दुद्धी में भव्यता के साथ संपन्न हुआ श्रीराम-सीता विवाह प्रसंग, श्रद्धालुओं में बांटा गया पूड़ी-हलवे का प्रसाद
दुद्धी (सोनभद्र)। स्थानीय तहसील परिसर में आयोजित ऐतिहासिक श्रीरामलीला में सोमवार को मर्यादा पुरुषोत्तम प्रभु श्रीराम और माता सीता के विवाह प्रसंग का भव्य मंचन किया गया। वैदिक मंत्रोच्चार, मंगलगीतों और पारंपरिक विवाह रस्मों के बीच संपन्न हुए विवाह उत्सव ने श्रद्धालुओं को भक्तिरस में सराबोर कर दिया
8:58 AM, Oct 14, 2026
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Edited By: Shaktipal , Reported By: Jitendra Kumar chandrwanshi

दुद्धी (सोनभद्र)। स्थानीय तहसील परिसर में आयोजित ऐतिहासिक श्रीरामलीला में सोमवार को मर्यादा पुरुषोत्तम प्रभु श्रीराम और माता सीता के विवाह प्रसंग का भव्य मंचन किया गया। वैदिक मंत्रोच्चार, मंगलगीतों और पारंपरिक विवाह रस्मों के बीच संपन्न हुए विवाह उत्सव ने श्रद्धालुओं को भक्तिरस में सराबोर कर दिया। वहीं, माता सीता की विदाई के भावुक दृश्य ने दर्शकों की आंखें नम कर दीं। इस अवसर पर बारात में शामिल अतिथियों और श्रद्धालुओं को पूड़ी-हलवे का प्रसाद वितरित किया गया।शिवधनुष भंग के बाद अयोध्या पहुंचा विवाह का संदेशश्रीरामलीला के मंचन में दिखाया गया कि भगवान श्रीराम द्वारा शिवधनुष भंग किए जाने के बाद मिथिला नरेश राजा जनक ने अयोध्या के राजा दशरथ को विवाह का संदेश भेजा। संदेश मिलते ही राजा दशरथ गुरुजनों, परिजनों और बारातियों के साथ भव्य बारात लेकर जनकपुर पहुंचे। जनकपुरवासियों ने बारात का भव्य स्वागत किया, जिससे पूरे नगर में उत्सव और उल्लास का वातावरण छा गया।वैदिक मंत्रोच्चार के बीच संपन्न हुआ विवाहविवाह मंडप में वैदिक मंत्रोच्चार और मंगलगीतों के बीच विवाह की सभी रस्में विधि-विधान से संपन्न हुईं। राजा जनक ने कन्यादान की रस्म निभाई और प्रभु श्रीराम तथा माता सीता का पावन विवाह संपन्न हुआ। इसके साथ ही लीला में भगवान श्रीराम के चारों भाइयों के विवाह प्रसंग का भी उल्लेख किया गया। विवाह समारोह के दौरान श्रद्धालुओं ने जय श्रीराम के जयकारों से वातावरण को भक्तिमय बना दिया।माता सीता की विदाई ने भावुक किए दर्शकविवाह के बाद जब माता सीता की विदाई का प्रसंग आया तो राजा जनक, माता सुनयना और जनकपुरवासी भावुक हो उठे। बेटी की विदाई के मार्मिक दृश्य का मंचन इतना प्रभावशाली रहा कि दर्शकों की आंखें भी नम हो गईं। रामलीला के माध्यम से कलाकारों ने भारतीय संस्कृति में विवाह संस्कार, पारिवारिक प्रेम और बेटी की विदाई की भावनाओं को जीवंत रूप में प्रस्तुत किया।श्रद्धालुओं में वितरित किया गया प्रसादविवाह उत्सव के उपरांत उपस्थित अतिथियों और श्रद्धालुओं को पूड़ी-हलवे का प्रसाद वितरित किया गया। आयोजन के दौरान श्रद्धालुओं में खासा उत्साह देखने को मिला। श्रीरामलीला कमेटी के पदाधिकारियों ने बताया कि मंगलवार को राम वनवास प्रसंग का मंचन किया जाएगा, जिसमें प्रभु श्रीराम के वन गमन की कथा प्रस्तुत की जाएगी।आयोजन को सफल बनाने में श्रीरामलीला कमेटी के प्रबंधक कमलेश सिंह कमल, अध्यक्ष कन्हैयालाल अग्रहरि, महामंत्री सुरेंद्र गुप्ता और कोषाध्यक्ष आलोक अग्रहरि का विशेष योगदान रहा।इस अवसर पर विश्व हिंदू परिषद के प्रखंड अध्यक्ष संदीप गुप्ता, विष्णु अग्रहरि, मनीष जायसवाल, सोनू जायसवाल, अनिल हलवाई, विकास मद्धेशिया, पीयूष कसेरा और सुरेश तिवारी सहित बड़ी संख्या में नगरवासी एवं श्रद्धालु उपस्थित रहे। श्रीरामलीला का संचालन एवं निर्देशन महंत देवेंद्र मिश्रा तथा व्यास विवेकानंद मिश्रा द्वारा किया जा रहा है।
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