डीएम चर्चित गौड़ के नेतृत्व में सोनभद्र की बड़ी छलांग, खसरा फीडिंग में प्रदेश में 75वें से 45वें स्थान पर पहुंचा जनपद
डीएम चर्चित गौड़ के नेतृत्व में सोनभद्र की बड़ी छलांग, खसरा फीडिंग में प्रदेश में 75वें से 45वें स्थान पर पहुंचा जनपद
8:12 PM, Jun 4, 2026
Share:
Edited By: Shaktipal , Reported By: Son prabhat live

सोनभद्र। आगामी जुलाई माह से लागू होने वाली नई मूल्यांकन सूची (सर्किल रेट) के निर्धारण की प्रक्रिया में सोनभद्र जनपद ने उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है। जिलाधिकारी चर्चित गौड़ के कुशल नेतृत्व, सतत मॉनिटरिंग और प्रभावी कार्ययोजना के परिणामस्वरूप खसरा संख्याओं की ऑनलाइन फीडिंग के विशेष अभियान में जनपद ने प्रदेशीय रैंकिंग में लंबी छलांग लगाते हुए 75वें स्थान से सीधे 45वें स्थान पर जगह बना ली है।जानकारी के अनुसार नई मूल्यांकन सूची के पुनरीक्षण एवं अद्यतन कार्य के तहत खसरा संख्याओं की ऑनलाइन फीडिंग का अभियान जनपद की सभी तहसीलों में युद्धस्तर पर चलाया जा रहा है। मात्र तीन दिनों के भीतर लगभग 75 प्रतिशत खसरा फीडिंग का कार्य पूर्ण कर लिया गया, जिसके चलते सोनभद्र प्रदेश के टॉप-5 जनपदों में शामिल हो गया है।संपत्तियों के वैज्ञानिक एवं वास्तविक मूल्यांकन में खसरा संख्याओं की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। इन्हीं आंकड़ों के आधार पर भूमि की वास्तविक स्थिति, उपयोगिता और मूल्य को प्रभावित करने वाले विभिन्न कारकों का आकलन किया जाता है। इसी उद्देश्य से प्रशासन द्वारा व्यापक स्तर पर डाटा संकलन एवं सत्यापन का कार्य कराया जा रहा है।विशेष अभियान के तहत केवल खसरा संख्या ही नहीं, बल्कि प्रत्येक भूमि की अवस्थिति से संबंधित विस्तृत जानकारी भी ऑनलाइन दर्ज की जा रही है। इसमें यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि भूमि राष्ट्रीय राजमार्ग, राज्य राजमार्ग अथवा अन्य सड़कों से कितनी जुड़ी हुई है। साथ ही भूमि के 50 मीटर के दायरे में मौजूद आवासीय एवं व्यावसायिक गतिविधियों का भी विवरण संकलित किया जा रहा है।जिलाधिकारी चर्चित गौड़ ने कहा कि नई मूल्यांकन सूची का निर्माण स्थानीय परिस्थितियों, भूमि की वास्तविक उपयोगिता तथा बाजार की स्थिति के अनुरूप किया जाएगा, ताकि आमजन को पारदर्शी, न्यायसंगत एवं व्यवहारिक व्यवस्था का लाभ मिल सके। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्धारित समय सीमा के भीतर शत-प्रतिशत कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए हैं।उपनिबंधक कार्यालय, राजस्व विभाग तथा संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों के समन्वित प्रयासों से यह कार्य तेजी से आगे बढ़ रहा है। प्रशासन का मानना है कि इस प्रक्रिया से संपत्तियों के मूल्यांकन में पारदर्शिता बढ़ेगी और नागरिकों को अधिक सटीक एवं निष्पक्ष व्यवस्था का लाभ मिलेगा।
यह भी पढ़ें






