निधि एवं अन्य उपलब्ध वित्तीय स्रोतों से धनराशि की व्यवस्था करने के प्रयास किए जाएं, जिससे विकास कार्यों में किसी प्रकार की बाधा न आए।बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने नगर पालिका परिषद सोनभद्र क्षेत्र में आधुनिक सुविधाओं के विस्तार पर भी जोर दिया। उन्होंने अपर जिलाधिकारी (वि./रा.) को एक अत्याधुनिक ऑडिटोरियम और स्मार्ट रोड निर्माण के लिए उपयुक्त भूमि एवं सड़क का चयन कर प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए।जिलाधिकारी ने कहा कि सुनियोजित विकास योजनाओं के माध्यम से नगर क्षेत्रों में आधुनिक आधारभूत सुविधाओं का विस्तार किया जाएगा, जिससे नागरिकों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी और स्थानीय पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा।बैठक में अपर जिलाधिकारी (वि./रा.), विभिन्न नगर पंचायतों के अधिशासी अधिकारी, अवर अभियंता, लोक निर्माण विभाग, उत्तर प्रदेश जल निगम (ग्रामीण), सूचना विभाग तथा पर्यटन विभाग के अधिकारी उपस्थित रहे।
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