रौनियार समाज को नई दिशा देने का संकल्प: डॉ. ए.के. गुप्ता बने अखिल भारतीय रौनियार वैश्य महासभा के उत्तर प्रदेश प्रदेश अध्यक्ष
रौनियार समाज को नई दिशा देने का संकल्प: डॉ. ए.के. गुप्ता बने अखिल भारतीय रौनियार वैश्य महासभा के उत्तर प्रदेश प्रदेश अध्यक्ष
5:52 PM, Jul 30, 2026
Share:
Edited By: Shaktipal , Reported By: Son prabhat live

समाज को राजनीतिक भागीदारी, अधिकार और सम्मान दिलाने के लिए चलेगा प्रदेशव्यापी जनसंपर्क अभियान, केंद्र में भी ओबीसी दर्जे की मांग तेज करने का ऐलान।
सोनभद्र। अखिल भारतीय रौनियार वैश्य महासभा ने युवा समाजसेवी एवं ऑल इंडिया रौनियार वैश्य समाज, सोनभद्र (उत्तर प्रदेश) के संस्थापक एवं अध्यक्ष डॉ. ए.के. गुप्ता (रौनियार) को संगठन की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपते हुए उत्तर प्रदेश का प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त किया है। उनकी नियुक्ति की घोषणा के बाद प्रदेशभर के रौनियार समाज में उत्साह और खुशी की लहर दौड़ गई है। समाज के लोगों ने इसे संगठन को नई ऊर्जा और दिशा देने वाला निर्णय बताते हुए उनका स्वागत किया।
नवनियुक्त प्रदेश अध्यक्ष डॉ. ए.के. गुप्ता ने संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष, राष्ट्रीय महामंत्री तथा राष्ट्रीय कार्यकारिणी सहित सभी पदाधिकारियों के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि यह दायित्व केवल एक पद नहीं बल्कि समाज के अधिकारों, सम्मान और राजनीतिक भागीदारी की लड़ाई को मजबूती देने का अवसर है।उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश के प्रत्येक जिले, नगर और गांव तक समाज को संगठित करने के लिए व्यापक जनसंपर्क अभियान चलाया जाएगा। इस अभियान का उद्देश्य समाज के लोगों को एक मंच पर लाना, युवाओं को नेतृत्व से जोड़ना तथा सामाजिक और राजनीतिक स्तर पर उनकी प्रभावी भागीदारी सुनिश्चित करना होगा।
डॉ. गुप्ता ने कहा कि रौनियार समाज के लोगों को विभिन्न स्तरों पर उपेक्षा और उत्पीड़न का सामना करना पड़ रहा है। कई स्थानों पर व्यापारियों और समाज के लोगों को अनावश्यक रूप से परेशान किया जाता है तथा छोटे-छोटे मामलों में फंसाने की धमकियां दी जाती हैं, जिससे समाज में भय का वातावरण बन रहा है। उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों में संगठन समाज के लोगों के साथ मजबूती से खड़ा रहेगा।उन्होंने केंद्र सरकार से एक महत्वपूर्ण मांग उठाते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश में रौनियार समाज अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) की श्रेणी में शामिल है, जबकि केंद्र सरकार की सूची में सामान्य वर्ग में रखा गया है। उन्होंने इसे सामाजिक न्याय के सिद्धांत के विपरीत बताते हुए कहा कि यदि राज्य स्तर पर समाज को ओबीसी का दर्जा प्राप्त है तो केंद्र स्तर पर भी वही व्यवस्था लागू की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि इस मुद्दे को लेकर समाज लंबे समय से आवाज उठा रहा है, लेकिन अभी तक अपेक्षित निर्णय नहीं लिया गया है।डॉ. गुप्ता ने कहा कि संगठन इस विषय को लेकर पूरे प्रदेश में जनजागरण अभियान चलाएगा तथा लोकतांत्रिक तरीके से समाज की आवाज सरकार तक पहुंचाने का कार्य करेगा, ताकि रौनियार समाज को उसका संवैधानिक हक और अधिकार मिल सके।
उन्होंने ऐतिहासिक विरासत का उल्लेख करते हुए केंद्र एवं राज्य सरकार से यह भी मांग की कि दिल्ली की गद्दी पर विराजमान अंतिम हिंदू सम्राट हेमचंद्र विक्रमादित्य (हेमू) की स्मृति में प्रदेश की राजधानी में एक भव्य स्मारक का निर्माण कराया जाए। उनका कहना था कि सम्राट हेमू भारतीय इतिहास के महान वीर योद्धाओं में से एक थे और उनके योगदान को आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाने के लिए स्मारक का निर्माण आवश्यक है। डॉ. ए.के. गुप्ता की नियुक्ति पर समाज के अनेक लोगों ने शुभकामनाएं देते हुए विश्वास व्यक्त किया कि उनके नेतृत्व में संगठन प्रदेश में और अधिक मजबूत होगा तथा समाज के हितों की लड़ाई को नई गति मिलेगी। बधाई देने वालों में शिव शंकर रौनियार, राम सहाई रौनियार, मनिलाल, संजय गुप्ता रौनियार, संगम लाल, राजू गुप्ता, श्याम बिहारी, उमाशंकर, चंदन गुप्ता, प्रेमचंद, सहित अनेक जिलों से तमाम समाजबंधु शामिल रहे।
यह भी पढ़ें






