धनखोर के दीपक की संदिग्ध मौत, परिजनों ने जताई हत्या की आशंका, तीन दिन बाद शव पहुंचा घर।
घर का इकलौता चिराग बुझा, परिजन बहुत गरीब हैं। दोबारा पोस्टमार्टम और सन्दिग्ध स्थितियों मौत की पुनः जांच को लेकर परिजन अमादा। सोनभद्र पुलिस अधीक्षक से न्याय की गुहार।
sonbhadra
9:01 AM, Aug 14, 2026
Share:
Edited By: Ashish Gupta , Reported By: Ashish Gupta

Photo : Sonprabhat News
सोनभद्र। म्योरपुर धनखोर गांव निवासी दीपक पुत्र रामस्वारथ की महाराष्ट्र के पुणे में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। दीपक परिवार का इकलौता पुत्र था और रोजगार के लिए मार्च महीने में पुणे काम करने गया था। 11 अगस्त को परिजनों को उसकी मौत की सूचना मिली। इसके बाद 13/14 अगस्त की मध्यरात्रि शव को गांव लाया गया।
परिजनों के अनुसार, दीपक की मौत को लेकर परिस्थितियां स्पष्ट नहीं हैं। परिजनों ने उसके शरीर पर चोट के निशान होने का दावा करते हुए अस्पताल की रिपोर्ट पर भी सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि शरीर पर चोट के निशान दिखाई दे रहे हैं, जबकि रिपोर्ट में चोट का स्पष्ट उल्लेख नहीं किया गया है। परिजनों को आशंका है कि घटना के वास्तविक स्वरूप को बदलने का प्रयास किया जा रहा है।

परिजनों ने दीपक के साथ रहकर काम करने वाले नीरज और अखिलेश की भूमिका को संदिग्ध बताते हुए पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। हालांकि, दोनों की भूमिका को लेकर लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है।
विज्ञापन
बताया जा रहा है कि दीपक अपने परिवार का इकलौता चिराग था। परिवार की आर्थिक स्थिति भी कमजोर बताई जा रही है। ऐसे में बेटे की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत से परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
यह भी पढ़ें

परिजनों ने संबंधित अधिकारियों से मांग की है कि दीपक की मौत की परिस्थितियों की गहन जांच कराई जाए, पोस्टमार्टम रिपोर्ट एवं अन्य मेडिकल दस्तावेजों की जांच की जाए तथा यदि किसी की भूमिका सामने आती है तो उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाए।
विज्ञापन

नोट: यह खबर परिजनों द्वारा लगाए गए आरोपों और उपलब्ध जानकारी पर आधारित है। मौत के वास्तविक कारण और किसी व्यक्ति की भूमिका की पुष्टि आधिकारिक जांच के बाद ही हो सकेगी।






