कार्यस्थल पर महिलाओं का यौन उत्पीड़न कानून की नजर में गंभीर अपराध : राहुल
कार्यस्थल पर महिलाओं का यौन उत्पीड़न कानून की नजर में गंभीर अपराध : राहुल
8:38 PM, Jul 14, 2026
Share:
Edited By: Shaktipal , Reported By: Son prabhat live

डीएलएसए सोनभद्र ने पीएम श्री राजकीय बालिका इंटर कॉलेज में चलाया विधिक जागरूकता अभियान
सोनभद्र, 14 जुलाई। उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, लखनऊ के निर्देश तथा माननीय जनपद न्यायाधीश/अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (डीएलएसए) सोनभद्र के मार्गदर्शन में मंगलवार को पीएम श्री राजकीय बालिका इंटर कॉलेज, रॉबर्ट्सगंज में महिलाओं एवं बालिकाओं की सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन विषयक विधिक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया।कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव (पूर्णकालिक) एवं सिविल जज (सीडी) राहुल ने कार्यस्थल पर महिलाओं के यौन उत्पीड़न (रोकथाम, प्रतिषेध एवं प्रतितोष) अधिनियम-2013 (POSH Act) के प्रावधानों की विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि महिलाओं के लिए सुरक्षित और सम्मानजनक कार्यस्थल उपलब्ध कराना समाज और कानून दोनों की प्राथमिक जिम्मेदारी है।
किसी भी कार्यस्थल पर महिला के साथ मानसिक, मौखिक अथवा शारीरिक उत्पीड़न दंडनीय अपराध है। उन्होंने बताया कि प्रत्येक संस्थान में आंतरिक शिकायत समिति (ICC) का गठन अनिवार्य है, जहां पीड़ित महिला बिना किसी भय के अपनी शिकायत दर्ज करा सकती है।उन्होंने बालिकाओं को तृतीय लिंग के अधिकार, उपभोक्ता संरक्षण, नशा एवं धूम्रपान से होने वाले दुष्प्रभाव, एसिड अटैक, पीसीपीएनडीटी अधिनियम, शिक्षा का अधिकार, नालसा की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं, महिला सशक्तिकरण, घरेलू हिंसा, बालिका शिक्षा, कन्या भ्रूण हत्या की रोकथाम, महिला स्वच्छता एवं सैनिटरी नैपकिन के महत्व, स्थायी लोक अदालत एवं मध्यस्थता केंद्र के माध्यम से विवादों के सौहार्दपूर्ण निस्तारण, घरेलू हिंसा अधिनियम-2005, लैंगिक अपराधों से संरक्षण, गर्भ का चिकित्सीय समापन अधिनियम-1971, बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम, महिलाओं के गिरफ्तारी संबंधी अधिकार, पूर्वगर्भाधान एवं प्रसव पूर्व निदान तकनीक अधिनियम-1994 तथा विधिक सेवा प्राधिकरण अधिनियम-1987 की धारा 12 के अंतर्गत महिलाओं को मिलने वाली निःशुल्क विधिक सहायता के बारे में भी विस्तृत जानकारी दी।
विज्ञापन
यह भी पढ़ें
कार्यक्रम में डिप्टी चीफ एलएडीसी सत्यारमण त्रिपाठी, स्थायी लोक अदालत के सदस्य नीरज सिंह, विद्यालय की प्रधानाचार्या वंदना सिंह, शिक्षिकाएं अर्चना सिंह एवं निशा सिंह, पराविधिक स्वयंसेवक/अधिकार मित्र दीपन कुमार सहित विद्यालय की 215 छात्राएं उपस्थित रहीं।कार्यक्रम का उद्देश्य छात्राओं को उनके विधिक अधिकारों के प्रति जागरूक बनाना तथा महिलाओं की सुरक्षा एवं सम्मान से जुड़े कानूनों की जानकारी देकर उन्हें आत्मनिर्भर एवं सजग नागरिक बनने के लिए प्रेरित करना था।






