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वनाधिकार के लिए आदिवासियों ने बनाई,आदिवासी न्याय मंच’, नगवा क्षेत्र के दर्जनों गांवों के लोगों ने लिया संघर्ष का संकल्प

वनाधिकार के लिए आदिवासियों ने बनाई,आदिवासी न्याय मंच’, नगवा क्षेत्र के दर्जनों गांवों के लोगों ने लिया संघर्ष का संकल्प

8:22 PM, Jun 14, 2026

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Edited By: Shaktipal , Reported By: Ved vyas singh maurya


वनाधिकार के लिए आदिवासियों ने बनाई,आदिवासी न्याय मंच’, नगवा क्षेत्र के दर्जनों गांवों के लोगों ने लिया संघर्ष का संकल्प
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सोन प्रभात लाइव न्यूज़ डेस्क


सोनभद्र। जिले के आदिवासी बाहुल्य नगवा ब्लॉक अंतर्गत ग्राम पंचायत कजियारी के राजस्व गांव तेंदुडाही स्थित स्वर्गीय नीलांबर-पीतांबर भवन में दो दिवसीय बैठक का आयोजन किया गया। बैठक में कोदई, ढोसरा, मांची, सुअरसोत, गोंगा, कजियारी, काशी, सियरिया, सोमा, तेंदुडाही, बिश्रामपुर, बलियारी, सुअरसोत कला, करही सहित दर्जनों गांवों के ग्रामीणों ने भाग लेकर वनाधिकार से जुड़ी समस्याओं पर विस्तार से चर्चा की।बैठक में वक्ताओं ने कहा कि वनाधिकार अधिनियम-2006 लागू होने के बावजूद आज भी आदिवासी समुदाय को उनके मालिकाना हक से वंचित किया जा रहा है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि वन विभाग द्वारा आए दिन आदिवासियों को प्रताड़ित किया जाता है, जिससे उनमें असुरक्षा और भय का माहौल बना हुआ है।इन परिस्थितियों को देखते हुए उपस्थित लोगों ने सर्वसम्मति से ‘आदिवासी न्याय मंच, नगवा’ का गठन किया। मंच के अध्यक्ष पद पर रामजतन खरवार, सचिव पद पर राजेश्वर, कोषाध्यक्ष पद पर विंदु सिंह, उपाध्यक्ष पद पर अयोध्या प्रसाद तथा संरक्षक पद पर रामजनम को मनोनीत किया गया।नवनिर्वाचित अध्यक्ष रामजतन खरवार ने कहा कि ग्राम सभाओं में गठित वन समितियों को सक्रिय भूमिका निभानी होगी। जो समितियां निष्क्रिय हैं, उन्हें भी सक्रिय कर संगठित रूप से अपने हक और अधिकारों के लिए आवाज उठानी होगी। उन्होंने कहा कि जल, जंगल और जमीन से जुड़े मुद्दों पर संघर्ष करते हुए ही वनाधिकार संबंधी समस्याओं का समाधान संभव है। आदिवासी न्याय मंच नगवा शांति, सद्भाव और लोकतांत्रिक तरीके से सभी प्रभावित परिवारों के साथ खड़ा रहेगा।उपाध्यक्ष अयोध्या प्रसाद ने कहा कि अनुसूचित जनजाति एवं अन्य परंपरागत वन निवासी अपने दस्तावेजों को शीघ्र पूरा कर वनभूमि पर मालिकाना हक प्राप्त करने के लिए आगे आएं और अपने अधिकारों के प्रति जागरूक बनें।बैठक में उपस्थित मानवाधिकार रक्षक कमलेश कुमार ने कहा कि संगठित संघर्ष से ही मंजिल हासिल की जा सकती है। उन्होंने विश्वास जताया कि सभी लोग एकजुट होकर प्रयास करेंगे तो वनाधिकार के तहत मालिकाना हक अवश्य प्राप्त होगा।बैठक में ग्राम प्रधान मांची भुनेश्वर प्रसाद, तौहीद अली, बुद्धू सिंह, राजभुवन, भोला सिंह, जवाहिर मिस्त्री, राधेश्याम सिंह, रामबली, घूरभरी, संजय, रामपती, सुशीला, सुरसती, राजकुमारी, इनरी, सकराती, कौशल्या देवी, रामसूरत, अशोक कुमार, सुरेश, रामचंदर, पंचू, रामजग सिंह, श्यामलाल सिंह, इनरदेव, मंगरू, नामवर विश्वकर्मा, जसवंत, जगदीश सिंह, विमलेश, बुद्धिमारायण, मुखलाल सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।

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