सोनभद्र गोविंदपुर स्थित बनवासी सेवा आश्रम में रचनात्मक कार्यों को बढ़ावा देने के संकल्प के साथ संपन्न हुआ दो दिवसीय सम्मेलन.
सम्मेलन में ग्राम उद्योग की प्रदर्शनी रहा आकर्षण का केंद्र
sonebhadra
5:49 PM, Nov 2, 2026
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Edited By: U. Gupta , Reported By: यू .गुप्ता

दूसरे दिन सर्वधर्म प्रार्थना के बाद सामूहिक प्रयास से गांवों के विकास पर हुआ मंथन,सम्मेलन में ग्राम उद्योग की प्रदर्शनी रहा आकर्षण का केंद्र
म्योरपुर/सोनभद्र। स्थानीय विकासखंड के गोविंदपुर स्थित बनवासी सेवा आश्रम में आयोजित दो दिवसीय ग्राम स्वराज सम्मेलन का समापन रविवार को सर्वधर्म प्रार्थना के साथ हुआ। विचित्रा महाकक्ष में आयोजित सम्मेलन में ग्रामीण स्वावलंबन, जैविक खेती, रोजगार, शिक्षा और पर्यावरण संरक्षण के माध्यम से गांवों के विकास पर चर्चा की गई साथ ही खादी ग्राम उद्योग परिसर में प्रदर्शनी का आयोजन आकर्षण का केंद्र रहा,जिसमे गांधी के ग्राम स्वराज्य की झलक दिखी।वक्ताओं ने सामूहिक प्रयास की भी जानकारी साझा की,आश्रम की मंत्री शुभा बहन ने स्वावलंबन और सिंगरौली परिक्षेत्र में बढ़ते प्रदूषण पर चिंता जताते हुए कहा कि एनजीटी के आदेश के अनुसार प्रदूषण प्रभावित लोगों का आंकड़ा तैयार होना चाहिए, ताकि उन्हें उचित मुआवजा मिल सके। प्रो संजय ने स्वच्छ और स्वावलंबी गांव बनाने की वकालत करते हुए आत्म निर्भर गांव निर्माण की बात कहीं, तीसरी सरकार के राष्ट्रीय संयोजक चंद्रशेखर प्राण ने कहा कि स्वराज्य लाने के स्वतंत्र होकर उसके तंत्र को मजबूत करना होगा जो हमारे नियंत्रण में हो। उसके लिए स्थानीय संसाधनों को आधार बना कर गाँव स्वावलम्बी बने इसका प्रयास होना चाहिए।रांची से रोहित मंडल ने किसान उत्पादक कंपनी (एफपीसी) की जानकारी देते हुए किसानों को खेती और सब्जी उत्पादन से जुड़ने का आह्वान किया।फत्ते सिंह ने वैज्ञानिक खेती का अनुभव साझा करते हुए बताया कि पहले उनके दोनों बच्चे मजदूरी के लिए बाहर जाते थे, लेकिन अब सब्जी उत्पादन से प्रतिमाह अच्छी आमदनी हो रही है। वक्ताओं ने जंगलों की कटाई रोकने, जैविक खेती अपनाने और ग्राम कोष के माध्यम से स्थानीय रोजगार बढ़ाने पर जोर दिया।

रचनात्मक कार्यों को बढ़ावा देने के संकल्प के साथ संपन्न हुआ दो दिवसीय सम्मेलन, सम्मेलन में ग्राम उद्योग की प्रदर्शनी रहा आकर्षण का केंद्र
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आशुतोष और फूलकुंवारी ने मनरेगा, जॉब कार्ड, शिक्षा, आवास और पंचायत विकास के कार्यों की जानकारी दी। बेचन भाई ने जैविक खेती, जबकि दीपनारायण ने गांव के धन और अनाज का गांव में ही उपयोग करने की बात कही। अध्यक्षता करते हुए अरविंद अंजुम ने कहा कि सामाजिक परिवर्तन के लिए खुद को भी बदलना होगा।सम्मेलन में उड़ीसा से मनोज महराणा, धुर्वा नंद शरण, , डॉ. विभा, यशवंत मिश्रा,पन्ना लाल जायसवाल, डा ब्रह्मजीत सिंह, उमेश चौबे,सावित्री बहन,मुरलीश्याम तिवारी और प्रशांत दुबे,सत्यनारायण यादव, राम पाल जौहरी, विमल सिंह, लाल बहादुर,केदार यादव, सुरेश,नीता, सहित अन्य लोग मौजूद रहे। संचालन शिव शरण सिंह ने की।






