दोषियों पर होगी कठोर कार्रवाई, स्वास्थ्य सेवाओं में लापरवाही बर्दाश्त नहीं : डीएम
दोषियों पर होगी कठोर कार्रवाई, स्वास्थ्य सेवाओं में लापरवाही बर्दाश्त नहीं : डीएम
9:27 PM, Jun 19, 2026
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Edited By: Shaktipal , Reported By: Son prabhat live

प्रसूता मौत मामले में बड़ी कार्रवाई, जिलाधिकारी के निर्देश पर निजी अस्पताल सील
अस्पताल संचालक पर एफआईआर दर्ज, जांच के लिए गठित हुई टीम
सोनभद्र, 19 जून। करमा थाना क्षेत्र के केकराही स्थित एक निजी अस्पताल में प्रसूता एवं नवजात की मौत के मामले को जिलाधिकारी चर्चित गौड़ ने गंभीरता से लेते हुए तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। जिलाधिकारी के सख्त रुख के बाद संबंधित निजी चिकित्सालय को सील कर दिया गया है, जबकि अस्पताल संचालक के विरुद्ध प्राथमिकी भी दर्ज कर ली गई है।बताया गया कि प्रसूता की मौत के संबंध में प्रकाशित समाचार और परिजनों द्वारा लगाए गए आरोपों को संज्ञान में लेते हुए जिलाधिकारी ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी को तत्काल जांच टीम गठित कर मौके पर भेजने तथा आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए थे।
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जिलाधिकारी के निर्देश पर अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी एवं नोडल अधिकारी डॉ. गुलाब शंकर के नेतृत्व में स्वास्थ्य विभाग की टीम ने अस्पताल का निरीक्षण किया। जांच के दौरान प्रथम दृष्टया मामला गंभीर पाए जाने पर संबंधित निजी अस्पताल को तत्काल प्रभाव से सील कर दिया गया।
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मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने बताया कि प्रसूता की मृत्यु के कारणों, उपचार प्रक्रिया तथा चिकित्सीय लापरवाही के आरोपों की जांच के लिए विभागीय टीम गठित कर दी गई है। जांच रिपोर्ट के आधार पर दोषी पाए जाने वाले व्यक्तियों और संस्थान के विरुद्ध कठोर विधिक एवं प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी।जिलाधिकारी चर्चित गौड़ ने स्पष्ट कहा कि जनपद में स्वास्थ्य सेवाओं के संचालन में किसी भी प्रकार की लापरवाही, अनियमितता अथवा मरीजों के जीवन से खिलवाड़ किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि आमजन को सुरक्षित, पारदर्शी और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
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इधर, मृतका के परिजनों द्वारा दी गई तहरीर के आधार पर संबंधित अस्पताल संचालक के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कर ली गई है। पुलिस एवं स्वास्थ्य विभाग संयुक्त रूप से मामले की गहन जांच में जुटे हुए हैं।
जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देशित किया है कि जांच निष्पक्ष, पारदर्शी एवं समयबद्ध तरीके से पूरी की जाए और दोषी पाए जाने वाले व्यक्तियों के विरुद्ध नियमानुसार कड़ी से कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। इस कार्रवाई के बाद जिले के निजी अस्पतालों में भी हड़कंप मच गया है।






