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उच्च जोखिम वाले ग्रामों में माइक्रोप्लान के अनुसार चलाया गया विशेष अभियान, आमजन को किया गया जागरूक

उच्च जोखिम वाले ग्रामों में माइक्रोप्लान के अनुसार चलाया गया विशेष अभियान, आमजन को किया गया जागरूक

7:44 PM, Aug 3, 2026

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Edited By: Shaktipal , Reported By: Son prabhat live

उच्च जोखिम वाले ग्रामों में माइक्रोप्लान के अनुसार चलाया गया विशेष अभियान, आमजन को किया गया जागरूक
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सोन प्रभात लाइव न्यूज़ डेस्क



जनपद सोनभद्र में 01 जुलाई, 2026 से संचारी रोग नियंत्रण अभियान तथा 11 जुलाई, 2026 से दस्तक अभियान निरंतर संचालित किया जा रहा है। अभियान के अंतर्गत गांवों में साफ-सफाई, झाड़ियों की कटाई, खराब हैंडपंपों का चिन्हीकरण एवं मरम्मत, नालियों की सफाई तथा बुखार, कुष्ठ, फाइलेरिया, क्षय, डायरिया सहित अन्य संक्रामक रोगों के संभावित रोगियों की पहचान का कार्य किया जा रहा है।
जिलाधिकारी श्री चर्चित गौड़ के निर्देशानुसार उच्च जोखिम वाले ग्रामों में माइक्रोप्लान के अनुरूप विशेष स्वच्छता एवं जागरूकता अभियान संचालित किया गया। इस दौरान सफाईकर्मियों, पंचायत सहायकों, आशा कार्यकर्ताओं, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं एवं ग्राम प्रधानों की सक्रिय सहभागिता रही। साथ ही ग्रामीणों को संक्रामक रोगों से बचाव, व्यक्तिगत एवं पर्यावरणीय स्वच्छता अपनाने तथा जलजनित एवं मच्छरजनित बीमारियों की रोकथाम के संबंध में जागरूक किया गया।
अभियान के अंतर्गत अब तक विद्यालयों में 2,076 संचारी रोग जागरूकता रैलियां आयोजित की जा चुकी हैं। ग्राम स्तर पर 621 प्रभात फेरियां एवं 623 ग्राम सभा बैठकों का आयोजन किया गया। इसके अतिरिक्त 3,067 स्थानों पर झाड़ियों की कटाई, 2,944 हैंडपंपों की मरम्मत, 1,142 हैंडपंप चबूतरों की मरम्मत, 801 शौचालयों का निर्माण, 1,673 ग्रामीण एवं 1,648 शहरी नालियों की सफाई तथा 144 नगरीय वार्डों में फॉगिंग का कार्य पूर्ण किया जा चुका है। साथ ही 259 सूकर पालकों का संवेदीकरण तथा 629 कृतंक नियंत्रण गोष्ठियों का आयोजन किया गया।
दस्तक अभियान के अंतर्गत आज 45 बुखार के रोगियों की पहचान की गई तथा 25 व्यक्तियों की आरडीटी किट से जांच की गई। अभियान के दौरान अब तक 5,321 बुखार के रोगियों का चिन्हीकरण, 5,133 आरडीटी जांच तथा 12 मलेरिया धनात्मक रोगियों की पहचान की गई है। इसके अतिरिक्त आईएलआई (खांसी-जुकाम) के लक्षण वाले 699 व्यक्तियों का चिन्हीकरण, 230 डायरिया संभावित रोगियों एवं 14 कुपोषित बच्चों की पहचान की गई। उपचार हेतु 210 कुपोषित बच्चों को संदर्भित किया गया। साथ ही क्षय, कुष्ठ एवं कालाजार के संदिग्ध रोगियों की नियमित निगरानी एवं सर्वेक्षण का कार्य भी किया जा रहा है।
जिला प्रशासन ने जनपदवासियों से अपील की है कि वे अपने घर एवं आसपास स्वच्छता बनाए रखें, जलभराव न होने दें, मच्छरों से बचाव के उपाय अपनाएं तथा बुखार अथवा अन्य संक्रामक रोग के लक्षण दिखाई देने पर तत्काल निकटतम स्वास्थ्य केंद्र से संपर्क करें।चाहें तो इसे और अधिक संक्षिप्त, समाचार-पत्र केंद्रित संस्करण में भी तैयार किया जा सकता है।

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