Sonbhadra : 6 माह बाद भी आंगनवाड़ी सहायिका के 1188 पदों पर नहीं हो सकी भर्ती, आवेदकों में बढ़ा आक्रोश
विभागीय विज्ञापन के अनुसार बभनी में 76, दुद्धी में 93, म्योरपुर में 145, चोपन में 164, घोरावल में 225, चतरा में 67, नगवा में 119, रॉबर्ट्सगंज में 255 तथा शहरी क्षेत्र में 44 पदों पर भर्ती प्रस्तावित की गई थी। इन सभी को मिलाकर कुल 1188 पदों पर आंगनवाड़ी सहायिकाओं की नियुक्ति की जानी थी।
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1:20 PM, May 12, 2026
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Edited By: Ashish Gupta , Reported By: Jitendra Chandravanshi

Photo : Sonprabhat News
सोनभद्र। जनपद सोनभद्र में आंगनवाड़ी सहायिका के रिक्त पदों पर भर्ती प्रक्रिया शुरू होने के लगभग छह माह बाद भी नियुक्तियां न होने से अभ्यर्थियों में भारी नाराजगी देखी जा रही है। जिले के विभिन्न विकास खंडों में कुल 1188 पदों पर भर्ती के लिए आवेदन आमंत्रित किए गए थे, लेकिन अब तक चयन प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी है। इससे हजारों महिला अभ्यर्थी असमंजस और चिंता की स्थिति में हैं।
जानकारी के अनुसार, कार्यालय जिला कार्यक्रम अधिकारी बाल विकास सेवा एवं पुष्टाहार, सोनभद्र द्वारा दिनांक 13 नवंबर 2025 को जारी विज्ञप्ति एवं शासनादेश संख्या 1/1092245/2025/3313/58-1-2025(1917687) दिनांक 17 सितंबर 2025 के तहत जिले के विभिन्न ब्लॉकों में आंगनवाड़ी सहायिका पदों पर आवेदन मांगे गए थे। भर्ती प्रक्रिया के अंतर्गत बभनी, चतरा, चोपन, दुद्धी, म्योरपुर, नगवा, रॉबर्ट्सगंज, घोरावल एवं शहरी क्षेत्रों में रिक्त पदों के लिए आवेदन लिए गए थे।

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विभागीय विज्ञापन के अनुसार बभनी में 76, दुद्धी में 93, म्योरपुर में 145, चोपन में 164, घोरावल में 225, चतरा में 67, नगवा में 119, रॉबर्ट्सगंज में 255 तथा शहरी क्षेत्र में 44 पदों पर भर्ती प्रस्तावित की गई थी। इन सभी को मिलाकर कुल 1188 पदों पर आंगनवाड़ी सहायिकाओं की नियुक्ति की जानी थी।
आवेदकों का आरोप है कि आवेदन प्रक्रिया पूरी होने के बाद विभाग की ओर से अब तक कोई स्पष्ट सूचना जारी नहीं की गई है। न ही चयन सूची प्रकाशित की गई और न ही आगे की प्रक्रिया को लेकर कोई आधिकारिक जानकारी सामने आई है। लंबे समय से भर्ती प्रक्रिया लंबित रहने के कारण अभ्यर्थियों में रोष लगातार बढ़ता जा रहा है।
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ग्रामीण क्षेत्रों से आवेदन करने वाली महिलाओं का कहना है कि उन्होंने निर्धारित समय में सभी आवश्यक दस्तावेजों के साथ आवेदन किया था और उम्मीद थी कि जल्द ही चयन प्रक्रिया पूरी कर नियुक्तियां दे दी जाएंगी, लेकिन करीब छह माह बीत जाने के बाद भी स्थिति जस की तस बनी हुई है। कई अभ्यर्थियों ने यह भी कहा कि वे लगातार विभागीय कार्यालयों के चक्कर लगाने को मजबूर हैं, लेकिन उन्हें संतोषजनक जवाब नहीं मिल पा रहा है।
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स्थानीय लोगों और सामाजिक संगठनों का भी मानना है कि आंगनवाड़ी सहायिकाओं की नियुक्ति में हो रही देरी का असर बाल विकास एवं पोषण योजनाओं पर पड़ सकता है। कई केंद्रों पर सहायिकाओं के पद रिक्त होने से कार्य प्रभावित होने की आशंका जताई जा रही है।
अब अभ्यर्थियों की निगाहें जिला प्रशासन और बाल विकास विभाग पर टिकी हैं। सभी की मांग है कि भर्ती प्रक्रिया को जल्द पूरा करते हुए पारदर्शी तरीके से चयन सूची जारी की जाए, ताकि लंबे समय से इंतजार कर रहे अभ्यर्थियों को राहत मिल सके।






