सोनभद्र: किसानों की मांगों को लेकर भारतीय किसान संघ का प्रदर्शन, डीएम को सौंपा चार सूत्रीय ज्ञापन
सिंचाई, बिजली, उर्वरक और एक्सप्रेसवे मुआवजे की मांग, किसानों ने प्रशासन से की शीघ्र कार्रवाई की अपील
sonbhadra
3:04 PM, Aug 6, 2026
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Edited By: Ashish Gupta , Reported By: Sanjay Singh

सोनभद्र। भारतीय किसान संघ के पदाधिकारियों ने बुधवार को कलेक्ट्रेट परिसर पहुंचकर किसानों की विभिन्न समस्याओं को लेकर प्रदर्शन किया और जिला प्रशासन को चार सूत्रीय मांगपत्र सौंपा। संगठन ने सिंचाई व्यवस्था को सुचारु करने, पर्याप्त बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने, उर्वरकों की उपलब्धता बढ़ाने तथा एक्सप्रेसवे परियोजना से प्रभावित किसानों को उचित मुआवजा दिलाने की मांग की।
संघ के जिलाध्यक्ष रामबहादुर सिंह ने कहा कि जिले में सामान्य से कम वर्षा होने के कारण खेती प्रभावित हो रही है। कई क्षेत्रों में सिंचाई के पर्याप्त साधन उपलब्ध न होने से किसान अभी तक धान की रोपाई पूरी नहीं कर सके हैं। उन्होंने मांग की कि सोन लिफ्ट सिंचाई परियोजना को पूरी क्षमता से संचालित किया जाए, ताकि नहरों में पर्याप्त पानी पहुंच सके और किसानों की फसलों को सूखने से बचाया जा सके।

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उन्होंने यह भी कहा कि वर्तमान में ग्रामीण क्षेत्रों में लगातार बिजली की अनियमित आपूर्ति और अघोषित कटौती से कृषि कार्य प्रभावित हो रहे हैं। किसानों को शासन के निर्देशानुसार प्रतिदिन 18 घंटे निर्बाध बिजली उपलब्ध कराई जानी चाहिए, जिससे सिंचाई कार्य समय पर हो सके।
भारतीय किसान संघ ने साधन सहकारी समितियों पर किसानों की जरूरत के अनुरूप उर्वरकों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने की मांग भी उठाई। संगठन का कहना है कि खाद की कमी से किसान समय पर खेती नहीं कर पा रहे हैं।
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इसके अलावा संघ ने एक्सप्रेसवे परियोजना से प्रभावित किसानों को उनकी कृषि भूमि का वर्तमान बाजार मूल्य के अनुरूप मुआवजा देने की मांग की। पदाधिकारियों का कहना था कि मौजूदा सर्किल रेट वास्तविक भूमि मूल्य की तुलना में काफी कम हैं। ऐसे में सभी प्रभावित गांवों के सर्किल रेट का पुनर्निर्धारण कर किसानों को उचित मुआवजा दिया जाना चाहिए।
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प्रदर्शन के दौरान जिला मंत्री प्रभु पाल सिंह मौर्य, जिला उपाध्यक्ष रामजी सिंह, जिला मंत्री सदानंद मौर्य, दयाराम सिंह, नंदलाल, मदनलाल, सुरेंद्र, हीरालाल, जयप्रकाश सिंह, दिनेश सिंह, आनंद प्रकाश सिंह सहित बड़ी संख्या में किसान एवं संगठन के पदाधिकारी उपस्थित रहे।
किसान संघ ने चेतावनी दी कि यदि किसानों की समस्याओं का शीघ्र समाधान नहीं किया गया तो संगठन आगे भी लोकतांत्रिक तरीके से अपनी आवाज बुलंद करेगा।






